फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amartya Sen Said Cong-AAP should have fought Delhi polls together, their unity strongly needed News In Hindi

West Bengal: 'दिल्ली में मिलकर लड़ना था चुनाव', प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने की कांग्रेस-आप के बीच गठबंधन की वकालत

Wed, 12 Feb 2025 06:32 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 12 Feb 2025 06:32 PM IST
सार

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत और आप-कांग्रेस की हार पर नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच एकता को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों को दिल्ली चुनाव एक साथ मिलकर लड़ना चाहिए था।

विज्ञापन
Amartya Sen Said Cong-AAP should have fought Delhi polls together, their unity strongly needed News In Hindi
अमर्त्य सेन - फोटो : एएनआई

विस्तार

बीते आठ फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के रिजल्ट का एलान हुआ। इसमें भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस समेत छोटी-बड़ी पार्टियों को मात देकर दिल्ली की सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ वापसी की। इसी बीच आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की इस हार पर नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने प्रतिक्रिया दी है। 

विज्ञापन


प्रोफेसर ने की एकता की वकालत 
नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच एकता की मजबूत जरूरत की बात की है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों को दिल्ली चुनाव एक साथ मिलकर लड़ना चाहिए था। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में अपने पैतृक घर पर एक इंटरव्यू के दौरान सेन ने कहा कि यदि भारत में धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखना है, तो न केवल एकता होनी चाहिए, बल्कि उन बुनियादी बातों पर सहमति भी होनी चाहिए, जिन्होंने भारत को बहुलवाद का बेहतरीन उदाहरण बनाया है।
विज्ञापन


हार का कराण एकता में कमी- सेन
सेन ने आगे कहा कि दिल्ली चुनाव के नतीजों को ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर नहीं पेश किया जाना चाहिए, लेकिन निश्चित तौर पर इसका अपना महत्व है। अगर आप जीत जाते, तो उस जीत का अपना मतलब होता। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली चुनाव में आप की हार के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण उन लोगों के बीच एकता की कमी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

आप की नीतियों में कमी- सेन
 साथ ही सेन ने कहा कि आप की स्पष्ट नीतियों की कमी भी हार का कारण थी। आप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आप पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष हैं और सभी भारतीयों के लिए हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व को ज्यादा महत्व दिया गया था, और आप ने धार्मिक सांप्रदायिकता के खिलाफ कितनी प्रतिबद्धता है यह भी स्पष्ट नहीं किया। 


आप की स्कूली शिक्षी नीति की सराहाना
हालांकि, सेन ने आप के स्कूली शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि कांग्रेस को इन मुद्दों पर आप के साथ मिलकर काम करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी और उसके परिवार ने दिल्ली में आप के प्रयासों की तारीफ की, खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में। सेन के अनुसार, कांग्रेस और आप मिलकर यह कह सकते थे कि "हमें उनके स्कूल और अस्पताल पसंद हैं, हम इनको और बेहतर बनाना चाहते हैं।


चुनावी नतीजे प्रभावित होने का कारण
इसके साथ ही सेन ने यह भी कहा कि दिल्ली चुनाव में विपक्षी दलों का ध्यान सार्वजनिक सेवाओं की बजाय शराब लाइसेंस और कर कानूनों पर था, जिससे चुनावी नतीजे प्रभावित हुए। उन्होंने यह सुझाव दिया कि आप को धर्मनिरपेक्षता, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए था और इन मुद्दों पर कांग्रेस के साथ मिलकर काम करना चाहिए था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed