{"_id":"609bcf1c8a222c22994cccf5","slug":"amar-ujala-survey-89-6-people-in-favor-of-door-to-door-vaccination-campaign-is-possible-like-sero-survey","type":"story","status":"publish","title_hn":"#AmarUjalaPoll: 89.6 फीसदी लोग घर-घर टीकाकरण के पक्ष में, सीरो सर्वे की तरह संभव है अभियान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
#AmarUjalaPoll: 89.6 फीसदी लोग घर-घर टीकाकरण के पक्ष में, सीरो सर्वे की तरह संभव है अभियान
Wed, 12 May 2021 07:51 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 12 May 2021 07:51 PM IST
सार
देश में कोरोना महामारी के चलते घर-घर टीकाकरण की जरूरत महसूस होने लगी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में सरकार इसकी व्यावहारिक दिक्कतों के चलते इनकार कर चुकी है।
विज्ञापन
vaccine, vaccination
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश में जारी कोरोना की दूसरी लहर में रोज तीन लाख से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं और चार हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या घर-घर टीकाकरण अभियान शुरू कर महामारी पर काबू पाया जा सकता है? यही सवाल अमर उजाला डॉट कॉम ने एक पोल के माध्यम से अपने पाठकों से पूछा था। इसके जवाब में करीब 90 फीसदी लोगों ने घर-घर टीकाकरण के पक्ष में मत दिया है।
विज्ञापन
महामारी के दौर में सभी लोग चिंतित हैं कि इस पर कैसे काबू पाया जा सकेगा? महामारी का ये कहर आखिर कब तक चलेगा? कब तक लोग इसके शिकार होते रहेंगे? ऐसे तमाम सवालों का जवाब विशेषज्ञों के अनुसार यह है कि कोरोना वायरस पर वैक्सीनेशन से ही काबू पाया जा सकता है। ब्रिटेन, अमेरिका व इस्राइल जैसे देश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वहां महामारी पर काबू पाया जाने लगा है। इन देशों में टीकाकरण को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है।
विज्ञापन
भारत में अब तक करीब 18 करोड़ को लगे टीके
भारत में भी टीकाकरण तेजी से जारी है। सरकार के अनुसार देश में सबसे तेजी से टीकाकरण हो रहा है। अब तक करीब 18 करोड़ लोगों को टीके लग चुके हैं। हालांकि देश के 130 करोड़ की आबादी का यह करीब 14 प्रतिशत है। देश में टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। करीब 116 दिनों में यह मुकाम पाया है। ऐसे में पूरी आबादी के टीकाकरण में कितना वक्त लगेगा अंदाजा लगाया जा सकता है। देश में वैक्सीन की कमी के कारण भी अभियान पर असर हो रहा है।
विज्ञापन
क्या कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार को घर-घर टीकाकरण कार्यक्रम चलाना चाहिए? #AmarUjalaPoll
— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) May 11, 2021
इसलिए जरूरी है घर-घर टीकाकरण
सरकार ने कोरोना मरीजों का पता लगाने के लिए घर-घर सीरो सर्वे कराया था। इसके अच्छे नतीजे आए थे। उसी तर्ज पर पोलियो की तरह घर-घर खुराक देकर महामारी पर ज्यादा जल्दी से काबू पाने के उपाय किए जा सकते हैं।
पोल में 89.6 फीसदी लोग घर-घर टीकाकरण के पक्ष में
अमर उजाला पोल में शामिल होने वाले 89.6 फीसदी लोगों ने देश में घर-घर टीकाकरण शुरू करने के पक्ष में राय दी है। मात्र 10.4 लोगों ने इसके खिलाफ राय दी है। इससे समझा जा सकता है कि अधिकतर लोग घर-घर टीकाकरण चाहते हैं।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हाथ खड़े किए
हालांकि, केंद्र सरकार ने लोगों के घर-घर जाकर टीकाकरण करने की संभावना से सुप्रीम कोर्ट में इनकार कर दिया है। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि अच्छे, उचित और तर्कसंगत कारणों के लिए टीकाकरण कोविन पोर्टल पर पंजीकृत सरकारी एवं निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) में किया जाएगा।
कोर्ट ने पूछा था सवाल
दरअसल शीर्ष अदालत ने केंद्र से सवाल किया थ्ज्ञा कि क्या वह कोविड-19 टीकाकरण के लिए देशव्यापी जन जागरूकता अभियान चलाने और लोगों का उनके घर पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण इलाकों एवं वंचित वर्गों तक सचल वैन, वाहनों और रेलवे का उपयोग करके पहुंच सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है ताकि लोगों को कम यात्रा करनी पड़े और कोविड-19 से संक्रमण की आशंका कम हो।
सरकार ने बताई ये मुश्किलें
केंद्र ने अपने 218 पृष्ठों के विस्तृत जवाबी हलफनामे में कहा कि किसी घर में या दरवाजे के पास टीकाकरण करना मुश्किल होगा। कोई प्रतिकूल प्रभाव होने पर हो सकता है कि मामले का प्रबंधन उचित तरीके से नहीं हो सके। अस्पताल पहुंचने में देरी हो सकती है, भले ही पास में एम्बुलेंस तैनात हो।
हर घर में टीम 30 मिनट रहे यह संभव नहीं
सरकार ने कहा कि लाभार्थी अपने निवास पिन कोड के आधार पर कोविन सॉफ्टवेयर के माध्यम से पहचाने गए सीवीसी में स्लॉट बुक कर सकते हैं जिससे उन्हें पास के सीवीसी में टीकाकरण की सुविधा मिलेगी। केंद्र ने कहा कि टीकाकरण के बाद 30 मिनट के लिए प्रत्येक लाभार्थी की निगरानी रखने के प्रोटोकॉल को बनाए रखना संभव नहीं है, क्योंकि प्रत्येक घर में एक या दो लाभार्थी हो सकते हैं और टीकाकरण टीम के लिए प्रत्येक और हर घर में 30 मिनट से अधिक समय रहना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो सकता है। इसके अलावा कई अन्य कारण भी केंद्र ने गिनाए और घर घर टीकाकरण से इनकार किया।