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प्रभु की इच्छा- आम बजट में समाहित किया जाए रेल बजट
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Jul 2016 05:58 PM IST
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख कर सालों से अलग रेल बजट पेश करने की परंपरा को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने इसे आम बजट में ही समाहित करने को कहा है।
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रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रभु ने जेटली को लिखे पत्र में कहा है कि अलग से रेल बजट पेश करने की 92 साल पुरानी परंपरा खत्म होनी चाहिए।
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बता दें कि 1921 में ब्रिटिश रेलवे अर्थशास्त्री विलियम एक्वर्थ को इंडियन रेवले कमेटी का चेयरमैन बनाया गया, जिसके बाद एक्वर्थ ने पाया कि रेलवे सिस्टम में बेहतर मैनेजमेंट की जरूरत है। कमेटी की तरफ से रेलवे को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे एक्वर्थ रिपोर्ट कहा गया।
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इस रिपोर्ट में रेलवे के पुनर्संगठन के बारे में कुछ बिंदुओं पर सुझाव दिए गए। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए 1924 में रेलवे को आम बजट से अलग करने का निर्णय लिया गया।
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