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अमर उजाला पोलः 'पटाखे बैन' जैसा कदम सख्ती से लागू किया जाना चाहिए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 21 Oct 2017 07:51 PM IST
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दिवाली के बाद देश में बढ़े प्रदूषण के स्तर के बीच एक चौंकाने और चिंता में डालने वाली रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्यावरण में फैला प्रदूषण जो कि हवा से लेकर पानी तक में घुल चुका है उसने 2015 में 9 मिलियन लोगों की जान ले ली है।
इससे मरने वाले सबसे ज्यादा भारत के हैं। यहां 2.5 मिलियन लोग प्रदूषण की भेंट चढ़े वहीं दूसरे नंबर पर चीन है जहां 1.8 मिलियन लोगों ने इसकी चपेट में आकर जान गंवाई।
सुप्रीम कोर्ट के 'पटाखे बैन' जैसे कदम को लेकर अमर उजाला ने पोल का आयोजन किया। हमने अपने पाठकों से सवाल पूछा कि क्या आप मानते हैं प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 'पटाखे बैन' जैसे कदम और सख्ती से लागू होने चाहिए?
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पोल में कुल 12275 पाठकों ने हिस्सा लिया। 73.09 फीसदी (8972 वोट) पाठकों ने माना कि 'पटाखे बैन' जैसे कदम को और सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। 24.9 फीसदी (3056 वोट) पाठकों ने कहा कि इसे सख्ती से लागू नहीं किया जाना चाहिए। वहीं 2.01 फीसदी (247 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर काई राय व्यक्त नहीं की।
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इससे मरने वाले सबसे ज्यादा भारत के हैं। यहां 2.5 मिलियन लोग प्रदूषण की भेंट चढ़े वहीं दूसरे नंबर पर चीन है जहां 1.8 मिलियन लोगों ने इसकी चपेट में आकर जान गंवाई।
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सुप्रीम कोर्ट के 'पटाखे बैन' जैसे कदम को लेकर अमर उजाला ने पोल का आयोजन किया। हमने अपने पाठकों से सवाल पूछा कि क्या आप मानते हैं प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 'पटाखे बैन' जैसे कदम और सख्ती से लागू होने चाहिए?
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पोल में कुल 12275 पाठकों ने हिस्सा लिया। 73.09 फीसदी (8972 वोट) पाठकों ने माना कि 'पटाखे बैन' जैसे कदम को और सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। 24.9 फीसदी (3056 वोट) पाठकों ने कहा कि इसे सख्ती से लागू नहीं किया जाना चाहिए। वहीं 2.01 फीसदी (247 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर काई राय व्यक्त नहीं की।