अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम में हुआ खुलासा, अंतरिक्ष ही नहीं आम लोगों की सेवा में जुटा है इसरो
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन सिर्फ चांद और मंगल पर पहुंचने, दुश्मनों से रक्षा के लिए जानकारी तंत्र बनाने या फिर या सैटेलाइट बनाने के काम में ही नहीं जुटा है बल्कि यह आम लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली कई योजनाओं पर नजर रखने के काम में भी अहम भूमिका निभा रहा है। इसरो के वैज्ञानिक भारतीय जीवन को प्रभावित करने वाली कई योजनाओं पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और कैसे नई तकनीक के माध्यम से जीवन स्तर में सुधार किया जाए इसपर भी काम कर रहा है। अमर उजाला फाउंडेशन के ‘नजरिया, जो जीवन बदल दे’ कार्यक्रम में इसरो के वैज्ञानिक इम्तियाज खान ने इसरो की उपलब्धियों और समाज हित में किए जा रहे कई कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
इम्तियाज ने बताया कि इसरो सिर्फ अंतरिक्ष में ही अनुसंधान नहीं कर रहा बल्कि धरती पर जीवन उपयोगी कामों में भी अहम भूमिका निभा रहा है। चाहें मछुआरों को यह बताना हो किस जगह हैं मछली ज्यादा या किसानों को बताना हो धान की खेती के लिए कैसे को खेती या फिर बात करें मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन के आने की चेतावनी ऐसे कई काम कर रहा है इसरो। कई विभागों के साथ मिलकर इसरो कई शोध के काम भी कर रहा है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक इम्तियाज ने बताया कि किस तरह से इसरो आम लोगों के लिए काम कर रहा है चाहें बिल्डिंग की मॉनिटरिंग हो या फिर मछुआरों को बताना कि वह अंतरराष्ट्रीय रेखा क्रास कर रहे हैं। यही नहीं मछुआरों को तूफान की जानकारी देने से लेकर मानव रहित रेलवे क्रासिंग में चार किलोमीटर पहले ही चेतावनी देने के लिए अलार्मिंग सिस्टम बनाने तक के काम में जुटा है इसरो।
इम्तियाज ने बताया कि हमारा सिस्टम मनरेगा के काम काज पर नजर रखने के लिए तकनीक विकसित कर रहा है जिससे यह पता चल सकेगा कि इसके अंदर आ रहा काम कहां तक पहुंचा है। कंस्ट्रक्शन के काम में भी इसरो अहम भूमिका निभा रहा है। अमर उजाला फाउंडेशन नजरिया कार्यक्रम के जरिए लोगों के जीवन में रोशनी फैलाने का काम में जुटा है।