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Amar Ujala Exclusive: सबसे कम उम्र में कमर्शियल पायलट बनीं साक्षी कोचर से खास बातचीत, कार देखकर पाला ये सपना
Mon, 03 Jul 2023 04:10 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 03 Jul 2023 04:10 PM IST
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सार
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साक्षी कोचर
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
18 वर्षीय साक्षी कोचर देश की सबसे युवा कमर्शियल पायलट बन गई हैं। उनको इसका प्रमाण पत्र बेहद खास दिन उनके 18 वें जन्मदिन पर मिला। इससे पहले सबसे कम उम्र में कमर्शियल पॉयलट बनने का रिकॉर्ड मैत्री पटेल के नाम था जिन्होंने 19 साल की उम्र में यह कारनामा किया था।हिमाचल की रहने वाली साक्षी से इस उपलब्धि पर अमर उजाला ने खास बातचीत की। बातचीत में साक्षी ने अपने जीवन से जुड़े कई विषयों के बारे में चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कई दिलचस्प जवाब दिए।
साक्षी कोचर
- फोटो :
AMAR UJALA
साक्षी कोचर से बातचीत के खास अंश:
सवाल: कमर्शियल पायलट होता क्या है?
जवाब: जो पायलट प्लेन उड़ा रहे होते हैं वही कमर्शियल पॉयलट होते हैं। दरअसल, पायलटों के लिए कई तरह के लायसेंस होते हैं। शुरुआत होती है प्राइवेट पॉयलट लायसेंस से जिसे मैंने भी लिया था। ये उनके लिए होता है जो शैकिया प्राइवेट प्लेन उड़ाना चाहते हैं। वहीं, जो इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं वो कमर्शियल पॉयलट लायसेंस लेते हैं और यही कमर्शियल पॉयलट कहलाते हैं। मुझे अमेरिका का लायसेंस मिला था जिसे भारत के लिए बदलवाना होगा उसके बाद मैं एयरलाइन उड़ा सकूंगी।
सवाल: क्या 18 साल की साक्षी कई लोगों को हवाई सफर कराने की जिम्मेदारी ले सकती हैं?
जवाब: हां, मुझे लगता है कि मैं जिम्मेदारी उठा सकती हूं।
सवाल: पायलट बनने का ख्याल कहां से आया?
जवाब: इसके कई कारण हैं, मेरे बचपन में कई सारी चीजें चलती रहती थीं। कई फिल्में देखी और जब मैं खुद वायुयान में बैठी तो मैंने सोचा कि यह उड़ता कैसे है। यह कार से कैसे अलग होता है क्योंकि मैंने पापा को कार चलाते देखा था पर प्लेन उड़ाते नहीं देखा था। जब कोई पायलट बनता तो उसकी खबरें पढ़ती थी। पहली महिला पायलट बनने वाला एक सीरियल भी मैंने देखा था। उसके बाद मुझे लगा कि मुझे इस क्षेत्र में जाना चाहिए।
सवाल: पायलट बनने में खर्च कितना होता है?
जवाब: विमानन क्षेत्र में हर चीज महंगी होती है। अपने प्रशिक्षण ले लिया, आपको प्रमाणपत्र मिल गया इतना काफी नहीं होता है बल्कि उसके आगे भी प्रक्रिया होती है। मुझे इसमें अब तक 50 से 70 लाख रुपए खर्च करने पड़े हैं और आगे इससे भी ज्यादा हो सकता है। लेकिन मैं आगे कमाकर अपने माता-पिता को खुशी दूंगी, उन्हें प्लेन में घुमाऊंगी क्योंकि उन्होंने इसके लिए बहुत मेहनत की है।
सवाल: सोशल मीडिया पर कितना सक्रिय हैं?
जवाब: अभी मैं सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हूं। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान मैं कम सक्रिय रहती थी क्योंकि आठ-आठ घंटे फ्लाइट उड़ानी होती थी। हालांकि, इस दौरान मैंने और मेरी दोस्त ने खूब रील्स बनाई। मैं फ्लाइट में जहां-जहां जाती वहां की रील्स बनाती, ताकि वो यादें सजो सकूं।
सवाल: प्रशिक्षण कहां से लिया?
जवाब: मेरा प्रशिक्षण मुंबई से शुरू हुआ जहां मैंने चार माह में ग्राउंड थ्योरी पूरी की। इसके बाद मैंने अमेरिका में साढ़े सात माह में पायलट प्रशिक्षण लिया।
सवाल: किस उम्र में ठान लिया कि अब पायलट ही बनना है?
जवाब: जब मैंने दसवीं की पढ़ाई पूरी की तब मैं 15 साल की थी। क्योंकि पायलट बनने के लिए फिजिक्स और मैथ्स पढ़ना होता है उस दौरान मैंने फैसला किया कि अब मुझे यही करना है। मैंने प्रशिक्षण 12वीं में लिया।
सवाल: कोई मेंटॉर जिसे देखकर आप सीखती हों?
जवाब: जब प्रशिक्षण के लिए मैं स्काई लाइन एविएशन क्लब मुंबई गई थी वहां मेरे मेंटॉर थे कैप्टन एडी माणिक। वहां उन्होंने बताया कि इतनी कम उम्र में मैं कैसे अपने लक्ष्य को पा सकती हूं। उन्होंने ही मुझे अमेरिका भेजा, ताकि मैं कम समय में प्रशिक्षण पा सकूं। कैप्टन माणिक ही मैत्री पटेल के मेंटॉर थे।
सवाल: लड़की के लिए पायलट बनना कितना कठिन?
जवाब: पायलट बनना लड़के और लड़कियों दोनों के लिए ही कठिन होता है। बस आप पर निर्भर करता है कि आप इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए कितना तैयार हैं। जिसको ऐसा करने में डर लगता है वो इस क्षेत्र में आएगा ही नहीं।
सवाल: आगे क्या करना चाहती हैं?
जवाब: अभी मेरे पास अमेरिका का लायसेंस है जिसे मैं भारत का बदलवाकर एयर ट्रांसपोर्ट पायलट लायसेंस लेना चाहूंगी। इसके बाद मैं बतौर कैप्टन प्लेन उड़ा सकूंगी। अंत में इंस्ट्रक्टर का प्रशिक्षण लेना चाहती हूं ताकि और बच्चों को भी सिखा सकूं।
सवाल: कमर्शियल पायलट होता क्या है?
जवाब: जो पायलट प्लेन उड़ा रहे होते हैं वही कमर्शियल पॉयलट होते हैं। दरअसल, पायलटों के लिए कई तरह के लायसेंस होते हैं। शुरुआत होती है प्राइवेट पॉयलट लायसेंस से जिसे मैंने भी लिया था। ये उनके लिए होता है जो शैकिया प्राइवेट प्लेन उड़ाना चाहते हैं। वहीं, जो इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं वो कमर्शियल पॉयलट लायसेंस लेते हैं और यही कमर्शियल पॉयलट कहलाते हैं। मुझे अमेरिका का लायसेंस मिला था जिसे भारत के लिए बदलवाना होगा उसके बाद मैं एयरलाइन उड़ा सकूंगी।
सवाल: क्या 18 साल की साक्षी कई लोगों को हवाई सफर कराने की जिम्मेदारी ले सकती हैं?
जवाब: हां, मुझे लगता है कि मैं जिम्मेदारी उठा सकती हूं।
सवाल: पायलट बनने का ख्याल कहां से आया?
जवाब: इसके कई कारण हैं, मेरे बचपन में कई सारी चीजें चलती रहती थीं। कई फिल्में देखी और जब मैं खुद वायुयान में बैठी तो मैंने सोचा कि यह उड़ता कैसे है। यह कार से कैसे अलग होता है क्योंकि मैंने पापा को कार चलाते देखा था पर प्लेन उड़ाते नहीं देखा था। जब कोई पायलट बनता तो उसकी खबरें पढ़ती थी। पहली महिला पायलट बनने वाला एक सीरियल भी मैंने देखा था। उसके बाद मुझे लगा कि मुझे इस क्षेत्र में जाना चाहिए।
सवाल: पायलट बनने में खर्च कितना होता है?
जवाब: विमानन क्षेत्र में हर चीज महंगी होती है। अपने प्रशिक्षण ले लिया, आपको प्रमाणपत्र मिल गया इतना काफी नहीं होता है बल्कि उसके आगे भी प्रक्रिया होती है। मुझे इसमें अब तक 50 से 70 लाख रुपए खर्च करने पड़े हैं और आगे इससे भी ज्यादा हो सकता है। लेकिन मैं आगे कमाकर अपने माता-पिता को खुशी दूंगी, उन्हें प्लेन में घुमाऊंगी क्योंकि उन्होंने इसके लिए बहुत मेहनत की है।
सवाल: सोशल मीडिया पर कितना सक्रिय हैं?
जवाब: अभी मैं सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हूं। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान मैं कम सक्रिय रहती थी क्योंकि आठ-आठ घंटे फ्लाइट उड़ानी होती थी। हालांकि, इस दौरान मैंने और मेरी दोस्त ने खूब रील्स बनाई। मैं फ्लाइट में जहां-जहां जाती वहां की रील्स बनाती, ताकि वो यादें सजो सकूं।
सवाल: प्रशिक्षण कहां से लिया?
जवाब: मेरा प्रशिक्षण मुंबई से शुरू हुआ जहां मैंने चार माह में ग्राउंड थ्योरी पूरी की। इसके बाद मैंने अमेरिका में साढ़े सात माह में पायलट प्रशिक्षण लिया।
सवाल: किस उम्र में ठान लिया कि अब पायलट ही बनना है?
जवाब: जब मैंने दसवीं की पढ़ाई पूरी की तब मैं 15 साल की थी। क्योंकि पायलट बनने के लिए फिजिक्स और मैथ्स पढ़ना होता है उस दौरान मैंने फैसला किया कि अब मुझे यही करना है। मैंने प्रशिक्षण 12वीं में लिया।
सवाल: कोई मेंटॉर जिसे देखकर आप सीखती हों?
जवाब: जब प्रशिक्षण के लिए मैं स्काई लाइन एविएशन क्लब मुंबई गई थी वहां मेरे मेंटॉर थे कैप्टन एडी माणिक। वहां उन्होंने बताया कि इतनी कम उम्र में मैं कैसे अपने लक्ष्य को पा सकती हूं। उन्होंने ही मुझे अमेरिका भेजा, ताकि मैं कम समय में प्रशिक्षण पा सकूं। कैप्टन माणिक ही मैत्री पटेल के मेंटॉर थे।
सवाल: लड़की के लिए पायलट बनना कितना कठिन?
जवाब: पायलट बनना लड़के और लड़कियों दोनों के लिए ही कठिन होता है। बस आप पर निर्भर करता है कि आप इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए कितना तैयार हैं। जिसको ऐसा करने में डर लगता है वो इस क्षेत्र में आएगा ही नहीं।
सवाल: आगे क्या करना चाहती हैं?
जवाब: अभी मेरे पास अमेरिका का लायसेंस है जिसे मैं भारत का बदलवाकर एयर ट्रांसपोर्ट पायलट लायसेंस लेना चाहूंगी। इसके बाद मैं बतौर कैप्टन प्लेन उड़ा सकूंगी। अंत में इंस्ट्रक्टर का प्रशिक्षण लेना चाहती हूं ताकि और बच्चों को भी सिखा सकूं।