Ground Report@Sheohar: शिव की नगरी में दो महिलाओं के बीच मुकाबला, जानें बिहार के सबसे गरीब जिले के समीकरण
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विस्तार
सीतामढ़ी से शिव की नगरी शिवहर का रास्ता हरा-भरा है। केले के खेत और लहलहाती फसल। शिवहर से थोड़ा पहले देकुली धाम बड़ा तीर्थस्थल है। लेकिन लोगों की जिंदगी इतनी हरी-भरी नहीं है। धाम के पास तालाब में एक बूढ़ी महिला तलहटी से घोंघे निकाल रही हैं। आप इसका क्या करेंगी...सवाल पर कहती हैं बेचकर घर चलाना है। आजादी के 75 साल बाद भी शिवहर की यही सच्चाई है। यह बिहार का सबसे गरीब जिला है।
चुनाव-दर-चुनाव हुए पर राजनेता लोगों की जिंदगी नहीं बदल पाए। यहां से दो सांसद रामदुलारी सिन्हा (बिहार की पहली महिला पोस्ट ग्रेजुएट) और हरिकिशोर सिंह राज्यपाल रहे, पर हालात नहीं सुधरे। इस बार भी कद्दावर नेता हैं...गाड़ियों और नारों का शोर है। पिछले तीन चुनावों से भाजपा की रमा देवी यहां से जीतीं, पर इस बार मैदान में नहीं हैं। एनडीए में समझौते के तहत भाजपा ने यह सीट जदयू को दी है। बिहार के बाहुबली आनंदमोहन सिंह की पत्नी लवली आनंद उम्मीदवार हैं। उनके सामने हैं राजद की युवा नेता रितु जायसवाल। लवली के पति आईएएस अधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के दोष में 16 साल जेल में रहे हैं, तो रितु के पति अरुण कुमार आईएएस अफसर रहे हैं। चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने जेल मैनुअल में सुधार कर आनंद मोहन की रिहाई कराई थी। उनके बेटे चेतन शिवहर से विधायक हैं।
रितु के पति वीआरएस ले चुुके हैं। रितु वैश्य समुदाय से आती हैं। यहां बड़ी संख्या में वैश्य हैं। रितु 2016 में सीतामढ़ी के गांव सिंहवाहिनी की मुखिया बनीं। 2018 में उपराष्ट्रपति ने उन्हें चैंपियन ऑफ चेंज अवाॅर्ड से सम्मानित किया। 2020 में सीतामढ़ी की परिहार सीट से विधानसभा चुनाव हार गई थीं। रितु के पक्ष में उनका वैश्य होना काम आ रहा है। भाजपा के परंपरागत वोटर यह सीट जदयू को देने से नाराज हैं, इसलिए उन्हें समर्थन दे रहे हैं। मौजूदा सांसद रमा देवी भी जदयू के पक्ष में प्रचार करती नहीं दिख रही हैं। ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के टिकट पर पूर्व सांसद सीताराम सिंह के बेटे राणा रंजीत सिंह मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।
मुद्दे और मतदाता
शिवहर लोकसभा क्षेत्र से छह विधानसभा सीटें जुड़ी हैं। यहां दस में से सात बार राजपूत प्रत्याशी ही जीते हैं। यहां विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था प्रमुख मुद्दे हैं। शिवहर के मां कतकी जनरल स्टोर के सोनू कुमार कहते हैं, विकास के नाम पर कुछ भी नहीं है। आज तक यहां रेल कनेक्टिविटी नहीं है। चुकंदर विक्रेता राजीव कुमार को नहीं पता, यहां से कौन प्रत्याशी लड़ रहा है। फुटवियर शोरूम के मालिक मो. अखलाक लवली को बेहतर प्रत्याशी बताते हैं।
आनंद मोहन दो बार जीते
977 से अस्तित्व में आई इस सीट पर दो बार जीते। आनंद मोहन 1996 में समता पार्टी के टिकट पर और 98 में राष्ट्रीय जनता पार्टी से। भाजपा की रमा देवी 2009, 14 और 19 में लगातार जीत दर्ज कर हैट्रिक बना चुकी हैं।