फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amar Ujala Batras Results and Ranks Status Symbol know parenting guidelines from Experts mentality change news

Amar Ujala Batras: अभिभावकों की साख का सवाल क्यों बन रहे बच्चों के नतीजे, यह मानसिकता क्या? देखें पॉडकास्ट

Sat, 03 Jan 2026 08:58 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 03 Jan 2026 08:58 PM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Batras Results and Ranks Status Symbol know parenting guidelines from Experts mentality change news
अमर उजाला बतरस। - फोटो : AUW
अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा के केंद्र में तो बच्चों की परीक्षा का मुद्दा रहा, पर इसे लेकर अभिभावकों की मानसिकता और चुनौतियों को लेकर अहम बात हुई। दरअसल, बदलते और आधुनिक होते जमाने के साथ बच्चों के आसपास का माहौल और उनकी परवरिश लगातार बदल रही है। ऐसे में माता-पिता और अभिभावकों के सामने नई-नई चुनौतियां आ रही हैं। खासकर अब परीक्षाओं के नतीजे और रैंक भी अभिभावकों के लिए साख का सवाल बनती जा रही है। एंकर नंदिता कुदेशिया ने इस हफ्ते बतरस में इन्हीं चुनौतियों को लेकर दो विशेषज्ञों से बात की और जाना कि आखिर पैरेंट्स इनसे निपटने के लिए क्या कर सकते हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन


इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।  

नंदिता कुदेशिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो विशेषज्ञों से चर्चा की, उनमें नोएडा के प्रॉमिनेंस वर्ल्ड स्कूल की प्रिंसिपल डॉ मृणालिनी सिंह और पैरेंटिंग कोच संदीप शामिल रहे। दोनों ही विशेषज्ञों ने कई अहम सवालों के जवाब दिए। मसलन- बच्चों का रिजल्ट और रैंक अब स्टेटस और साख का सवाल क्यों बन रहा? आजकल के अभिभावकों को बच्चों के अंक क्यों इतना परेशान करते हैं? क्या जो खुद नहीं कर पाए वो बच्चों पर थोपते हैं अभिभावक? क्या बच्चों की पढ़ाई को लेकर नई पीढ़ी के अभिभावक ज्यादा संजीदा हो रहे हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन


बतरस में विशेषज्ञों ने न सिर्फ इन सवालों के जवाब दिए, बल्कि यह भी बताया कि क्या मां-बाप इन दिनों नंबर की होड़ में बच्चों पर प्रेशर ज्यादा डालते हैं? अभिभावकों की काउंसलिंग में क्या कुछ बताया जाना चाहिए? अभिभावक अपने बच्चे के लिए 'लक्ष्मण रेखा' कैसे तय करें? जिंदगी की चुनौतियों से लड़ने के लिए  बच्चों की नींव को कैसे मजबूत करें? आज के समय में प्रोफेशनल काउंसलिंग कितनी जरूरी है? बच्चे नंबरों के दबाव में खुद को नुकसान न पहुंचाएं इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? बच्चे की खुशी या अंकों का बेहतर होना बच्चे के लिए क्या होता है जरूरी?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed