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Amar Ujala Batras: सहमति से संबंध की उम्र पर विवाद, क्या कोर्ट का फैसला बदलेगा समाज? देखें पॉडकास्ट
Sat, 30 Aug 2025 08:16 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 30 Aug 2025 08:16 PM IST
सार
इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।
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अमर उजाला बतरस।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा हुई दो लोगों के बीच सहमति से बनाए गए संबंधों की उम्र सीमा पर। दरअसल, अदालत में इस उम्र सीमा को निर्धारित करने के एक मामले की सुनवाई चल रही है। केंद्र सरकार इस पर अपनी प्रतिक्रिया कोर्ट को दे चुकी है। अब अदालत के फैसले के बाद कुछ मानक या तो बदलने वाले हैं या पुनर्स्थापित हो जाएंगे। एंकर नंदिता कुदेसिया ने इस हफ्ते बतरस में इन्हीं चुनौतियों को लेकर दो विशेषज्ञों से बात की और जाना कि सहमति से संबंध बनाने की उम्र सीमा का मसला क्या है और इसका क्या प्रभाव है।
इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।
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इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।
नंदिता कुदेसिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो विशेषज्ञों से चर्चा की, उनमें अधिवक्ता-लेखक भुवन रिभु और यौन रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रशांत जैन शामिल रहे। दोनों ही विशेषज्ञों ने कई अहम सवालों के जवाब दिए। मसलन- सहमति की उम्र 16 हो या 18 इस पर विवाद क्यों है? 16 साल में क्या बच्चे मानसिक रुप से इसे समझने के लायक होते हैं? सहमति की उम्र पर विवाद शुरू कहां से हुआ? 18 से कम उम्र में सहमति का अधिकार देना कितना सही?
बतरस में विशेषज्ञों ने न सिर्फ इन सवालों के जवाब दिए, बल्कि यह भी बताया कि सामाजिक पृष्ठभूमि का कितना असर इस तरह की बातों में होता है। इस तरह के कानून बनने पर क्या और कैसा असर होगा। इस मुद्दे पर पाश्चात्य जीवन शैली को अपनाना सही होगा या गलत। इसके अलावा इस विषय पर बच्चों को स्कूल से जागरूक करना कितना जरूरी है।