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CRPF: सीआरपीएफ के 3.25 लाख जवानों को बड़ी राहत, झटपट मंजूर होंगे ये भत्ते, एक क्लिक पर बिलों को मंजूरी

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 20 Dec 2024 05:59 PM IST
सार

सीआरपीएफ में कई तरह के भत्ते प्रदान किए जाते हैं। इन भत्तों को मंजूरी मिलने में देरी हो रही थी। कई बार तो इस प्रक्रिया में दो से तीन माह तक लग जाते हैं, लेकिन अब नई व्यवस्था से जवानों को बड़ी राहत मिलेगी। 

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Allowances of CRPF jawans approved instantly, bills will be approved on one click
भत्तों की प्रक्रिया हुई ऑटोमेटिक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के लगभग 3.25 लाख से अधिक जवानों और अधिकारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सीआरपीएफ में मिलने वाले कई तरह के भत्ते मसलन रिस्क, कोबरा, आएएफ व टीपीटी आदि भत्तों के लिए अब कर्मियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विभिन्न भत्तों से जुड़े बिलों की फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल पर लंबित नहीं पड़ी रहेंगी। अब जो नई व्यवस्था लागू हो रही है, उसमें ये भत्ते झटपट मंजूर होंगे। जवान या अधिकारी की ज्वाइनिंग/रिलिविंग के समय ही रिस्क, कोबरा, आएएफ व टीपीटी आदि भत्तों की प्रक्रिया आटोमेटिक तरीके से पूर्ण हो जाएगी। इसमें न तो किसी फाइल के इधर उधर घूमने का झंझट होगा और न ही यह कहने का मिलेगा कि फलां बाबू,  भत्तों से जुड़ी फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहा है। 

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सूत्रों के मुताबिक, सीआरपीएफ में कई तरह के भत्ते प्रदान किए जाते हैं। इन भत्तों को मंजूरी मिलने में देरी हो रही थी। कई बार तो इस प्रक्रिया में दो से तीन माह तक लग जाते हैं। अपने भत्तों की मंजूरी के लिए जवानों को संबंधित बाबू के चक्कर काटने पड़ते हैं। सिफारिश या दूसरा रास्ता भी अख्तियार करना पड़ता है।
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नई व्यवस्था को दिया गया ये नाम
अब नई व्यवस्था को आटोमेशन ऑफ अलाउंसेस का नाम दिया गया है। जैसे ही किसी जवान/अधिकारी का नई यूनिट पर ज्वाइनिंग ऑर्डर स्वीकृत होता है, वैसे ही उक्त भत्तों को भी मंजूरी मिल जाएगी। पीपीएमएस की ज्वाइनिंग/रिलिविंग प्रक्रिया के दौरान भत्ते की प्रक्रिया को अपडेट कर दिया जाएगा। 
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नई व्यवस्था में रिलिविंग ऑर्डर तैयार करते समय कई तरह की प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। रिलिविंग और ज्वाइनिंग ऑर्डर, 'पर्सनल इनर्फोमेशन सर्कुलर' पीआईएस में अपलोड कर दिया जाएगा। इसमें पोस्टिंग डिटेल भी रहती है। नई पोस्टिंग में जो अलाउंस मिलेगा, वह उसी वक्त अपडेट हो जाएगा। रिलिविंग दफ्तर/यूनिट, ट्रांसफर आदेश प्राप्त कर रिलिविंग ऑर्डर तैयार करेगी। पहले अलग से भत्तों के बिल बनते थे, जिसमें बहुत देरी होती थी। फाइलें घूमती रहती थीं। पहले यह सब प्रक्रिया मैनुअली तरीके से पूरी की जाती थी। अगर रिलिविंग ऑर्डर में 'एन रूट लीव' का जिक्र हुआ है तो इसे 'ई लीव पोर्टल' पर 'प्री अप्रूव्ड' मिलेगा। 

रिलिविंग ऑर्डर में यह जानकारी, पीपीएमएस व पीआईएस में अपडेट कर दी जाएगी। रिस्क या दूसरे जितने भी अलाउंस हैं, ये सब आटोमेटिक तरीके से अपडेट हो जाएंगे। जेटी और बिना जेटी, यह रिमाक्र्स कॉलम में अंकित होगी। यही प्रक्रिया रिस्पेक्टिव सिग्नल प्लाटून 'आरजीएस' द्वारा सिग्नल पर्सनल के मामले में भी इस्तेमाल में लाई जाएगी। ज्वाइनिंग ऑर्डर में रिलिविंग ऑर्डर तैयार करते समय भी एक प्रक्रिया उपयोग में लाई जाएगी। ज्वाइनिंग आर्डर स्वीकार होते ही संबंधित कार्मिक के अलाउंस अपडेट करने होंगे। यह प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। इसमें वह झंझट खत्म हो जाएगा कि बिल पास हुआ है या नहीं, कोई आब्जेक्शन लगा है या कोई दूसरी बाधा है। 

रिपोर्टिंग के वक्त, रिलिविंग ऑर्डर प्राप्त करने के बाद यूनिट द्वारा ज्वाइनिंग ऑर्डर तैयार किया जाएगा। ज्वाइनिंग ऑर्डर तैयार करते वक्त, ज्वाइनिंग डेट, अवेल्ड जेटी व एन रूट लीव आदि जानकारी शामिल की जाएगी। ज्वाइनिंग ऑर्डर में कंपनी पोस्टिंग भी रहेगी। यदि कंपनी में बदलाव होता है तो वह संबंधित दफ्तर/यूनिट द्वारा कंपनी पोस्टिंग ऑर्डर में चेंज कर दिया जाएगा। ज्वाइनिंग के लिए तभी समय मिलता है, जब दो जगह अलग अलग ग्रुप सेंटर होते हैं। अगर ग्रुप सेंटर समान है तो ज्वाइनिंग टाइम नहीं मिलता। एन रूट लीव को इस प्रक्रिया के दौरान ही अपडेट कर दिया जाएगा। अगर एन रूट लीव है तो वह भी रिलिविंग ऑर्डर में मैंशन होगी। उसे ई लीव पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा। किसी को ज्वाइनिंग टाइम मिलेगा या नहीं, यह तबादला ऑर्डर से ही पता चल जाएगा।

अगर कंपनी में बदलाव होता है यानी एक ही बटालियन में तो वह जानकारी भी पीपीएमएस में डाली जाएगी। पीपीएमएस से पुरानी कंपनी रिलिविंग आर्डर निकालेगी और वहीं से नई कंपनी भी ज्वाइनिंग आर्डर निकालेगी। उसमें सभी तरह के भत्ते मैंशन रहेंगे। अगर कोई अलाउंस नहीं है, तो वहां मार्क लगेगा। अभी अलाउंस को चालू करने या बंद करने का मैनुअल तरीका पूरी तरह से बंद हो जाएगा। ये सब आटोमेटिक तरीके से अपडेट होगा। जैसे ही किसी कर्मी का ज्वाइनिंग आर्डर मंजूर होगा, वैसे ही सभी भत्ते भी मंजूर हो जाएंगे। 


कौन सा कर्मचारी, किस तरह के अलाउंस का हकदार है, यह जानकारी आटोमेटिक चेक होगी। अगर किसी स्थान पर कोई जवान, किसी भत्ते का हकदार नहीं है तो वहां पर अलाउंस नोट एप्लीकेबल लिखा होगा। उसका कारण भी बताया जाएगा। मौजूदा प्रक्रिया में कुछ केसों को छोड़कर अलाउंस का जारी होना या बंद होना, ये सब बंद हो जाएगा। ज्वाइनिंग आर्डर के मंजूर होते ही पे, पीआईएस व अलाउंस, खुद ब खुद अपडेट हो जाएंगे।

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