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धार्मिक स्टेशन के रूप में चुना गया इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 25 Sep 2016 03:41 AM IST
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- फोटो : demo
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इलाहाबाद जंक्शन, नैनी, प्रयाग और विंध्याचल रेलवे स्टेशन को रेलवे ने धार्मिक स्टेशन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इलाहाबाद में कुंभ मेला और विंध्याचल में नवरात्रि मेले के दौरान आने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे इन सभी स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाएगा। रेलवे बोर्ड ने सिर्फ इलाहाबाद जंक्शन के डेवलपमेंट के लिए ही 208 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा नैनी, विंध्याचल के लिए भी अलग से रकम जारी की गई है।
वर्ष 2013 में लगे कुंभ मेले के दौरान इलाहाबाद जंक्शन पर मची भगदड़ जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए रेलवे बोर्ड स्तर पर मंथन चल रहा था कि इलाहाबाद में व्यवस्थाएं बेहतर की जाए। अब 2019 में कुंभ मेले का आयोजन इलाहाबाद में होना है। इसके लिए बोर्ड ने अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को डीआरएम इलाहाबाद एसके पंकज ने बताया कि डिवीजन के इलाहाबाद, नैनी और विंध्याचल को धार्मिक स्टेशन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
ऐसा इसलिए क्योंकि यहां समय-समय पर बड़े धार्मिक आयोजन होते रहते हैं और उसमें लाखों की संख्या में श्रृद्धालु देश के विभिन्न भागों से आते हैं। श्रृद्धालुओं को जंक्शन पर कोई परेशानी न हो और उन्हें तमाम जरूरी सुविधाएं परिसर में ही उपलब्ध हो जाए। सिविल लाइंस साइड में ज्यादा होगा काम इस योजना के तहत 208 करोड़ रुपये बोर्ड ने स्वीकृत किए हैं। इसमें 120 करोड़ रुपये सिर्फ सिविल लाइंस साइड के लिए हैं।
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वर्ष 2013 में लगे कुंभ मेले के दौरान इलाहाबाद जंक्शन पर मची भगदड़ जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए रेलवे बोर्ड स्तर पर मंथन चल रहा था कि इलाहाबाद में व्यवस्थाएं बेहतर की जाए। अब 2019 में कुंभ मेले का आयोजन इलाहाबाद में होना है। इसके लिए बोर्ड ने अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को डीआरएम इलाहाबाद एसके पंकज ने बताया कि डिवीजन के इलाहाबाद, नैनी और विंध्याचल को धार्मिक स्टेशन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
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ऐसा इसलिए क्योंकि यहां समय-समय पर बड़े धार्मिक आयोजन होते रहते हैं और उसमें लाखों की संख्या में श्रृद्धालु देश के विभिन्न भागों से आते हैं। श्रृद्धालुओं को जंक्शन पर कोई परेशानी न हो और उन्हें तमाम जरूरी सुविधाएं परिसर में ही उपलब्ध हो जाए। सिविल लाइंस साइड में ज्यादा होगा काम इस योजना के तहत 208 करोड़ रुपये बोर्ड ने स्वीकृत किए हैं। इसमें 120 करोड़ रुपये सिर्फ सिविल लाइंस साइड के लिए हैं।
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डेवलपमेंट से जुड़े ढेरों कार्य होंगे
यहां डेवलपमेंट से जुड़े ढेरों कार्य होंगे। जबकि 88 करोड़ रुपये से जंक्शन के सिटी साइड में काम होगा। विंध्याचल के लिए 5 करोड़ और नैनी के लिए 2.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा छिवकी स्टेशन पर भी 10 करोड़ रुपये की लागत से कई काम होने हैं। यहां 18 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रस्ताव भी बोर्ड को भेजा गया है। डीआरएम ने इलाहाबाद जंक्शन पर स्काई वॉक, सिटी और सिविल लाइंस साइड में फव्वारा लगाने की भी बात कही।
इसके अलावा जंक्शन पर मैकेनाइज्ड लाउंड्री के अगले माह शुरू होने, दिव्यांगों के लिए रैंप बनाने का काम भी शीघ्र शुरू होने को कहा। इलाहाबाद-कानपुर के बीच 150 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम अगले दो वर्ष में पूरा करने का भी उन्होंने दावा किया।
डीआरएम इलाहाबाद के अनुसार उत्तर मध्य रेलवे का इलाहाबाद मंडल जल्द ही सोलर पावर प्लांट से विद्युत का भी उत्पादन करेगा। यहां एक मेगावाट का प्लांट लगेगा। इससे डीआरएम, जीएम ऑफिस और स्टेशन बिल्डिंग को विद्युत सप्लाई होगी। इससे हर साल रेलवे को 20 से 25 लाख रुपये तक की बचत होगी।
इसके अलावा जंक्शन पर मैकेनाइज्ड लाउंड्री के अगले माह शुरू होने, दिव्यांगों के लिए रैंप बनाने का काम भी शीघ्र शुरू होने को कहा। इलाहाबाद-कानपुर के बीच 150 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम अगले दो वर्ष में पूरा करने का भी उन्होंने दावा किया।
डीआरएम इलाहाबाद के अनुसार उत्तर मध्य रेलवे का इलाहाबाद मंडल जल्द ही सोलर पावर प्लांट से विद्युत का भी उत्पादन करेगा। यहां एक मेगावाट का प्लांट लगेगा। इससे डीआरएम, जीएम ऑफिस और स्टेशन बिल्डिंग को विद्युत सप्लाई होगी। इससे हर साल रेलवे को 20 से 25 लाख रुपये तक की बचत होगी।