फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   All tribe panel to be formed to decide if Chin Kukis will remain ST Manipur CM

Manipur: 'चिन कुकी' समुदाय का एसटी दर्जा खत्म करने की तैयारी, सीएम बीरेन ने कहा- समिति का गठन किया जाएगा

Wed, 10 Jan 2024 01:36 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 10 Jan 2024 01:36 AM IST
सार

मुख्यमंत्री का बयान केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय के एक पत्र के मद्देनजर आया है, जिसमें मणिपुर की एसटी सूची से घुमंतू चिन कुकी समुदाय को हटाने की मांग पर राज्य सरकार के विचार मांगे गए हैं।

विज्ञापन
All tribe panel to be formed to decide if Chin Kukis will remain ST Manipur CM
सीएम बीरेन सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार को कहा कि चिन कुकी समुदाय को राज्य की अनुसूचित जनजाति सूची से हटाया जाएगा या नहीं, इस पर निर्णय लेने के लिए एक सर्व-जनजाति समिति का गठन किया जाएगा। 
विज्ञापन


मुख्यमंत्री का बयान केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय के एक पत्र के मद्देनजर आया है, जिसमें मणिपुर की एसटी सूची से घुमंतू चिन कुकी समुदाय को हटाने की मांग पर राज्य सरकार के विचार मांगे गए हैं।
विज्ञापन


यह मांग रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय सचिव महेश्वर थौनाओजम ने की थी, जिन्होंने दावा किया था कि उस समुदाय के सदस्य भारत मूल निवासी नहीं बल्कि अप्रवासी हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


बनानी होगी समिति
सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'उन्हें मणिपुर की (एसटी) सूची में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें कैसे शामिल किया गया, इसकी दोबारा जांच की जानी चाहिए। कोई टिप्पणी करने से पहले, हमें (राज्य की) सभी जनजातियों को मिलाकर एक समिति बनानी होगी।' 

उन्होंने कहा कि पैनल की सिफारिशें मिलने के बाद राज्य सरकार इस मामले पर अपना विचार भेज सकेगी। कुकी मणिपुर की विभिन्न जनजातियों का सामूहिक नाम है और चिन उनमें से एक है। चिन समुदाय के लोग मिजोरम के मिजोस और पड़ोसी म्यांमार के निवासियों के एक वर्ग के साथ जातीयता भी साझा करते हैं। 
जातीय हिंसा से दहल रहा है मणिपुर
गौरतलब है कि मणिपुर पिछले साल मई से जातीय हिंसा से दहल रहा है और 180 से अधिक लोग मारे गए हैं। मेइतेई समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में जनजातीय एकजुटता मार्च आयोजित किए जाने के बाद 3 मई को हिंसा भड़क उठी। 

मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि आदिवासी, जिनमें नागा और कुकी शामिल हैं, 40 प्रतिशत हैं और मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

पूर्वी सेना कमांडर ने मणिपुर के मुख्यमंत्री, राज्यपाल से की मुलाकात 

पूर्वी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी ने मंगलवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और राज्यपाल अनुसिया उइके से मुलाकात की। लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने मुख्यमंत्री के साथ राज्य से संबंधित मामलों पर चर्चा की।

सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया, 'लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, मुख्यालय पूर्वी कमान ने मुझसे मेरे सचिवालय में मुलाकात की। मणिपुर से संबंधित मामलों पर चर्चा की। हमारे राज्य की भलाई और सुरक्षा के लिए निरंतर सहयोग की आशा है।'


लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। एक अधिकारी ने कहा, 'उन्होंने राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की और विचार-विमर्श किया।'  'राज्यपाल ने उन्हें पूर्वी सेना कमान का कार्यभार संभालने पर बधाई दी और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए अपने विचार और सुझाव साझा किए।'
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed