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पाकिस्तान के समर्थन में तीन कश्मीरी छात्रों ने की नारेबाजी, रिहाई के बाद फिर गिरफ्तार
Mon, 17 Feb 2020 01:46 PM IST
Trainee Trainee
पीटीआई, हुबली
पीटीआई, हुबली
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 17 Feb 2020 01:46 PM IST
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राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्रों का विरोध करते हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता
- फोटो : ani
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राजद्रोह के आरोपी तीन कश्मीरी छात्रों को छोड़ने के मामले में पुलिस के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शन के चलते सोमवार को फिर से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल पुलिस ने इन्हें रविवार को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी ) की धारा 169 के तहत एक बॉन्ड भरवा कर रिहा कर दिया था।
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गौरतलब है कि ये तीनों कर्नाटक में हुबली जिले के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हैं। इन तीनों छात्रों पर शनिवार को कश्मीर में पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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हुबली-धारवाड़ के पुलिस कमिश्नर आर दिलीप ने बताया कि तीनों कश्मीरी छात्रों को फिर से गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। श्री राम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक भी उन लोगों में शामिल थे। जिन्होंने तीनों कश्मीरी छात्रों को रिहा करने पर पुलिस पर नाराजगी जताई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने भी इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों से बात की।
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क्या है धारा सीआरपीसी की धारा 169?
यह धारा तब लगाई जाती है जब जांचकर्ता अधिकारी को यह लगता है कि अदालत में पेश कर आरोपी की रिमांड हासिल करने के लिए सुबूत पर्याप्त नहीं हैं। जिसके तहत पुलिस के बुलाए जाने पर उन्हें पेश होना होगा।