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तीसरा मोर्चा की कवायद तेज: शरद पवार के नेतृत्व में आज विपक्ष के सभी दलों की बैठक, कांग्रेस से किया किनारा
Tue, 22 Jun 2021 03:15 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 22 Jun 2021 03:15 AM IST
सार
भाजपा को सीधी टक्कर देने में जिस तरह कांग्रेस कमजोर साबित हो रही है उसी को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा गठबंधन तैयार किया जा रहा है जो भाजपा को सीधी टक्कर दे सके।
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एनसीपी प्रमुख शरद पवार
- फोटो : PTI
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विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई वाले यूपीए की जगह अब एक नए गठबंधन की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस को किनारे कर विपक्ष के अन्य दलों को नए मंच पर लाने के लिए एनसीपी नेता शरद पवार के दिल्ली आवास पर मंगलवार को विभिन्न दलों के नेता जुटेंगे।
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गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी दल मिलकर 2024 में देश को एक विकल्प देना चाहते हैं। राज्यों में कमजोर पड़ती कांग्रेस और चुनाव में क्षेत्रीय दलों से ही मुकाबले के चलते विपक्ष के बाकी दलों का उससे मोह भंग होने लगा है।
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विपक्ष की इस कवायद से कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यूपीए खुद ब खुद समाप्त हो जाएगा। शरद पवार के आवास पर होने वाली बैठक में कांग्रेस को नहीं बुलाया गया है।
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तर्क दिया जा रहा है कि जनता में कांग्रेस के प्रति नाराजगी को देखते हुए उसे इस गठबंधन का हिस्सा नहीं बनाया गया है। वहीं कांग्रेस के चलते जगनमोहन रेड्डी, नवीन पटनायक जैसे तटस्थ नेता दूरी बनाए हैं ऐसे में उन दलों को जोड़ा जा सकता है।
विपक्ष के सामने लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के सामने बड़ा चेहरा सबसे बड़ी चुनौती है। कांग्रेस के नेतृत्व में कहीं न कहीं राहुल गांधी उस खाके में फिट नहीं बैठते। जिस तरह का ताना-बाना बुना जा रहा है उसमें शरद पवार राजनीतिक अनुभव और मोदी के मुकाबले का चेहरा हैं जो ज्यादा परिपक्व हैं।
बैठक में विपक्ष के संयुक्त पीएम उम्मीदवार के बारे में बात हो सकती है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी की तुलना में तत्काल कोई नाम आगे करने पर नुकसान भी हो सकता है। कई राजनीतिक दलों ने जुड़ने की इच्छा जताई है ऐसे में मंगलवार की बैठक के बाद पता चलेगा कि कौन किस तरफ है।
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद ममता बनर्जी और शिवसेना के संजय राउत ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी पार्टियों के गठबंधन की बात कर चुके हैं। संजय राउत ने तो कहा था कि इस गठबंधन का नेतृत्व शरद पवार को करना चाहिए। ऐसे में शिवसेना आसानी से साथ जुड़ जाएगी। गठबंधन की कवायद पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम बाद से ही शुरू हो गई थी।
तृणमूल को जिताने वाले रणनीतिकार प्रशांत किशोर लगातार तीन सप्ताह के अंदर दो बार शरद पवार से मिल चुके हैं। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा जो पिछले दिनों टीएमसी में शामिल हुए थे उनकी ‘राष्ट्र मंच’ के नाम से एक संस्था है। बताते हैं कि राष्ट्र मंच के बैनर तले ही शरद पवार के घर पर बैठक बुलाई गई है।