महिलाओं को 25 लाख सेनेटरी नैपकिन बांटेगी महिला कांग्रेस, सरकार को घेरा
देश में कोरोना वायरस के चलते सेनेटरी नैपकिन खरीदने से वंचित रहने वाली गरीब महिलाओं को महिला कांग्रेस मदद देगी। महिला कांग्रेस इन महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन पहुंचाने का काम करेगी। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते मुश्किलों का सामना कर रहे गरीब परिवारों की महिलाओं को आने वालो दिनों में उनका संगठन 25 लाख सेनेटरी नैपकिन बांटेगा।
At this time when there is lack of food and water, some women also don't having access to sanitary pads. We will distribute around 25 lakh sanitary pads among those women who can't buy them due to #COVID19: Sushmita Dev, President, All India Mahila Congress pic.twitter.com/qLL3J7cp96
— ANI (@ANI) May 29, 2020विज्ञापन
सुष्मिता के मुताबिक श्रमिक ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं, क्वारंटीन केंद्र में रह रहीं महिलाओं और दूसरी गरीब महिलाओं को अब तक करीब पांच लाख नैपकिन बांटी जा चुकी हैं।
उन्होंने एक बयान में कहा कि महिला कांग्रेस का संकल्प 25 लाख सेनेटरी नैपकिन उन महिलाओं तक पहुंचाना है जो लॉकडाउन की वजह से इनको खरीद नहीं पा रही हैं। हम सेनेटरी नैपकिन के साथ साबुन और अखबार भी दे रहे हैं ताकि महिलाएं साफ-सफाई का पूरा ध्यान रख सकें।
सुष्मिता ने सवाल किया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बार-बार महिलाओं को बता रहा है कि वे सस्ती दरों पर सेनेटरी नैपकिन जन औषधि केंद्र से खरीदें। लेकिन जो महिला चिकित्सा प्रमाणपत्र के लिए 12 से 18 घंटा आज कतार में खड़ी हैं, ट्रेन में सफर रही हैं, पैदल चल रही हैं, क्वारंटीन सेंटर में हैं, वह जन औषधि केंद्र तक कैसे पहुंचेंगी?
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार की महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का स्तर यह है कि इन्होंने पहले सेनेटरी नैपकिन को आवश्यक उत्पादों की श्रेणी में नहीं रखा और जब लोगों ने इसकी आलोचना की तब मंत्रालय ने एक परिपत्र के माध्यम से सेनेटरी नैपकिन को आवश्यक उत्पाद में शामिल किया। सरकार को यह समझ नहीं आ रहा है कि माहवारी महामारी के वक्त नहीं रुकती।
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षित माहवारी एक मानव अधिकार है। यह महिला की गरिमा, समानता और स्वास्थ्य का अधिकार से जुड़ा है।