Fact Check: अल-जजीरा के पत्रकार ने नहीं कहा कि उस्मान हादी की हत्या में है भारत का हाथ, पड़ताल में पढ़ें सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अल जजीरा के पत्रकार का कहना है कि बांग्लादेश के उस्मान हादी की हत्या में भारत शामिल है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडयो में अल-जजीरा के पत्रकार कुछ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अल-जजीरा के पत्रकार का कहना है कि बांग्लादेश के युवा नेता उस्मान हादी की हत्या में भारत शामिल है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में एआई की मदद से आवाज बदली गई है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश के उस्मान हादी की हत्या में भारत शामिल है।
पाकिस्तान रक्षा (@PakDef_) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “ब्रेकिंग न्यूज: अल-जज़ीरा न्यूज़ ने बांग्लादेश में उस्मान हादी की हत्या में भारतीय संलिप्तता की पुष्टि की है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें अल जजीरा की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 19 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। यहां हमें वायरल वीडियो 1 से 39 सकेंड तक देखने को मिला। वीडियो में हमें कही भी रिपोर्टर उस्मान के हत्या में भारत के शामिल होने की बात कहते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। वह कहते हैं कि पिछले हफ्ते राजधानी ढाका में शरीफ हादी को गोली मारे जाने के बाद से हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार को चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने दो राष्ट्रीय समाचार पत्रों के कार्यालयों पर धावा बोल दिया और एक इमारत में आग लगा दी। हादी छात्र विरोध आंदोलन के एक प्रमुख व्यक्ति थे, जिसके कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किया गया था। बांग्लादेश के अंतरिम नेता ने शनिवार को एक दिन के शोक की घोषणा की है और शांति बनाए रखने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि हादी के हत्यारे भारत भाग गए हैं।
इसके बाद हमने वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। यहां हमें वायरल वीडियो में कई विसंगतिया नजर आईं। जैसे की बोलते समय होंठों का ऑडियो ट्रैक के साथ मेल नहीं खाना। यहां से हमें वायरल वीडियो में एआई का इस्तेमाल होने का संदेह हुआ। वीडियो के पड़ताल के लिए हमने undetectable ai पर पड़ताल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को मात्र 1 फीसदी असली होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को एआई से बना पाया है।