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अखिलेश-शिवपाल के झगड़े में पहली बार सामने आईं ये बातें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Oct 2016 07:06 PM IST
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फाइल फोटोः अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
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ऐसा पहली बार हुआ जब पूरे देश ने टेलीविजन के माध्यम से एक राजनीतिक पार्टी के नेताओं की तू-तू-मैं-मैं सुनी हो, जो बातें ड्राइंग रूम में होनी चाहिए थीं, वो खुलेआम सबके सामने हुई। सोमवार को समाजवादी पार्टी के विधायकों और नेताओं की बैठक में मची कलह का अंत भले ही न हुआ हो, लेकिन इस नूराकुश्ती ने यूपी की अफसरशाही और राजनीति की सड़ांध को सबके सामने ला दिया। यहां पढ़िए वो पांच बातें जो सपा संग्राम के बीच देश ने पहली बार सुनी..
अखिलेश के खुलासे -
1. अमर सिंह साजिश कर रहे हैं। मेरे खिलाफ खबरें छपवा रहे हैं। मुझे औरंगजेब बताया जा रहा है और नेताजी को शाहजहां। अमर सिंह ने कहा था नवंबर में अखिलेश उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं रहेगा।
2. नेताजी आपने मुझसे कहा था कि ये प्रजापति को तुम बचाते क्यों नहीं हो? तुम सीएम हो, तुम्हें बचाना चाहिए। मैंने कहा - मैं बचा लूंगा, लेकिन प्रजापति मेरा कहना कहां मानता हैं। आपका फिर फोन आया मेरे पास कि प्रजापति, राजकिशोर, कमाल अख्तर को हटा दो। मैंने हटा दिया तो प्रजापति फिर आपके पास गए दिल्ली। मैंने कमाल अख्तर को नहीं हटाया।
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3. मैं लंदन जा रहा था परिवार के साथ। मैं लौट के आया, आपने कहा, सिंघल को हटा दो। मैंने हटा दिया। मैंने खुद फोन किया सिंघल को कि जाओ, नेताजी के पास अगर खुद को बचाना चाहते हो। फिर बाद में आप ही ने कहा कि फिर से उसे मुख्य सचिव बनाओ। तब मैंने दस दिन रूकने को कहा।
4. 15 तारीख को आपने कहा कि शिवपाल इस्तीफा देंगे, तो पार्टी की ऐसी तैसी हो जाएगी। आप मेरे पिताजी हैं, आप कुछ कह सकते हो, पर चाचाजी का फोन आया कि नेताजी ने कहा है कि मैं आपको हटा दूं। मैंने कहा, 'हटा देना', बस हटाने के बाद चिट्ठी भेज देना। उन्होंने मुझे हटाया। फिर मैंने उन्हें मंत्री पद से हटा दिया। आप कोई भी फैसला ले सकते हो, लेकिन आपने अमर सिंह के साथ तीन घंटे तक मुलाकात के बाद यह फैसला लिया। मेरी नाराजगी इसी से है।
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अखिलेश के खुलासे -
1. अमर सिंह साजिश कर रहे हैं। मेरे खिलाफ खबरें छपवा रहे हैं। मुझे औरंगजेब बताया जा रहा है और नेताजी को शाहजहां। अमर सिंह ने कहा था नवंबर में अखिलेश उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं रहेगा।
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2. नेताजी आपने मुझसे कहा था कि ये प्रजापति को तुम बचाते क्यों नहीं हो? तुम सीएम हो, तुम्हें बचाना चाहिए। मैंने कहा - मैं बचा लूंगा, लेकिन प्रजापति मेरा कहना कहां मानता हैं। आपका फिर फोन आया मेरे पास कि प्रजापति, राजकिशोर, कमाल अख्तर को हटा दो। मैंने हटा दिया तो प्रजापति फिर आपके पास गए दिल्ली। मैंने कमाल अख्तर को नहीं हटाया।
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3. मैं लंदन जा रहा था परिवार के साथ। मैं लौट के आया, आपने कहा, सिंघल को हटा दो। मैंने हटा दिया। मैंने खुद फोन किया सिंघल को कि जाओ, नेताजी के पास अगर खुद को बचाना चाहते हो। फिर बाद में आप ही ने कहा कि फिर से उसे मुख्य सचिव बनाओ। तब मैंने दस दिन रूकने को कहा।
4. 15 तारीख को आपने कहा कि शिवपाल इस्तीफा देंगे, तो पार्टी की ऐसी तैसी हो जाएगी। आप मेरे पिताजी हैं, आप कुछ कह सकते हो, पर चाचाजी का फोन आया कि नेताजी ने कहा है कि मैं आपको हटा दूं। मैंने कहा, 'हटा देना', बस हटाने के बाद चिट्ठी भेज देना। उन्होंने मुझे हटाया। फिर मैंने उन्हें मंत्री पद से हटा दिया। आप कोई भी फैसला ले सकते हो, लेकिन आपने अमर सिंह के साथ तीन घंटे तक मुलाकात के बाद यह फैसला लिया। मेरी नाराजगी इसी से है।
मुलायम के खुलासे
फाइल फोटोः मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
5. सपा सुप्रीमो ने यह कहकर चौंकाया कि अमर सिंह ने उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल जाने से बचाया।
मंगलवार को रामगोपाल के खुलासे
6. मुलायम सिंह को जेल जाने से अमर सिंह ने कैसे बचाया इस सवाल के जवाब में सपा से निष्कासित रामगोपाल यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'ये उन्हीं से पूछिए कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने अमर सिंह के कहने से नेताजी के पक्ष में फैसला दिया। क्या अमर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को मैनेज कर लिया था। ये सब झूठ बातें हैं। नेताजी को गुमराह करने वाली।'
उन्होंने कहा, 'आप सब जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने ही नेताजी के खिलाफ शुरुआती जांच करने का आदेश दिया था। सीबीआई ने उस पर जांच की। सीबीआई ने केस बंद कर दिया और जब ये आदेश दिया था सुप्रीम कोर्ट ने, तो नाम थे.. नेताजी का, अखिलेश का, प्रतीक का और डिंपल का। सुप्रीम कोर्ट ने डिंपल का नाम पहले ही निकाल दिया था। कोई केस नहीं। कोर्ट ने बाकी के बारे में शुरुआती जांच करने को कहा था और यह भी इसलिए कहा था कि देश के बड़े नेता हैं। अगर उन पर कोई आरोप लगता है, तो चीजें साफ होनी चाहिए।'
मंगलवार को रामगोपाल के खुलासे
6. मुलायम सिंह को जेल जाने से अमर सिंह ने कैसे बचाया इस सवाल के जवाब में सपा से निष्कासित रामगोपाल यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'ये उन्हीं से पूछिए कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने अमर सिंह के कहने से नेताजी के पक्ष में फैसला दिया। क्या अमर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को मैनेज कर लिया था। ये सब झूठ बातें हैं। नेताजी को गुमराह करने वाली।'
उन्होंने कहा, 'आप सब जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने ही नेताजी के खिलाफ शुरुआती जांच करने का आदेश दिया था। सीबीआई ने उस पर जांच की। सीबीआई ने केस बंद कर दिया और जब ये आदेश दिया था सुप्रीम कोर्ट ने, तो नाम थे.. नेताजी का, अखिलेश का, प्रतीक का और डिंपल का। सुप्रीम कोर्ट ने डिंपल का नाम पहले ही निकाल दिया था। कोई केस नहीं। कोर्ट ने बाकी के बारे में शुरुआती जांच करने को कहा था और यह भी इसलिए कहा था कि देश के बड़े नेता हैं। अगर उन पर कोई आरोप लगता है, तो चीजें साफ होनी चाहिए।'
अमर ने जांच के लिए एप्लीकेशन डलवाया
फाइल फोटोः रामगोपाल यादव व मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
रामगोपाल ने आगे जोड़ा, 'कोर्ट का कहना था कि शुरुआती जांच करने के बाद जो सीबीआई समझे, वो उचित है। अगर केस बंद करना चाहती है, तो बंद करें और हमें उसकी रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं है। अगर केस रजिस्टर करना चाहती है, तो रजिस्टर करें। सीबीआई ने केस बंद कर दिया और बंद करने के बाद सुप्रीम कोर्ट को सूचना दे दी कि कोई केस नहीं बनता और मामला बंद किया जाता है। वास्तव में हुआ ये कि अमर सिंह ने ही चतुर्वेदी, जो इस मामले में पिटीशन करने वाले थे। उनसे एक एप्लीकेशन सुप्रीम कोर्ट को दिलवाई कि डिंपल के खिलाफ जांच होनी चाहिए। क्योंकि डिंपल को कोर्ट पहले ही सूची से बाहर कर चुका था। अच्छा इसमें भी सुनवाई की तारीख पड़ गई और सबको पता था कि इसमें कोई वकील करें न करें सुप्रीम कोर्ट इसको एक मिनट में खत्म कर देगा और यही हुआ।'