बुंदेलखंड के सूखे से मिलकर निपटेंगे केंद्र और यूपी
- गंगा-यमुना की सफाई मिलकर करेंगे अखिलेश और उमा
- पीपीपी परियोजनाओं के लिए प्रदेश सरकार को साथ जोड़ने के प्रयास में केंद्र
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बुंदेलखंड के सूखा संकट के स्थायी समाधान के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संग शनिवार को मंत्रणा बैठक रखी है। इसमें केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। ताकि केंद्र और राज्य की सहमति से अड़चनों को
तत्काल दूर किया जा सके।
जल संसाधन मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, 23 अप्रैल को अखिलेश के साथ लखनऊ में होने वाली बैठक में बुंदेलखंड संकट, अटकी गंगा परियोजनाओं, यमुना जल सरीखे मुद्दों पर चर्चा होगी। सूखे के निदान का मामला खुद भारती के मंत्रालय से जुड़ा है। इसलिए बुंदेलखंड के संकट को लेकर उन पर भारी दबाव है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी उनसे मामले में सक्रियता बढ़ाने को कहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जल संरक्षण के लिए बुंदेलखंड में पहले से ही 10 हजार वाटर टैंक जमीन पर बने हुए हैं। लेकिन लंबे वक्त से इनकी देखरेख न हो पाने की वजह से सभी टैंक या तो मिट्टी से भर गए हैं अथवा ढह गए हैं। बुंदेलखंड का जल संकट दूर करने के लिए ये वाटर टैंक अहम रोल निभा सकते हैं। बशर्ते की इनमें भरा गाद निकाला जाए।
पीपीपी परियोजनाओं के लिए प्रदेश सरकार को साथ जोड़ने के प्रयास में केंद्र
राज्य सरकार के साथ होने वाली मंत्रणा में टैंकों से गाद निकालने की बात अहम है। इसके अलावा कानपुर के निकट सीवेज के गंदे नाले की सफाई को लेकर जाज मउ में लगने वाला केंद्र का प्रोजेक्ट तैयार है। लेकिन इसके लिए भी राज्य सरकार का सहयोग जरूरी है।
गंगा किनारे बसे यूपी के हर शहर के लिए केंद्र सरकार ने पीपीपी मोड पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बना ली है। लेकिन इसके अमल के लिए राज्य सरकार को भी भागीदार बनाया जाएगा। ताकि यह लंबा चल सके। अब तक ऐसे सीवेज प्लांटों की देखरेख निगम के हाथों में रहती थी। लेकिन निगमों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। जिसकी वजह से अधिकांश ट्रीटमेंट प्लांट ठप्प पड़े हैं।
मुख्यमंत्री संग मंत्रणा कर उमा इन पीपीपी परियोजनाओं के लिए प्रदेश सरकार के साथ होने वाले समझौते पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगी। सूत्र बताते हैं कि बुंदेलखंड संकट के स्थायी समाधान और यूपी में गंगा-यमुना से जुड़ी योजनाओं को रफ्तार देने के लिए उमा भारती ने जल संसाधन सचिव शशि शेखर को भी शनिवार को लखनऊ बुलाया है। मंत्रालय के तहत कार्य करने वाली संस्था वेपकोस के अधिकारी पहले से ही वहां तैनात हैं।