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अजित पवार का परिवार: पिता फिल्म निर्माता शांताराम के सहयोगी रहे, सांसद पत्नी सुनेत्रा हैं पूर्व मंत्री की बहन

Thu, 05 Dec 2024 06:18 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 05 Dec 2024 06:18 PM IST
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सार
Ajit Pawar Family Tree: एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने गुरुवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह पिछले साल अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करके भाजपा-शिवसेना के साथ सरकार में शामिल हो गए थे। आइये जानते हैं अजित पवार और उनके परिवार के बारे में...
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Ajit Pawar Family Tree Deputy Chief Minister Family History And Politics News In Hindi
पवार परिवार - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन हो गया है। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। नई सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। अजित पवार महाराष्ट्र में रिकॉर्ड छठी बार उपमुख्यमंत्री बने हैं।


अजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शपा) के अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे हैं। वह पिछले साल अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे, तब उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद मिला था। अब एक बार फिर से अजित उपमुख्यमंत्री बने हैं। आइये जानते हैं अजित पवार और उनके परिवार के बारे में...

सूखे से परेशान होकर करना पड़ा था पूर्वजों को पलायन
शरद पवार के करीबी बताते हैं कि उनके पूर्वज महाराष्ट्र के सातारा जिले के रहने वाले थे। 18वीं सदी के दौरान सातारा में भयानक सूखे का कहर पड़ा। लोग एक-एक बूंद पानी के लिए के मोहताज हो गए। तब बड़ी संख्या में लोगों ने सातारा से पलायन कर दिया। इन्हीं में शरद पवार के पूर्वज भी थे। पवार के पूर्वज सातारा से पलायन करके बारामती के काटेवाडी पहुंचे और यहीं बस गए। 

कहा जाता है कि पवार के पूर्वज सातारा के भोंसले (छत्रपति शिवाजी के वंशज) के सैनिकों के रूप में काम करते थे। जब बारामती के काटेवाडी पहुंचे तो यहां उन्होंने खेती शुरू की और बंजर जमीनों को उपजाऊ बना दिया। पवार के पूर्वजों ने गन्ने की खेती में खूब मेहनत की और जबरदस्त उत्पादन करने लगे। 

अब जानिए शरद परिवार की कहानी 
शरद पवार के पिता गोविंद राव पवार गन्ने की खेती किया करते थे। वह शिक्षित नहीं थे, लेकिन उनके तेज दिमाग और किसानों के लिए अच्छी सोच से हर कोई प्रभावित रहता था। उन्होंने पूरे बारामती के गन्ना उत्पादकों को एकजुट किया और एक सहकारी समिति बनाई। यह एक बड़ी सफलता थी और आसपास के अन्य जिलों में भी सहकारी गतिविधि फैलने लगी। इसमें से साख समितियां और चीनी सहकारी कारखाने शुरू किए गए। लंबे समय तक गोविंद राव गन्ना सहकारी समिति के अध्यक्ष रहे। 
 
शरद पवार की मां का नाम शारदाबाई था। वह बच्चों की शिक्षा के लिए काफी जागरुक थीं। वह चाहती थीं कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले। पवार ने अपनी आत्मकथा में मां के बारे में बखूबी जिक्र किया है। उन्हें अपना प्रेरणास्रोत बताया है। 

पवार ने लिखा है कि उनकी मां महिलाओं के लिए एक नाइट स्कूल और एक नाइट क्लिनिक भी चलाती थीं। ब्रिटिश शासन के दौरान जिला अधीक्षक ने मेरी मां को बारामती महिला उत्कर्ष समिति में नियुक्त किया था। शारदाबाई पवार परिवार की पहली महिला सदस्य थीं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था।

शरद पवार 11 भाई-बहनों में नौवें  
गोविंद राव पवार और शारदाबाई के कुल 11 बच्चे हुए। शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि मेरी मां 11 बच्चों और पति की देखरेख के अलावा खेतों की भी देखभाल करती थीं। सार्वजनिक जीवन में भी वह उतनी ही सक्रिय थीं। पवार अपने 11 भाई-बहनों में नौवें नंबर पर थे। उन्होंने अपनी आत्मकथा में इसका जिक्र किया है। लिखा है कि मां शारदा बाई 12 दिसंबर, 1911 को कोल्हापुर के नजदीक एक गरीब किसान परिवार में पैदा हुई थीं। मां-बाप उन्हें पढ़ाना चाहते थे, इसलिए पुणे में लड़कियों के हॉस्टल ‘सेवा सदन’ में रहकर उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की। 

इसी उम्र में माता-पिता नहीं रहे। बड़ी बहन के पति श्रीपत राव जादव ने उन्हें पढ़ाया। सातवीं तक पढ़ने के बाद सेवा सदन में ही उन्होंने काम शुरू किया। समाज सुधारक रमाबाई रानाडे ने ये संस्था लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से 1915 में शुरू की थी। 1926 में शारदा की शादी गोविंद राव से हो गई।

हादसे ने मां को बैसाखी पर ला दिया 
शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में बताया है कि 1938 में कांग्रेस के कहने पर शारदा बाई ने पुणे लोकल बोर्ड में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा। 9 जुलाई 1938 को वह निर्विरोध चुनी गईं। इसके बाद 14 साल तक इसी सीट से जीतती रहीं। उन्होंने पुणे लोकल बोर्ड में पब्लिक हेल्थ, पब्लिक वर्कर्स, बजट, पंचायत कमेटी और स्टैंडिंग कमेटी की जिम्मेदारियां निभाई थीं।

मां एक तेज-तर्रार सामाजिक कार्यकर्ता भी थीं। 1952 में एक हादसे ने उनका करियर खत्म कर दिया। वह एक घायल सांड़ की देखरेख कर रही थीं, तभी उसने हमला कर दिया। उनकी कई हड्डियां टूट गईं और बाकी जिंदगी उन्हें बैसाखी के सहारे बितानी पड़ी। शरद के कांग्रेस में शामिल होने के आठ साल बाद पुणे के अस्पताल में उन्होंने 12 अगस्त 1975 को अंतिम सांस ली।

शरद पवार के भाई-बहनों और अजित के परिवार की कहानी
यूं तो पवार 11 भाई-बहन हैं। सात भाई और चार बहनें। हालांकि, पांच भाई-बहनों की जानकारी ही सार्वजनिक है। इसमें अप्पा साहेब, अनंतराव, शरद पवार, प्रताप और सरोज पाटिल हैं। अन्य भाई और बहनों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। 

1. अप्पा साहेब (निधन हो चुका है): शरद पवार के बड़े भाई अप्पा साहेब का निधन हो चुका है। अप्पा साहेब के दो बच्चे हैं। राजेंद्र और रंजीत। राजेंद्र कृषि के क्षेत्र में व्यवसाय करते हैं, जबकि रंजीत वाइन इंडस्ट्री में हैं। राजेंद्र के बेटे रोहित भी राजनीति में हैं। वह हाल ही में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में  कर्जत-जामखेड सीट से विधायक चुने गए। रोहित पुणे जिला परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं और शरद पवार के साथ हमेशा रहते हैं। 

2. अनंतराव (निधन हो चुका है) के बेटे हैं अजित पवार: शरद पवार के दूसरे बड़े भाई अनंतराव का भी निधन हो चुका है। अजित के पिता बॉम्बे में 'राजकमल स्टूडियो' में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता वी. शांताराम के लिए काम करते थे। अजित की मां का नाम आशा पवार है। पिछले साल नवंबर में पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान आशा पवार ने अपने बेटे अजित के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था, 'एक मां होने के नाते, मुझे लगता है कि मेरा बेटा मुख्यमंत्री बनना चाहिए। मैं वर्तमान में 84 वर्ष की हूं, और अन्य लोगों की तरह, मैं भी अपने जीवनकाल में अजीत पवार को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हूं। अनंतराव और आशा पवार के तीन बच्चे श्रीनिवास, अजित पवार और विजया पाटिल हैं। अजित अब चाचा शरद पवार से अलग होकर खुद एनसीपी प्रमुख बन गए हैं और चुनाव आयोग ने भी उन्हें पार्टी और चुनाव चिह्न दे दिया है।

अजित इस वक्त महाराष्ट्र विधानसभा में एनसीपी के नेता हैं। अजित पिछली महायुति समेत कई सरकारों में डिप्टी सीएम रह चुके हैं। उनकी शादी सुनेत्रा पवार से हुई जो महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और दबंग छवि वाले पद्मसिंह बाजीराव पाटिल की बहन हैं। सुनेत्रा ने इसी साल अपनी ननद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सुनेत्रा को महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद बनाया। अजित और सुनेत्रा के दो बच्चे हैं। पार्थ और जय। पार्थ 2019 में महाराष्ट्र के मवाला से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट के अनुसार, पार्थ पवार तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार के रुख के विपरीत, तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जांच का अनुरोध किया था। अजित के छोटे बेटे का नाम जय पवार है, जो फिलहाल राजनीति में नहीं हैं। जय उद्यमिता के क्षेत्र में अपना करियर बना रहे हैं। अजित के बड़े भाई श्रीनिवास एग्रीकल्चर और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं। बहन विजया पाटिल मीडिया के क्षेत्र में काम कर रहीं हैं। 

3. शरद राव पवार : देश के बड़े सियासी चेहरों में से एक शरद पवार की एक बेटी सुप्रिया सुले हैं। सुप्रिया सांसद हैं और एनसीपी (शपा) की एक बड़ी दावेदार हैं। पूर्व क्रिकेटर सदाशिव शिंदे की बेटी प्रतिभा शरद पवार की पत्नी हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शादी के दौरान ही शरद पवार ने बोल दिया था कि वह एक ही बच्चा चाहते हैं। फिर वह बेटी हो या बेटा। 

4. प्रताप : शरद पवार के छोटे भाई प्रताप वाइन और मीडिया बिजनेस संभालते हैं। प्रताप के इकलौते बेटे अभिजीत हैं। अभिजीत भी मीडिया के क्षेत्र में काम करते हैं। 

5. सरोज पाटिल : शरद पवार की छोटी बहन सरोज पाटिल गृहणी हैं। वह ज्यादा मीडिया के सामने नहीं आती हैं। 

डकैतों से मुठभेड़ में एक भाई की चली गई थी जान 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से मुठभेड़ में शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत हो गई थी। काटेवाडी के पादरे नामक स्थान में आज भी उनका स्मारक बना हुआ है।
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