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एयरसेल मैक्सिस केस: चिदंबरम को राहत, 7 अगस्त तक सीबीआई नहीं कर सकती गिरफ्तार

Mon, 23 Jul 2018 06:39 PM IST
Avdhesh Kumar ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 23 Jul 2018 06:39 PM IST
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Aircel Maxis case: Interim protection granted to P Chidambaram by Patiala House Court
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम

सीबीआई अदालत ने एयरसेल मैक्सिस डील मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी पर सात अगस्त तक रोक लगा दी है। चिदंबरम की गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनजर अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। इस मामले में सीबीआई ने पी. चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति व अन्य आरोपियों के खिलाफ 19 जुलाई को चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट पर 31 जुलाई को सुनवाई होनी है।  

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मामला चिदंबरम के कार्यकाल में एयर सेल मैक्सिस में डील के लिये विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार व पद के दुरुपयोग व अपराधिक साजिश से जुड़ा है। चिदंबरम व उनके बेटे का नाम 35 सौ करोड़ की एयरसेल मैक्सिस तथा 305 करोड़ की आईएनएक्स मीडिया डील की जांच के दौरान सामने आया था।  
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पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने पी. चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुये सीबीआई से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। अदालत ने दूसरी ओर सात अगस्त तक चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।  
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कोर्ट के समक्ष याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई के दौरान सीबीआई ने विरोध करते हुये कहा मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है इसलिये अग्रिम जमानत याचिका नहीं बल्कि जमानत याचिका दायर की जानी चाहिये थी।  
दूसरी पी. चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में अग्रिम जमानत के लिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।  

सीबीआई के मुताबिक पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम केवल 600 करोड़ तक के विदेशी निवेश की अनुमति दे सकते थे लेकिन उन्होंने आर्थिक मामलों की केबिनेट कमेटी के सामने फाइल भेजे बिना ही तीन हजार करोड़ से ज्यादा के विदेशी निवेश की अनुमति दे दी थी। फाइल पर 100 रुपये कीमत के 18 करोड़ शेयर 180 करोड़ रुपये में खरीदने की बात कही गई थी लेकिन एयरसेल को खरीदने के लिये मैक्सिस ने 32 सौ करोड़ रुपये दिये थे।

 
एजेंसी के मुताबिक एयरसेल मैक्सिस डील के दौरान एफआईपीबी की अनुमति दिलाने के लिये कार्ति की फर्म चैस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) को 87 करोड़ व उसकी दूसरी फर्म एडवांटेज स्ट्रैटेजिक को 26 लाख रुपये की घूस दिये जाने का आरोप है।  

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