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Airbus A320: एयरबस के विमानों में ऐसा क्या हुआ कि 6000 विमानों को किया गया रिकॉल, कितना बड़ा खतरा टला? जानें

Sat, 29 Nov 2025 04:33 PM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 29 Nov 2025 04:33 PM IST
सार

Airbus A320 Software Issue Explained: एयरबस के विमानों में सॉफ्टवेयर से जुड़े बदलावों की खबर के बीच इंडिगो और एअर इंडिया ने कहा है कि देशभर में संचालित उड़ानों में इससे देरी की आशंका है। कंपनियों ने कहा है कि बदलावों के कारण कुछ विमानों को रद्द भी करना पड़ सकता है। दोनों कंपनियों ने यात्रियों से अपडेट लेने के बाद यात्रा करने की अपील की है। जानिए क्या है पूरा मामला।

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Airbus A320 Software Glitch Explained: 6000 Aircraft Worldwide Called Back Flights Affected
एयरबस अपने ए320 विमानों के सॉफ्टवेयर में करेगी बदलाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनिया भर के हवाई यात्रियों और एयरलाइंस के लिए एक बड़ी खबर है, जिसने पूरी एविएशन इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है। विमान बनाने वाली फ्रांस की दिग्गज कंपनी 'एयरबस' ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। विमान निर्माता ने अपने सबसे लोकप्रिय ए-320 सीरीज के करीब 6,000 विमानों में तकनीकी चिंताओं के कारण बदलाव की जानकारी दी है। कंपनी ने इसके पीछे अहम 'सॉफ्टवेयर अपडेट' को वजह बताया है, लेकिन इतनी बड़ी तादाद में विमानों के एक साथ ग्राउंड होने से उड़ानों का शेड्यूल चरमराना तय माना जा रहा है। इसका सीधा असर अब यात्रियों की जेब और समय पर पड़ेगा।

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विमानों को वापस बुलाने का क्या कारण है?

एयरबस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'ए320 सीरीज के एक विमान से जुड़ी घटना के विश्लेषण के दौरान पता चला है कि उड़ान नियंत्रण के दौरान इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण डेटा तीव्र सौर विकिरण के कारण प्रभावित हो सकता है। कंपनी ने वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे इस सीरीज के ऐसे संवेदनशील विमानों की पहचान कर ली है।' 

एविएशन में, तेज सोलर रेडिएशन फ्लाइट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर बुरा असर डाल सकते हैं, इससे नेविगेशन और फ्लाइट कंट्रोल में रुकावट आ सकती है। एक एयरबस एयरक्राफ्ट से जुड़ी घटना से पता चला था कि सोलर फ्लेयर्स फ्लाइट कंट्रोल के काम करने के लिए ज़रूरी डेटा को खराब कर सकते हैं।

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किस घटना के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया?

अल जजीरा में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 30 अक्तूबर को जेटब्लू की एक फ्लाइट कैनकन, मेक्सिको से नेवार्क, न्यू जर्सी जा रही थी। अचानक फ्लाइट काफी तेजी से ऊंचाई से गिरने लगी। इसकी वजह से कई यात्री घायल हो गए थे।

फ्लाइट 1230 ने जहाज के कंट्रोल में दिक्कत और अचानक बिना किसी कंट्रोल के ऊंचाई गिरने के बाद टैम्पा, फ़्लोरिडा में इमरजेंसी लैंडिंग की, जिसके बाद US फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने जांच शुरू की।

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कितने विमानों को वापस बुलाया जा रहा है?

एयरबस के मौजूदा समय में करीब 11,300 ए320 विमान संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कंपनी करीब 6000 ए320 परिवार के विमानों को वापस बुलाया है। यह पूरी दुनिया के विमानों के बेड़े की करीब आधी संख्या है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

अपग्रेड कैसे किया जाएगा?

सॉफ्टवेयर अपग्रेड की प्रकृति A320 विमान के संस्करणों पर निर्भर करती है। अगर विमान पुराने संस्करण का है तो उनके ELAC को बदलना होगा। वहीं नए संस्करणों के लिए सॉफ़्टवेयर अपडेट की आवश्यकता होगी। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अधिकांश विमानों में सॉफ्टवेयर बदलने में कुछ घंटे लगेंगे, लेकिन लगभग 1,000 विमानों के सुधार की इस प्रक्रिया में कई हफ्ते लगेंगे।

ELAC क्या है?

यह सिस्टम फ्लाइट को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह फ्लाइट के नोज एंगल को भी कंट्रोल करता है। जब फ्लाइट उड़ान भरती है तो उसकी नोज ऊपर की तरफ होनी चाहिए वैसे ही लैंडिंग के दौरान यह नीचे होनी चाहिए। लेकिन एयरबस में हाल ही में हुए घटना में उड़ान के दौरान विमान का नोज अचानक से नीचे की तरफ आ गई। ELAC (एलिवेटर ऐलेरॉन कंप्यूटर) पायलट के साइड-स्टिक से पीछे के एलिवेटर को कमांड भेजता है। यह एयरक्राफ्ट के पिच को भी कंट्रोल करने में मदद करता है। 


इसका भारत पर कितना असर पड़ेगा

समाचार एजेंसी पीटीआई पर एयरबस सूत्रों के हवाले से जारी रिपोर्ट के मुताबिक  भारतीय विमानन कंपनियों के पास लगभग 200-250 ए320 श्रेणी के एयरबस विमान मौजूद हैं। इन विमानों में समस्या को ठीक करने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव की जरूरत है। सूत्र ने कहा, 'संबंधित विमानों में सॉफ्टवेयर परिवर्तन के कारण कुछ समय के लिए विमानों का परिचालन रोकना पड़ेगा।' बता दें कि भारत में इंडिगो, एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ए320 श्रेणी के विमानों का संचालन करती हैं। घरेलू एयरलाइन कंपनियां भारत में लगभग 560 विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं। जिन विमानों में बदलाव किए जाने हैं, उनमें ए320 सीईओ और नियो के अलावा ए 321 सीईओ और नियो शामिल हैं।

भारत में कौन सी एयरलाइन करती है एयरबस का इस्तेमाल 

भारत में इंडिगो, एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ए320 श्रेणी के विमानों का संचालन करती हैं। घरेलू एयरलाइन कंपनियां भारत में लगभग 560 विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं। जिन विमानों में बदलाव किए जाने हैं, उनमें ए320 सीईओ और नियो के अलावा ए 321 सीईओ और नियो शामिल हैं।

इंडिगो की तरफ से बयान जारी

इंडिगो ने इस पूरे मुद्दे पर कहा कि 'कंपनी एयरबस की तरफ से ए320 सीरीज के विमानों के संबंध में जारी अधिसूचना से अवगत है। हमारे बेड़े में अधिकांश विमान इसी कंपनी के हैं। अधिसूचना के अनुसार कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए इंडिगो एयरबस के साथ मिलकर काम कर रही है। जरूरी बदलावों के बीच उड़ानों के संचालन में कम से कम व्यवधान आए, यह सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।'

एअर इंडिया एक्सप्रेस की भी यात्राएं प्रभावित 

सॉफ्टवेयर से जुड़े बदलावों की खबर पर एअर इंडिया एक्सप्रेस प्रबंधन ने कहा, 'एयरबस ए320 बेड़े के सॉफ्टवेयर में सुधार की जरूरत का अलर्ट जारी होने के बाद कंपनी ने तत्काल एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी है। हमारे अधिकांश विमान प्रभावित नहीं हुए हैं, लेकिन एयरबस के दिशा निर्देश दुनियाभर के ऑपरेटरों पर लागू होते हैं। ऐसे में उड़ान संचालन प्रभावित हो सकता है। संभावित देरी या विमानों को रद्द किए जाने के फैसले से यात्री प्रभावित हो सकते हैं।' समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक सूत्र ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के 31 विमान प्रभावित होंगे।


एअर इंडिया ने भी परिचालन में देरी को लेकर दिया बयान

ए320 सीरीज के विमानों पर एअर इंडिया ने भी बयान जारी किया। आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी एक पोस्ट में कंपनी ने कहा, 'कंपनी ए320 सीरीज के सामानों से संबंधित एयरबस के निर्देश से अवगत है। बदलावों के कारण हमारे बेड़े के एक हिस्से में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर से जुड़े बदलाव किए जाएंगे। जब तक पूरे बेड़े में जरूरी बदलाव लागू नहीं हो जाते, विमानों के निर्धारित परिचालन में देरी होगी। यात्रा और अन्य कामों में अधिक समय लगेगा। एअर इंडिया ने यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया है।'

कब से संचालन में है एयरबस A320 के विमान

यह कम से मीडियम रेंज का सिंगल नैरो बॉडी एयरलाइनर 1988 से सर्विस में है। साइड स्टिक कंट्रोलिंग और इलेक्ट्रॉनिक फ़्लाइट इंस्ट्रूमेंट सिस्टम-कॉकपिट वाला फ्लाई-बाय-वायर-सिस्टम वाला पहला एयरलाइनर। SKYbrary के 2008 के आकड़ों के मुताबिक एयरबस के कुल 2532 एयरक्राफ्ट ऑर्डर किए गए, 1563 डिलीवर हुए, 1542 ऑपरेशन में हैं। A320 फैमिली के कुल 3469 एयरक्राफ्ट ऑपरेशन में हैं। 

A320 फैमिली की एक नई "नियो" (न्यू इंजन ऑप्शन) सीरीज़ 2010 से डेवलप की गई है, जिसका पहला एयरक्राफ्ट 2016 में डिलीवर किया गया था। 'नियो' एयरक्राफ्ट में नए इंजन (PW 1100G या CFM LEAP-1A) और एक नए तरह के विंग टिप्स हैं, जिन्हें 'शार्कलेट्स' कहा जाता है। मौजूदा एयरक्राफ्ट को एयरबस "ceo" कहता है, जिसका मतलब है 'करंट इंजन ऑप्शन'।

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