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चीनी विरोध के आगे झुका एयर इंडिया, वेबसाइट से ताइवान का नाम बदलकर किया 'चीनी ताइपे'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 05 Jul 2018 09:47 AM IST
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एयर इंडिया
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चीन के विरोध के बाद एयर इंडिया ने अपनी वेबसाइट पर बदलाव करते हुए 'ताइवान' का नाम बदलकर 'चीनी ताइपे' कर दिया है। दरअसल, एयर इंडिया ने अपनी वेबसाइट पर ताइवान को एक स्वतंत्र देश के रूप में दिखाया था, जिसका चीन ने विरोध किया था। चीन की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएसी) ने इस संबंध में 25 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि वह नहीं चाहता कि ताइवान को एक स्वतंत्र देश के रूप में दिखाया जाए।
इससे पहले भी डेल्टा एयरलाइंस, कंटास, सिंगापुर एयरलाइंस, जापान एयरलाइंस और एयर कनाडा समेत दुनिया की कई विमानन कंपनियां चीन के विरोध के बाद 'ताइवान' का नाम बदलकर 'चीनी ताइपे' कर चुकी हैं।
चीनी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एयर इंडिया के शंघाई स्थित कार्यालय में एक पत्र भेजा था और 25 जुलाई तक सभी जरूरी बदलाव करने को कहा गया था। बता दें कि अमेरिकी विमानन कंपनी इस संबंध में चीन के आदेश को नहीं मानती। वह हमेशा से ही ताइवान को एक स्वतंत्र देश के रूप में मानती रही है। वह मानती है कि ताइवान चीन का हिस्सा नहीं है।
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वहीं, चीन की राय ठीक इसके विपरीत है। चीन मानता है कि ताइवान उसी का एक प्रांत है। बता दें कि वर्ष 1949 में चीन में गृह युद्ध समाप्त होने के बाद ताइवान एक स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में उभरकर सामने आया था। यहां चीन से अलग उसकी अपनी सरकार है।
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इससे पहले भी डेल्टा एयरलाइंस, कंटास, सिंगापुर एयरलाइंस, जापान एयरलाइंस और एयर कनाडा समेत दुनिया की कई विमानन कंपनियां चीन के विरोध के बाद 'ताइवान' का नाम बदलकर 'चीनी ताइपे' कर चुकी हैं।
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चीनी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एयर इंडिया के शंघाई स्थित कार्यालय में एक पत्र भेजा था और 25 जुलाई तक सभी जरूरी बदलाव करने को कहा गया था। बता दें कि अमेरिकी विमानन कंपनी इस संबंध में चीन के आदेश को नहीं मानती। वह हमेशा से ही ताइवान को एक स्वतंत्र देश के रूप में मानती रही है। वह मानती है कि ताइवान चीन का हिस्सा नहीं है।
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वहीं, चीन की राय ठीक इसके विपरीत है। चीन मानता है कि ताइवान उसी का एक प्रांत है। बता दें कि वर्ष 1949 में चीन में गृह युद्ध समाप्त होने के बाद ताइवान एक स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में उभरकर सामने आया था। यहां चीन से अलग उसकी अपनी सरकार है।