पश्चिम एशिया संकट के चलते हवाई सफर हुआ महंगा: एअर इंडिया ने टिकटों पर बढ़ाया ईधन अधिभार, जानें कब से होगा लागू
ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा रखी है। इस जंग के चलते दुनियाभर में ईधन की कीमतों में भारी कमी और कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। अब भारत में हवाई यात्राओं पर इसका असर दिखने लगा है।
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी का असर अब हवाई यात्राओं पर भी पड़ने लगा है। एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पहले देशभर में एलपीजी की कीमतों में इजाफा देखने को मिला था। घरेलू गैस के बाद हवाई यात्रा भी महंगी होने वाली हैं।
जानें कितना लगेगा अधिभार
नए ईंधन अधिभार तीन चरणों में लागू किया जाएगा। एयरलाइन की तरफ से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया कि नए ईंधन अधिभार को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में, 12 मार्च से घरेलू उड़ान टिकटों पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार लगाया जाएगा। यही अधिभार सार्क देशों की उड़ानों पर भी लागू होगा। पश्चिम एशिया की उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार 10 डॉलर होगा और अफ्रीका की उड़ानों के लिए यह 30 डॉलर बढ़कर 90 अमेरिकी डॉलर हो जाएगा। दक्षिण पूर्व एशिया की सेवाओं के लिए यह 20 डॉलर बढ़कर 60 डॉलर हो जाएगा। सिंगापुर से आने-जाने वाली उड़ानों सहित ये सभी बदलाव 12 मार्च से प्रभावी होंगे। फिलहाल, सिंगापुर जाने वाली उड़ानों पर कोई ईंधन अधिभार नहीं है।
प्रथम चरण 12 मार्च से लागू होगा
| क्षेत्र | वर्तमान ईंधन अधिभार | ईंधन अधिभार में वृद्धि | संशोधित ईंधन अधिभार |
|---|---|---|---|
| घरेलू उड़ानें | लागू नहीं | 399 रुपये | 399 रुपये |
| सार्क देश | लागू नहीं | 399 रुपये | 399 रुपये |
| पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व | लागू नहीं | 10 डॉलर | 10 डॉलर |
| दक्षिण पूर्व एशिया | 40 डॉलर | 20 डॉलर | 60 डॉलर |
| अफ्रीका | 40 डॉलर | 30 डॉलर | 90 डॉलर |
दूसरा चरण 18 मार्च से लागू होगा
दूसरे चरण में, एअर इंडिया 18 मार्च से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार में 25 डॉलर से 50 डॉलर तक की वृद्धि करेगी। यूरोप जाने वाली उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार 100 डॉलर से बढ़कर 125 डॉलर हो जाएगा, उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए यह 150 डॉलर से बढ़कर 200 डॉलर और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों के लिए यह 150 डॉलर से बढ़कर 200 डॉलर हो जाएगा।
| क्षेत्र | वर्तमान ईंधन अधिभार | ईंधन अधिभार में वृद्धि | संशोधित ईंधन अधिभार |
|---|---|---|---|
| यूरोप | 100 डॉलर | 25 डॉलर | 125 डॉलर |
| उत्तर अमेरिका | 150 डॉलर | 50 डॉलर | 200 डॉलर |
| ऑस्ट्रेलिया | 150 डॉलर | 50 डॉलर | 200 डॉलर |
कब से होगा लागू?
पहले चरण के बदलाव 12 मार्च से लागू होंगे। सिंगापुर के लिए उड़ानों पर भी अब ईंधन अधिभार लिया जाएगा, जबकि अभी तक इस रूट पर ऐसा कोई शुल्क नहीं था। एयर इंडिया समूह ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक हालात के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसी वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला लिया गया है। तीसरा चरण पूर्वी एशियाई देशों पर लागू होगा, जिनमें हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल होंगे।
देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की भारी कमी
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव का असर अब भारत में रोजमर्रा के जीवन पर दिखने लगा है। दिल्ली, बंगाल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा समेत कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की भारी कमी हो गई है। इससे होटल और रेस्तरां के संचालन पर गंभीर असर पड़ा है। उद्योग संगठनों के अनुसार, अगर जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू और कोलकाता समेत तमाम शहरों में अगले एक से दो दिनों में बड़ी संख्या में होटल और रेस्तरां बंद करने पड़ सकते हैं। मुंबई के अलावा पुणे, औरंगाबाद, नागपुर, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के शहरों में भी ऐसी ही समस्या सामने आ रही है। पिछले एक सप्ताह से कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति लगातार बाधित हुई है। सोमवार से कई क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग पूरी तरह रुक गई है।
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सिलिंडरों को लेकर हाहाकार
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अध्यक्ष सागर दरयानी ने कहा, कई रेस्तरां पहले ही सीमित मेन्यू रखने या अलग-अलग समय पर संचालन करने पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल ज्यादातर रेस्तरां के पास एलपीजी सिलिंडर का स्टॉक केवल 1-2 दिन के लिए बचा है। अगर इतने समय में नई आपूर्ति नहीं मिली तो उन्हें बंद करना पड़ेगा। दरयानी के अनुसार, इससे देशभर में घबराहट का माहौल बन सकता है। गैस की उपलब्धता जल्द नहीं बढ़ी तो बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जा सकती हैं।
मुंबई में बंद होने की कगार पर 50 प्रतिशत होटल
कमर्शियल गैस सिलिंडरों की कमी के कारण मुंबई में स्थिति खराब होती जा रही है। उद्योग से जुड़े संगठनों ने बताया कि हालात सामान्य नहीं हुए तो मुंबई के करीब 50 प्रतिशत होटल और रेस्तरां अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं। फिलहाल 20 प्रतिशत छोटे होटल गैस संकट से प्रभावित हैं।
बदले गए मेन्यू
कमर्शियल सिलिंडरों की कमी को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के कुछ होटलों में कम गैस में बनने वाले खाने का मेन्यू शुरू कर दिया गया है। एक होटल मालिक ने बताया कि खाड़ी में संघर्ष की वजह से गैस सिलिंडर कम मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें गैस बचाने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने पड़े हैं। पहले होटल में नाश्ते के आइटम पूरे समय मिलते थे, लेकिन अब गैस बचाने के लिए शाम 4 बजे से 7 बजे तक केवल चाय, कॉफी या जूस ही बेचे जा रहे हैं।
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