फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Air Force is not above the law of the country, 'think about the modes of treatment'

देश के कानून से ऊपर नहीं है वायु सेना, 'इलाज के तौर तरीकों पर विचार करे'

Sat, 14 Jul 2018 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 14 Jul 2018 02:33 AM IST
विज्ञापन
Air Force is not above the law of the country, 'think about the modes of treatment'

भारतीय वायु सेना देश के कानून से ऊपर नहीं है। इसलिए उसके यहां तनाव व नशा संबंधी मामलों के इलाज के लिए तौर तरीके कानून के मुताबिक होने चाहिए। इसलिए वायु सेना अपने प्रोटोकोल पर पुनर्विचार करे। कोर्ट ने यह निर्देश 30 वर्षीय वायु सैनिक के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। वायुसैनिक को पिछले काफी समय से आर्मी बेस अस्पताल के मनोचिकित्सकीय विभाग में बंधक बना कर रखा गया था क्योंकि वह शराब पीने का आदी था।  

विज्ञापन


जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस विनोद गोयल ने कहा वायु सेना ऐसा न सोचे कि मेंटल हेल्थ एक्ट उस पर लागू नहीं होता। किसी भी शख्स को आप जितने समय तक चाहें इस तरह बंधक बनाकर नहीं रख सकते। वायु सेना अपने प्रोटोकोल पर पुनर्विचार करे और उसे कानून के मुताबिक बनाए। कोर्ट ने कहा वायु सेना कानून से ऊपर नहीं है। यह फौरन रोका जाना चाहिए। वायु सेना का सिस्टम कानून के मुताबिक होना चाहिए क्योंकि हमें नहीं पता कितने लोगों को इस तरह बंधक बना कर रखा गया है। वायु सेना ने जिस तरह व्यवहार किया है उसका बुरा असर सीधे तौर पर सेना पर पड़ेगा।  
विज्ञापन


कोर्ट ने वायु सेना को निर्देश दिया कि कारपोरल क्रिया योगेश भानखारिया को उसके पिता के साथ घर जाने दिया जाए। उसकी बीमारी या फिटनेस पर वायु सेना कोई निर्णय कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना नहीं लेगी। कोर्ट ने यह निर्देश कारपोरल के पिता की प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका पर अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed