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एयरचीफ मार्शल बोले- चीन-पाक से एक साथ निपटने को तैयार है भारतीय वायुसेना

Tue, 24 Apr 2018 07:51 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Tue, 24 Apr 2018 07:51 AM IST
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Air Force chief says- Indian Air Force is ready to Fight with China-Pak simultaneously
Dhanoa
भारतीय वायुसेना चीन और पाकिस्तान से एक साथ निपटने के लिए तैयार है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि वायुसेना के 13 दिन के युद्धाभ्यास ‘गगनशक्ति’ में निर्धारित उद्देश्यों से बेहतर परिणाम हासिल हुए हैं। वायुसेना का तीन दशक का यह सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 20 अप्रैल को संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा, लड़ाकू, परिवहन और रोटरी विंग के विमानों ने 11,000 से अधिक उड़ानों के जरिये जंग के लिए अपनी तैयारियों को परखा।
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8 से 20 अप्रैल तक चले इस युद्धाभ्यास में वायुसेना ने अपनी जंग की पूरी ताकत का इस्तेमाल किया। अखिल भारतीय स्तर पर हुए इस अभ्यास के दौरान ब्रह्मोस और हारपून एंटी शिप मिसाइलों से लैस लड़ाकू विमानों ने अपनी सामरिक पहुंच का दमखम दिखाते हुए दूरदराज के ठिकानों पर हमले का अभ्यास किया। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने 48 घंटे के अंदर ही अपने हथियारों और उपकरणों के एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में ले जाने का लक्ष्य हासिल किया। 
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वायुसेना ने रेगिस्तान, लद्दाख जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाके, समुद्र और सभी संभावित युद्ध की परिस्थितियों की तैयारियों का अभ्यास किया

Air Force chief says- Indian Air Force is ready to Fight with China-Pak simultaneously
Honey Trap: Indian Air Force's group captain
इस अभ्यास के महत्व को बताते हुए वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 48 घंटे के अंदर ही अपनी तैनाती एक मोर्च से दूसरे मोर्चे में करने का उद्देश्य दुश्मन को चौंकाना था। ऐसा दो मोर्चो पर एक साथ लड़ाई होने की स्थिति में होता है। वायुसेना ने रेगिस्तान, लद्दाख जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाके, समुद्र और सभी संभावित युद्ध की परिस्थितियों की तैयारियों का अभ्यास किया। अधिकारी ने कहा कि हमने यह सोचकर अभ्यास किया कि हम युद्ध लड़ने जा रहे हैं।

जब वायुसेना प्रमुख से मलक्का जलडमरूमध्य में ठिकानों पर हमले के अभ्यास से जुड़ी खबरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। हालांकि वायुसेना के अधिकारियों ने कहा कि एयरफोर्स ने 4,000 किलोमीटर दूर जाकर मलक्का जलडमरूमध्य में समुद्री टॉरगेट तक पहुंचने की क्षमता को भी परखा। हालांकि उन्होंने कहा कि वायुसेना ने उन्हीं लक्ष्यों पर प्रहार किया, जिनकी जानकारी नौसेना ने दी थी। इनमें से कोई भी मलयेशिया, सिंगापुर और इंडोनेशिया के जलमार्ग में नहीं था।

 इस दौरान वायुसेना ने नौसेना के साथ संयुक्त समुद्री और हवाई ऑपरेशन का अभ्यास किया गया। सेना के साथ भी अभ्यास किया गया। दुश्मन के इलाके में फंसे अपने चालक दल के सदस्यों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने की तैयारियों को भी जांचा गया। वायुसेना ने अपनी जंग की तैयारियों को ऐसे समय में परखा है जब चीन आए दिन भारत से सटी सीमा और सामरिक रूप से अहम समुद्री मार्ग पर आक्रामकता दिखा रहा है। साथ ही पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी कर रहा है।
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