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IAF: 'नई संरचना के खिलाफ नहीं...लेकिन देशहित में हो फैसला', थिएटराइजेशन मॉडल पर बोले वायुसेना प्रमुख एपी सिंह
Tue, 04 Nov 2025 08:07 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 04 Nov 2025 08:07 PM IST
सार
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा कि थिएटराइजेशन योजना पर चर्चा जारी है और कोई भी फैसला देशहित में होगा। उन्होंने साफ किया कि वायुसेना इस सुधार की विरोधी नहीं है।
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एयर मार्शल एपी सिंह, वायुसेना प्रमुख
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने मंगलवार को कहा कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए प्रस्तावित थिएटराइजेशन योजना पर चर्चाएं जारी हैं और इस पर कोई भी फैसला पूरी तरह राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि भारतीय वायुसेना इस सुधार प्रक्रिया का विरोध नहीं करती है, बल्कि इसके स्वरूप पर सोच-समझकर देश हित को दखते हुए आगे बढ़ना चाहती है।
भारत सरकार की थिएटराइजेशन योजना का मकसद थलसेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमताओं को एक साथ जोड़ना और संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। इस मॉडल के तहत अलग-अलग थिएटर कमांड बनाए जाएंगे, जिनमें तीनों सेनाओं की इकाइयां मिलकर एक क्षेत्र की सुरक्षा देखेंगी। मौजूदा समय में तीनों सेनाओं के अपने-अपने अलग कमांड हैं, जिन्हें एक संयुक्त ढांचे में लाने की कवायद चल रही है।
वायुसेना प्रमुख का रुख
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि हमें किसी दूसरे देश की प्रणाली को हूबहू अपनाने की बजाय अपने हालात के अनुसार ढांचा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि हमें नई संरचना की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे जल्दबाजी में नहीं लाना चाहिए। जो भी फैसला हो, वह भारत के लिए सबसे बेहतर होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण पेश किया।
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ये भी पढ़ें- 'डिजिटल युग में गोपनीयता भी होनी चाहिए सुरक्षित', महिला आयोग ने कहा- साइबर कानूनों पर समीक्षा जरूरी
ड्रोन और नई चुनौतियां
वायुसेना प्रमुख ने इस दौरान ड्रोन तकनीक और उसके इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि देश को एक संयुक्त संरचना बनानी चाहिए जो ड्रोन और काउंटर-ड्रोन गतिविधियों को संभाले, ठीक वैसे ही जैसे एयर डिफेंस सिस्टम काम करता है। सिंह ने कहा कि दुनिया भर में ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, लेकिन अभी भी ड्रोन युद्ध जीतने में सक्षम नहीं हैं। वे केवल सहयोग या भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
एयर पावर की अहमियत
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित किया कि वायुशक्ति कितनी निर्णायक भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जब मैं एयर पावर की बात करता हूं तो केवल वायुसेना की नहीं, बल्कि उस पूरे माध्यम की बात करता हूं जो आसमान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भविष्य का युद्ध कम्प्रिहेंसिव एयर पावर पर आधारित होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि थिएटराइजेशन पर जो भी निर्णय होगा, वह नेशन फर्स्ट की भावना से लिया जाएगा।
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भारत सरकार की थिएटराइजेशन योजना का मकसद थलसेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमताओं को एक साथ जोड़ना और संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। इस मॉडल के तहत अलग-अलग थिएटर कमांड बनाए जाएंगे, जिनमें तीनों सेनाओं की इकाइयां मिलकर एक क्षेत्र की सुरक्षा देखेंगी। मौजूदा समय में तीनों सेनाओं के अपने-अपने अलग कमांड हैं, जिन्हें एक संयुक्त ढांचे में लाने की कवायद चल रही है।
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वायुसेना प्रमुख का रुख
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि हमें किसी दूसरे देश की प्रणाली को हूबहू अपनाने की बजाय अपने हालात के अनुसार ढांचा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि हमें नई संरचना की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे जल्दबाजी में नहीं लाना चाहिए। जो भी फैसला हो, वह भारत के लिए सबसे बेहतर होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण पेश किया।
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ड्रोन और नई चुनौतियां
वायुसेना प्रमुख ने इस दौरान ड्रोन तकनीक और उसके इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि देश को एक संयुक्त संरचना बनानी चाहिए जो ड्रोन और काउंटर-ड्रोन गतिविधियों को संभाले, ठीक वैसे ही जैसे एयर डिफेंस सिस्टम काम करता है। सिंह ने कहा कि दुनिया भर में ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, लेकिन अभी भी ड्रोन युद्ध जीतने में सक्षम नहीं हैं। वे केवल सहयोग या भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
एयर पावर की अहमियत
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित किया कि वायुशक्ति कितनी निर्णायक भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जब मैं एयर पावर की बात करता हूं तो केवल वायुसेना की नहीं, बल्कि उस पूरे माध्यम की बात करता हूं जो आसमान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भविष्य का युद्ध कम्प्रिहेंसिव एयर पावर पर आधारित होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि थिएटराइजेशन पर जो भी निर्णय होगा, वह नेशन फर्स्ट की भावना से लिया जाएगा।
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