{"_id":"603aefbd6b1ca7498f3f5c2a","slug":"air-and-water-quality-deterioration-in-industrial-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिंताजनक: औद्योगिक क्षेत्रों में हवा-पानी की गुणवत्ता हो रही खराब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चिंताजनक: औद्योगिक क्षेत्रों में हवा-पानी की गुणवत्ता हो रही खराब
Sun, 28 Feb 2021 06:54 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 28 Feb 2021 06:54 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में औद्योगिक प्रदूषण का स्तर तीव्र गति से बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( एसपीसीबी) द्वारा 88 औद्योगिक क्लस्टरों के आकलन में पता चला है कि 2009 से 2018 के बीच इनमें से 33 में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहा है। सीएसई की रिपोर्ट-2021 में ये खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों के कारण हवा से लेकर पानी और भूमि तक दूषित हो रही है। सीपीसीबी द्वारा तैयार कॉम्प्रीहेन्सिव एनवायरनमेंट पॉल्युशन इंडेक्स (सीईपीआई) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के नजफगढ़ में हवा की गुणवत्ता का सुचकांक 2009 में 52 था जो 2018 में बढ़कर 85 हो गया।
विज्ञापन
यूपी में सांस लेना होगा मुश्किल
यूपी में भी दूषित हवा का रुख बदल रहा है। यूपी के मथुरा में हवा की गुणवत्ता का स्कोर 2009 में 48 था जो 2009 में बढ़कर 86 हो गया। बुलंदशहर-खुर्जा में ये आंकड़ा 42 से बढ़कर 79 हो गया। जो चिंताजनक स्तिथि है और आने वाले समय में सांस लेना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
राजस्थान से गुरुग्राम तक पानी खराब
रिपोर्ट के अनुसार 44 क्लस्टर में पानी की गुणवत्ता लगातार खराब देखी गई है। सीईपीआई के अनुसार राजस्थान के सांगानेर और गुरुग्राम में पानी का स्कोर 70 से अधिक था, जबकि महाराष्ट्र के तारापुर और यूपी के कानपुर , वाराणसी, मिर्जापुर में ये आंकड़ा 80 से अधिक था जो इशारा करता है कि स्थिति समय के साथ खराब होती जा रही है।