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SC में पर्सनल लॉ बोर्ड का नया दांव, कहा- तीन तलाक के खिलाफ लोगों को करेंगे जागरूक

Mon, 22 May 2017 06:48 PM IST
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला Updated Mon, 22 May 2017 06:48 PM IST
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AIMPLB in supreme court: bride will add condition in Nikahnama to exclude triple talaq
ट्रिपल तलाक - फोटो : InShorts
तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एफिडेविट फाइल किया है। इसमें कहा गया है कि वो तीन तलाक को रोकने की पूरी कोशिश करेगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एफिडेविट में कहा है कि महिला अगर चाहे, तो निकाह के समय ही निकाहनामे में ये शर्त जोड़ सकती है कि वो तीन तलाक के आधार पर तलाक नहीं स्वीकार करेगी।
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इससे पहले तीन तलाक के विषय पर किसी भी हस्तक्षेप का विरोध करता रहा है। पर तीन तलाक के विरोध में 6 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से पूछा कि वो तीन तलाक जैसी अमानवीय व्यवस्था को रोकने के लिए क्या करेगा।
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उसी के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ये एफिडेविट फाइल किया है। इसमें उसने कहा है कि वह तीन तलाक के खिलाफ लोगों को जागरूक करेगा और इसके लिए तमाम संसाधनों की मदद ली जाएगी। बोर्ड यह भी प्रयास करेगा कि निकाहनामे के समय यह शर्त भी डाली जाए कि महिला तीन तलाक को नामंजूर कर दे। 
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस नए एफिडेविट में कहा कि वो तीन तलाक को रोकने की कोशिश करेगा। साथ ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ये भी कहा कि शरियत के हिसाब से महिला निकाह के समय तीन तलाक को न मानने की शर्त भी रख सकती है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ऐसे समय में एफिडेविट दिया है, जब सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ इस मामले में सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा था अगर मुस्लिम समुदाय खुद ही इस प्रथा को खत्म नहीं करता है तो वह केंद्र कानून बनाकर इस प्रथा को खत्म कर देगा।
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