आधिकारिक एलान: तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने भाजपा-एनडीए से तोड़े रिश्ते, 2024 में अलग मोर्चे का करेगा नेतृत्व
अन्नाद्रमुक के उपसमन्वयक केपी मुनुसामी ने कहा कि बैठक में AIADMK ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। AIADMK आज से BJP और NDA गठबंधन से सारे रिश्ते तोड़ रही है।
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तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ अपना रिश्ता खत्म कर लिया है। अन्नाद्रमुक का कहना है कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अलग मोर्चे का नेतृत्व करेगा। पार्टी के उप-समन्वयक केपी मुनुसामी ने इसका आधिकारिक एलान किया। उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक ने बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। अन्नाद्रमुक आज से भाजपा और एनडीए गठबंधन से सभी संबंध तोड़ रही है। भाजपा का राज्य नेतृत्व लगातार पिछले एक साल से हमारे पूर्व नेताओं, हमारे महासचिव ईपीएस और हमारे कैडर के बारे में अनावश्यक टिप्पणी कर रहा है।
#WATCH | Tamil Nadu | AIADMK workers burst crackers in Chennai after the party announces breaking of all ties with BJP and NDA from today. pic.twitter.com/k4UXpuoJhj
— ANI (@ANI) September 25, 2023विज्ञापन
अन्नामलाई ने कही यह बात
AIADMK द्वारा भाजपा और NDA गठबंधन तोड़ने पर तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने कहा कि 'अभी यात्रा चल रही है और मैंने उनके (AIADMK) द्वारा दिए गए प्रेस बयान को पढ़ा है और इस संबंध में हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व सही समय पर बात करेगा। हमारा एक प्रोटोकॉल है और हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व सही समय पर बोलेगा।
इससे पहले अन्नाद्रमुक ने कहा था कि उनका भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं है और गठबंधन को लेकर चुनाव के समय विचार किया जाएगा। एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने यह बयान दिया था। उन्होंने साफ किया था कि यह उनका निजी बयान नहीं है, बल्कि उनकी पार्टी का स्टैंड है।
डी जयकुमार ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अन्नामलाई ने द्रविड़ राजनीति के दिग्गज नेता सीएन अन्नादुरई की आलोचना की और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। अन्नामलाई ने एआईएडीएमके नेताओं के खिलाफ भी बयानबाजी की और दिवंगत पूर्व सीएम जे जयललिता की भी आलोचना की थी। एआईएडीएमके ने इस पर भी आपत्ति जताई थी।
डी जयकुमार ने ये भी कहा था कि अन्नामलाई भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के लायक नहीं हैं। बता दें कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने बीते दिनों राज्य के धार्मिक मामलों के मंत्री पीके शेखर बाबू के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। जिस कार्यक्रम में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी की थी, उस कार्यक्रम में पीके शेखर बाबू भी मौजूद थे।