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Cyber Crime: एआई से बढ़ा खतरा! देश में हर मिनट हो रहे 500 से ज्यादा साइबर क्राइम, यह राज्य है सबसे आगे
Tue, 16 Dec 2025 02:16 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 16 Dec 2025 02:16 PM IST
सार
भारत में साइबर सुरक्षा उत्पाद बनाने वाली कंपनियों की संख्या में पहले के मुकाबले तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों की संख्या 400 से अधिक हो गई है। पिछले पांच वर्षों में इनमें औसतन 34 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज देखी गई है।
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Cyber Crime
- फोटो : FREEPIK
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विस्तार
देश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी और हैकिंग के बढ़ते मामलों के कारण साइबर सुरक्षा की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा हो गई है। इसका असर यह है कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रही भारतीय कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। हाल ही में आए डेटा के मुताबिक, देश में हर मिनट 505 से अधिक साइबर घटनाएं सामने आ रही है। साइबर क्राइम और आनलाइन धोखाधड़ी के मामले सबसे ज्यादा महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में सामने आ रहे हैं।
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भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद (डीएससीआई) की ताजा रिपोर्ट कहती है कि, भारत में साइबर सुरक्षा उत्पाद बनाने वाली कंपनियों की संख्या में पहले के मुकाबले तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों की संख्या 400 से अधिक हो गई है। पिछले पांच वर्षों में इनमें औसतन 34 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज देखी गई है। भारत में वर्ष 2020 में इन कंपनियों का कुल सालाना कारोबार 1.05 अरब डॉलर था। जबकि साइबर सुरक्षा उत्पाद कंपनियों का राजस्व 2026 तक बढ़कर करीब 6 अरब डॉलर होने की उम्मीद है, जो पिछले साल 4.46 अरब डॉलर था।
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रिपोर्ट के आंकड़े बताते है, 55 प्रतिशत कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी काम कर रही हैं। इनमें प्रमुख ग्राहक उत्तरी अमेरिका, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में हैं। यह देश इन कंपनियों के लिए महत्त्वपूर्ण बाजार के रूप में उभरे हैं। भले ही कई साइबर सुरक्षा कंपनियों के ग्राहक विदेशों में है। लेकिन यह कंपनियां सीधे तौर पर वहां काम नहीं करती है। महज 17 प्रतिशत कंपनियों के ही विदेशों में अपने कार्यालय हैं। इसलिए अधिकतर कंपनियां अन्य भागीदारों के जरिए वहां सेवाएं देती हैं। देश में कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर और महाराष्ट्र इनके प्रमुख बाजार हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में साइबर हमलों और ऑनलाइन अपराधों के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं।
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इंडिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट की कहती है कि, साइबर सुरक्षा कंपनी सीक्राइट ने अक्टूबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच 26.55 करोड़ साइबर घटनाओं का पता लगाया। इसका मतलब है कि इस दौरान हर मिनट 505 से अधिक साइबर घटनाएं सामने आईं। डीएससीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इन साइबर हमलों में से करीब 31 प्रतिशत मामलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए सप्लाई चेन पर हमले और समन्वित तरीकों का इस्तेमाल किया गया। वहीं लगभग 29 प्रतिशत हमले निजी मैलवेयर और एआई आधारित तकनीकों से जुड़े थे।