अहमदाबाद विमान हादसा: उड़ान भरते ही बिखर गए सपने, न्हावा की मैथिली और याशा के परिजनों की आंखों में छलके आंसू
अहमदाबाद विमान हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। न्हावा की फ्लाइट अटेंडेंट मैथिली और नागपुर की याशा अपने परिवार के साथ लंदन जा रही थीं। हादसे के बाद से दोनों के परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। जहां एक तरफ मैथिली के गांव के लोग उनकी मेहनत और संघर्ष को याद कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर याशा के पिता ने कहा कि गुरुवार की सुबह 9 बजे उनकी बात याशा से हुई थी, लेकिन अब कोई खबर नहीं मिल रही है...
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अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर हुए भयावह विमान हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हादसे में कई लोगों के मारे जाने की आशंका है, और कई परिवार अब तक अपने अपनों की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल है कि पनवेल के न्हावा गांव की 24 वर्षीय मैथिली मोरेश्वर पाटिल और नागपुर के याशा के परिवार का। मैथिली भी इस विमान में सवार थीं और अब तक उनका कुछ पता नहीं चला है।
बता दें कि मैथिली एयर इंडिया में फ्लाइट अटेंडेंट थीं और लंदन की उड़ान पर थीं। हादसे से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अपने पिता से सुबह 11:30 बजे बात की थी और वादा किया था कि लंदन पहुंचकर दोबारा कॉल करेंगी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। फिलहाल मैथिली के माता-पिता अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में डीएनए टेस्ट के लिए पहुंचे हैं ताकि पहचान की जा सके।
मैथिली के गांव में शोक की लहर
विमान हादसे की खबर से जैसा कि देशभर में शोक की लहर है। उसी प्रकास से मैथिली के गांव की भी स्थिति है। लोग उनकी मेहनत और संघर्ष को याद कर रहे हैं। गांव के लोग बताते हैं कि मैथिली ने टीएस रहमान विद्यालय से बारहवीं तक पढ़ाई की थी, फिर एक एविएशन कोर्स करके एयर इंडिया में नौकरी हासिल की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। उसकी कामयाबी ने गांव की कई लड़कियों को प्रेरणा दी थी।
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मैथिली हमारे परिवार की शान थी- मामा जितेंद्र दामोदर
मैथिली के मामा जितेंद्र दामोदर म्हात्रे, जो गांव के पूर्व सरपंच हैं, उन्होंने अपनी भांजी को लेकर कहा कि मैथिली हमारे परिवार की शान थी। वो अक्सर हमारे घर आती थी। बुधवार दोपहर खाना खाकर वह अहमदाबाद रवाना हुई थी, जहां से उसकी लंदन की फ्लाइट थी। यह हादसा हमारे लिए बहुत बड़ा झटका है।
इसी हादसे में नागपुर के मनीष कामदार की बेटी याशा, डेढ़ साल का नाती और याशा की सास भी विमान में सवार थे। नागपुर के रहने वाले मनीष कामदार ने बताया कि उनकी बेटी याशा, डेढ़ साल का बेटा और उसकी सास लंदन जाने वाले विमान सवार थे। विमान हादसे के बाद से तीनों का कुछ भी पता नहीं चल सका है। मेरा दामाद अहमदबाद में उस अस्पताल के बाहर है, जहां हादसे के बाद लोग लाए गए हैं।
भयावह विमान हादसे के बाद से परेशान मनीष कामदार ने बताया कि गुरुवार सुबह 9 बजे ही मैंने अपनी बेटी से फोन पर बात की थी। लेकिन अब मुझे और मेरे परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं। अब तक एअर इंडिया और न ही सरकार की ओर से मेरे परिवार से कोई संपर्क किया गया।
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कामदार ने बताई अपनी आपबीती
उन्होंने कहा कि बहुच घबराहट हो रही है। मैं सड़क के रास्ते अहमदाबाद जा रहा हूं। मेरा दामाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के बाहर इंतजार कर रहा है, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। किसी को अस्पताल के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। मेरी बेटी के ससुर ब्रिटेन में रहते थे और एक महीने पहले ही उनका निधन हो गया था। ससुर की प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए मेरी बेटी अपनी सास और डेढ़ साल के बेटे के साथ लंदन जा रही थी।