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एनसीपी में शामिल हुए वाघेला, पवार बोले- विपक्ष को पीएम का चेहरा पेश करने की जरूरत नहीं

Tue, 29 Jan 2019 04:00 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अजय सिंह Updated Tue, 29 Jan 2019 04:00 PM IST
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Ahmedabad: Former Chief Minister of Gujarat Shankersinh Vaghela joins Nationalist Congress Party
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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने एक बार फिर पाला बदल लिया है। उन्होंने मंगलवार को नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का दामन थाम लिया है। वाघेला को पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने एनसीपी में शामिल किया है। 
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बता दें कि कांग्रेस के बागी नेता शंकर सिंह वाघेला एनसीपी में शामिल होने से पहले माना जा रहा था कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। मालूम हो कि कुछ दिन पहे ही उन्होंने कहा था कि आने वाले चुनावों में वे कांग्रेस के लिए प्रचार भी करेंगे। उन्होंने राहुल की तारीफ करते हुए भविष्य का नेता बताया था। गुजरात के दिग्गज नेताओं में से एक रह चुके वाघेला ने कहा था कि वर्तमान केंद्र सरकार ने जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो दी है और जनता अब उनसे छुटकारा चाहती है। इसके लिए सभी दलों को एक साथ आना चाहिए और वे इसके लिए प्रयास करेंगे।
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वाघेला ने कहा था कि 2019 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री बनाम देश की जनता का है। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि भाजपा को हराने के लिए बाकी सभी दलों को एक साथ आ जाना चाहिए और महागठबंधन के तले मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में सभी दलों को एक साथ लाने के लिए वे काम करेंगे। जो दल किन्हीं वजहों से अभी साथ आने से हिचक रहे हैं, उन्हें भी गठबंधन में लाने के लिए वे प्रयास करेंगे।

इस सवाल पर कि महागठबंधन का नेता कौन होगा, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री वाघेला ने कहा था कि जनता समय के हिसाब से अपना नेता चुन लेती है। महागठबंधन के नेता के रूप में भी कोई सामने आ जायेगा। लेकिन सिर्फ इसी सवाल के कारण साथ आने में किसी को कोई हिचक नहीं होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के खिलाफ जनता में बहुत गुस्सा है। लोग मोदी के झूठे भाषणों से ऊब चुके हैं। वे अब उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। सभी राजनीतिक दलों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे उसकी इच्छा को पूरा करने के लिए आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ एक मंच पर आ जाएं। 

उन्होंने कहा था कि जब उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए भारी बहुमत मिला था, तब मैंने उनसे जनता को किये वायदे पूरे करने की बात कही थी। लेकिन आज यह सबके सामने आ चुका है कि यह सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हुई है। अपनी असफलता को छिपाने के लिए गाय, गंगा, दादरी और बाबरी जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
 
हालांकि वाघेला की कांग्रेस में वापसी की संभावनाओं के मुद्दे पर बात करने पर पार्टी के एक शीर्ष नेता ने कहा था कि उनकी वापसी की राह बंद हो चुकी है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी भूमिका बेहद नकारात्मक रही है। उनकी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। ऐसे में पार्टी में उनकी वापसी की कोई संभावना नहीं है। लगभग 78 साल के हो चुके वाघेला गुजरात की राजनीति के बड़े चेहरे रहे हैं। वे गुजरात के मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय मंत्री, पांच बार लोकसभा सदस्य और एक बार राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।

विपक्ष को प्रधानमंत्री का चेहरा पेश करने की जरूरत नहीं: पवार

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी दलों के प्रस्तावित महागठबंधन का प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है।

पवार ने कहा कि पिछले कांग्रेस नीत संप्रग ने अच्छा प्रदर्शन किया था जबकि गठबंधन ने 2004 आम चुनावों से पहले अपने किसी नेता को प्रधानमंत्री के तौर पर पेश नहीं किया था।

पवार उन विपक्षी नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने इस महीने कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आयोजित महारैली में शिरकत की थी।

राकांपा प्रमुख ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अभी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में सोचने की कोई जरूरत नहीं है।’’ 

प्रधानमंत्री पद के लिए गठबंधन के उम्मीदवार के बारे में पूछ जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2004 चुनावों से पहले किसी उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया था। लेकिन हम दस साल तक सफल सरकार चलाने में कामयाब रहे।’’ 

पवार ने कहा, ‘‘हम महागठबंधन में यह करने का प्रयास कर रहे हैं कि हर राज्य में मजबूत पार्टी के साथ खड़ा हुआ जाए। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु में द्रमुक मजबूत है, सभी अन्य पार्टी इसके साथ खड़ी हों। आंध्र प्रदेश में, तेदेपा मजबूत है, सभी अन्य पार्टी भाजपा से लड़ने के लिए इसका समर्थन करें जबकि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस मजबूत है।’’ 

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