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गुजरात: पाकिस्तान-बांग्लादेश से भेजे जा रहे थे धमकी भरे ई-मेल, आरोपियों ने बताया कैसे ऑपरेट होता था नेटवर्क
Wed, 28 Oct 2026 04:58 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, अहमदाबाद, गुजरात
पीटीआई, अहमदाबाद, गुजरात
Published by: अमन मौर्या
Updated Wed, 28 Oct 2026 04:58 PM IST
सार
अहमदाबाद में स्कूलों और स्टेडियम को मिली बम की झूठी धमकियों के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हैक किए गए ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल हुआ था।
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बम से उड़ाने की धमकी के बाद बम स्क्वाड ने जांच की (सांकेतिक)
विस्तार
अहमदाबाद में हाल ही में हुई बम की झूठी धमकियों के दो मामलों की शुरुआती जांच से पता चला है कि जिन ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया, वे बांग्लादेश और पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे। साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में एक ऐसे नेटवर्क का भी पता चला है जो हैक किए गए ईमेल अकाउंट्स को बेचने का काम करता है। इसी तरह की धमकियों की पिछली जांच में सामने आया था कि गुजरात पुलिस द्वारा पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किए गए एक आरोपी ने हैक किए गए जीमेल अकाउंट्स बांग्लादेश के एक व्यक्ति को बेचे थे। उस व्यक्ति ने आगे इन्हें पाकिस्तान के किसी व्यक्ति को क्रिप्टोकरेंसी के बदले बेच दिया।
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पहला मामला सात अक्तूबर को दर्ज किया गया था, जब दो ईमेल आईडी से 16 जगहों पर बम धमाकों की धमकी देने वाले ईमेल भेजे गए थे। इन जगहों में 10 स्कूल, गुजरात हाई कोर्ट, अहमदाबाद की अन्य अदालतें और नरेंद्र मोदी स्टेडियम शामिल थे। इन ईमेल में खालिस्तान का जिक्र था और दिल्ली में एक नवंबर को होने वाले गायक दिलजीत दोसांझ के शो तथा 21 नवंबर को मोदी स्टेडियम में होने वाले उनके शो में धमाके करने की धमकी दी गई थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये ईमेल अकाउंट्स बांग्लादेश और पाकिस्तान के रावलपिंडी से संचालित किए जा रहे थे। कथित तौर पर पुराने ईमेल अकाउंट्स हासिल किए गए और उनका इस्तेमाल धमकी भरे संदेश भेजने के लिए किया गया।
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दूसरा मामला 27 अक्तूबर को दर्ज किया गया, जब एक अन्य ईमेल अकाउंट से धमकी भरा संदेश भेजा गया। इसमें 19 जगहों को निशाना बनाया गया था, जिनमें 14 स्कूल, सरकारी कार्यालय, अदालतें और मोदी स्टेडियम शामिल थे। इस संदेश में भी खालिस्तान का जिक्र था और अहमदाबाद में धमाके करने की धमकी दी गई थी। साथ ही, लोगों को 21 नवंबर को होने वाले दिलजीत दोसांझ के शो में न जाने की चेतावनी दी गई थी। ईमेल 'हेडर्स' की जांच और जीमेल से मिली जानकारी से पता चला है कि यह अकाउंट बांग्लादेश के रंगपुर और पाकिस्तान के लाहौर से संचालित किया गया था।
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विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर क्राइम ब्रांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर इन दोनों मामलों की जांच कर रही है। इससे पहले, एक खालिस्तानी संगठन के नाम पर इसी तरह की बम धमकियां दिए जाने के बाद पश्चिम बंगाल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को पता चला कि आरोपी ने हैक किए गए जीमेल अकाउंट बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे थे, और उस व्यक्ति ने आगे इन्हें पाकिस्तान में किसी को बेच दिया, जिसके बदले में उसे क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान मिला। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे ये लोग त्योहारों और अन्य महत्वपूर्ण मौकों से पहले डराने-धमकाने वाले ईमेल भेजते थे, ताकि लोगों के बीच डर पैदा किया जा सके।
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पहला मामला सात अक्तूबर को दर्ज किया गया था, जब दो ईमेल आईडी से 16 जगहों पर बम धमाकों की धमकी देने वाले ईमेल भेजे गए थे। इन जगहों में 10 स्कूल, गुजरात हाई कोर्ट, अहमदाबाद की अन्य अदालतें और नरेंद्र मोदी स्टेडियम शामिल थे। इन ईमेल में खालिस्तान का जिक्र था और दिल्ली में एक नवंबर को होने वाले गायक दिलजीत दोसांझ के शो तथा 21 नवंबर को मोदी स्टेडियम में होने वाले उनके शो में धमाके करने की धमकी दी गई थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये ईमेल अकाउंट्स बांग्लादेश और पाकिस्तान के रावलपिंडी से संचालित किए जा रहे थे। कथित तौर पर पुराने ईमेल अकाउंट्स हासिल किए गए और उनका इस्तेमाल धमकी भरे संदेश भेजने के लिए किया गया।
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दूसरा मामला 27 अक्तूबर को दर्ज किया गया, जब एक अन्य ईमेल अकाउंट से धमकी भरा संदेश भेजा गया। इसमें 19 जगहों को निशाना बनाया गया था, जिनमें 14 स्कूल, सरकारी कार्यालय, अदालतें और मोदी स्टेडियम शामिल थे। इस संदेश में भी खालिस्तान का जिक्र था और अहमदाबाद में धमाके करने की धमकी दी गई थी। साथ ही, लोगों को 21 नवंबर को होने वाले दिलजीत दोसांझ के शो में न जाने की चेतावनी दी गई थी। ईमेल 'हेडर्स' की जांच और जीमेल से मिली जानकारी से पता चला है कि यह अकाउंट बांग्लादेश के रंगपुर और पाकिस्तान के लाहौर से संचालित किया गया था।
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विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर क्राइम ब्रांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर इन दोनों मामलों की जांच कर रही है। इससे पहले, एक खालिस्तानी संगठन के नाम पर इसी तरह की बम धमकियां दिए जाने के बाद पश्चिम बंगाल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को पता चला कि आरोपी ने हैक किए गए जीमेल अकाउंट बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे थे, और उस व्यक्ति ने आगे इन्हें पाकिस्तान में किसी को बेच दिया, जिसके बदले में उसे क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान मिला। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे ये लोग त्योहारों और अन्य महत्वपूर्ण मौकों से पहले डराने-धमकाने वाले ईमेल भेजते थे, ताकि लोगों के बीच डर पैदा किया जा सके।