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Maharashtra: फडणवीस बोले- चुनाव से पहले झूठी कहानियां गढ़ रहा विपक्ष, विकास के मुद्दों पर नहीं कर सकता मुकाबला
Mon, 28 Jul 2025 03:37 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वर्धा (महाराष्ट्र)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वर्धा (महाराष्ट्र)
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 28 Jul 2025 03:37 PM IST
सार
Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चुनावों से पहले विपक्ष विकास पर बहस करने की बजाय झूठी बातें और गलत जानकारी फैला रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र विशेष लोक सुरक्षा विधेयक का बचाव किया और विपक्ष पर बिना पढ़े इसका विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष आने वाले दिनों में जाति और भाषा जैसे मुद्दे उठाकर लोगों को गुमराह करेगा।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि जैसे ही चुनावी करीब आते हैं, विपक्ष दल झूठ और गलत जानकारी फैलाने का अभियान शुरू कर देते हैं, क्योंकि वे सरकार के विकास कार्यों का मुकाबला नहीं कर सकते। फडणवीस वर्धा के विदर्भ क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
'2014 के बाद हमने हर शहर का चेहरा बदल दिया'
उन्होंने कहा, महाराष्ट्र विशेष लोक सुरक्षा विधेयक की आलोचना करने वाले 99 फीसदी लोगों ने उसे पढ़ा ही नहीं है, फिर भी वे उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 2014 के बाद से हमने हर शहर का चेहरा बदल दिया है। हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारे विरोधी विकास के मुद्दे पर हमारे सामने टिक नहीं सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो विकास हुआ है, उसका वे मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए वे रोज झूठी कहानी गढ़ते हैं और गलत जानकारी फैलाते हैं।
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'विकास से जुड़ी बातों पर बहस नहीं करना चाहता विपक्ष'
मुख्यमंत्री ने कहा, विपक्ष विकास से जुड़ी बातों पर बहस नहीं करना चाहता, क्योंकि उसे मालूम है कि अगर ऐसा हुआ तो जनता उनसे सवाल पूछेगी कि जब वे सत्ता में थे तब उन्होंने क्या किया। उन्होंने महाराष्ट्र विशेष लोक सुरक्षा विधेयक का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष इसे असांविधानिक और लोगों की आवाज दबाने वाला विधेयक बता रहा है, जबकि हकीकत इसके विपरीत है।
'अर्बन नक्सलियों के लिए लाया गया विधेयक'
फडणवीस ने बताया, इस विधेयक को लेकर सरकार ने सभी दलों के नेताओं को शामिल करते हुए एक समिति बनाई थी। चर्चा केबाद इसे सर्वसम्मति से विधानसभा में पारित किया गया। लेकिन बाद में कुछ विपक्षी नेताओं को हाईकमान से आदेश मिले और उन्होंने इस विधेयक के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक अर्बन नक्सलियों और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लाया गया है, जो अराजकता फैलाने और संविधान के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं।
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'विरोध करने वाले 99 फीसदी लोगों ने विधेयक नहीं पढ़ा'
उन्होंने आगे कहा, जब ऐसे विधेयकों की वजह से दूसरे राज्यों में अर्बन नक्सलियों पर प्रतिबंध लगा, तो वे महाराष्ट्र को अपना केंद्र बनाने लगे। मैं दावा कर सकता हूं कि जिन लोगों ने इस विधेयक के खिलाफ बोला है, उनमें से 99 फीसदी लोगों ने इसे पढ़ा ही नहीं है। फिर भी वे झूठी गढ़ रहे हैं और वे स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ऐसा करते रहेंगे। फडणवीस ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी विपक्ष ने अफवाह उड़ाई कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है, लेकिन वंबर में हुए विधानसभा चुनावों में वे इसी तरह गलत जानकारी नहीं फैला पाए और भाजपा गठबंधन को बड़ी जीत मिली। मुख्यमंत्री ने कहा, विपक्ष विकास कार्यों पर चर्चा नहीं करना चाहता, इसलिए अब भाषा, जाति जैसे मुद्दों को उठाएगा। आने वाले महीनों में वे ऐसी कहानियां लेकर आएंगे, जिनका जनता की प्रगति से कोई लेना-देना नहीं है।
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'2014 के बाद हमने हर शहर का चेहरा बदल दिया'
उन्होंने कहा, महाराष्ट्र विशेष लोक सुरक्षा विधेयक की आलोचना करने वाले 99 फीसदी लोगों ने उसे पढ़ा ही नहीं है, फिर भी वे उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 2014 के बाद से हमने हर शहर का चेहरा बदल दिया है। हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारे विरोधी विकास के मुद्दे पर हमारे सामने टिक नहीं सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो विकास हुआ है, उसका वे मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए वे रोज झूठी कहानी गढ़ते हैं और गलत जानकारी फैलाते हैं।
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'विकास से जुड़ी बातों पर बहस नहीं करना चाहता विपक्ष'
मुख्यमंत्री ने कहा, विपक्ष विकास से जुड़ी बातों पर बहस नहीं करना चाहता, क्योंकि उसे मालूम है कि अगर ऐसा हुआ तो जनता उनसे सवाल पूछेगी कि जब वे सत्ता में थे तब उन्होंने क्या किया। उन्होंने महाराष्ट्र विशेष लोक सुरक्षा विधेयक का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष इसे असांविधानिक और लोगों की आवाज दबाने वाला विधेयक बता रहा है, जबकि हकीकत इसके विपरीत है।
'अर्बन नक्सलियों के लिए लाया गया विधेयक'
फडणवीस ने बताया, इस विधेयक को लेकर सरकार ने सभी दलों के नेताओं को शामिल करते हुए एक समिति बनाई थी। चर्चा केबाद इसे सर्वसम्मति से विधानसभा में पारित किया गया। लेकिन बाद में कुछ विपक्षी नेताओं को हाईकमान से आदेश मिले और उन्होंने इस विधेयक के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक अर्बन नक्सलियों और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लाया गया है, जो अराजकता फैलाने और संविधान के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं।
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'विरोध करने वाले 99 फीसदी लोगों ने विधेयक नहीं पढ़ा'
उन्होंने आगे कहा, जब ऐसे विधेयकों की वजह से दूसरे राज्यों में अर्बन नक्सलियों पर प्रतिबंध लगा, तो वे महाराष्ट्र को अपना केंद्र बनाने लगे। मैं दावा कर सकता हूं कि जिन लोगों ने इस विधेयक के खिलाफ बोला है, उनमें से 99 फीसदी लोगों ने इसे पढ़ा ही नहीं है। फिर भी वे झूठी गढ़ रहे हैं और वे स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ऐसा करते रहेंगे। फडणवीस ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी विपक्ष ने अफवाह उड़ाई कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है, लेकिन वंबर में हुए विधानसभा चुनावों में वे इसी तरह गलत जानकारी नहीं फैला पाए और भाजपा गठबंधन को बड़ी जीत मिली। मुख्यमंत्री ने कहा, विपक्ष विकास कार्यों पर चर्चा नहीं करना चाहता, इसलिए अब भाषा, जाति जैसे मुद्दों को उठाएगा। आने वाले महीनों में वे ऐसी कहानियां लेकर आएंगे, जिनका जनता की प्रगति से कोई लेना-देना नहीं है।