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Punjab Flood: PM मोदी को रिपोर्ट सौंपेंगे शिवराज, कृषि मंत्री ने बताया इन वजहों से आई है पंजाब में भयंकर बाढ़?

Sat, 06 Sep 2025 04:51 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sat, 06 Sep 2025 04:51 PM IST
सार

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ के लिए आंशिक रूप से सतलुज, व्यास, रावी और घग्गर नदियों के तटबंधों के कमजोर होने और अवैध खनन गतिविधियों के कारण हुई क्षति को जिम्मेदार ठहराया है।

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Agriculture Minister told what are reasons behind flood in Punjab Shivraj will submit report to PM Modi
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान। - फोटो : ANI

विस्तार

 बाढ़ प्रभावित राज्य पंजाब का दौरा करने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य में बाढ़ की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सौंपेंगे। कृषि मंत्री ने कहा शिवराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, पंजाब में बाढ़ की जो स्थितियां है उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत ही चिंतित है।उन्हें के निर्देश पर मैं वहा के हालत समझने पंजाब गया था।

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कृषि मंत्री ने कहा, पंजाब में जल प्रलय की स्थिति है। फसलें तबाह और बर्बाद हो गई है। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ खड़ी है। अब बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुननिर्माण के लिए हमें योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। पंजाब को इस संकट से बाहर निकालने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होगी। मैं प्रधानमंत्री को पंजाब के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपूंगा। संकट बड़ा है, लेकिन केंद्र सरकार इस संकट से बाहर निकलने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। राज्य सरकार को भी पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम करना होगा।  
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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ के लिए आंशिक रूप से सतलुज, व्यास, रावी और घग्गर नदियों के तटबंधों के कमजोर होने और अवैध खनन गतिविधियों के कारण हुई क्षति को जिम्मेदार ठहराया है। शिवराज ने लिखा कि, अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे और प्रकाश सिंह बादल जब पंजाब के सीएम थे, तब फसलों को बाढ़ से बचाने के लिए सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों पर बांध मजबूत और उंचे किए गए थे। लेकिन अवैध खनन के कारण वे कमजोर हो गए और गांव में पानी आ गया है। अब इन ढांचों को मजबूत करना जरूरी है ताकि पंजाब को भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचाया जा सके।
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मंत्री शिवराज ने पीड़ितों को भोजन, कपड़े और दवाइयां उपलब्ध कराने वाले हजारों सामाजिक कार्यकर्ताओं की सेवा भावना की सराहना की। आपदा की इस घड़ी में, न केवल पंजाब, बल्कि पड़ोसी राज्यों के लोगों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। एकता और सेवा की यही भावना हमें बड़े से बड़े संकट से भी उबरने की शक्ति देती है।

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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के योजनाबद्ध पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें राज्य को उबरने में मदद के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता शामिल है। बाढ़ के बाद की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री शिवराज ने पानी कम होने पर संभावित बीमारियों के प्रकोप की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मृत पशुओं का सुरक्षित तरीके से निपटान करना होगा, ताकि बीमारी न फैले। खेतों में गाद जमा हो गई है, उसे हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल खतरे में न पड़े।

गौरतलब है कि, पंजाब सरकार ने भारी बारिश और नदियों के उफान के बाद सभी 23 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है। लगभग 1,48,590 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और 1,400 से ज़्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं जिससे 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। गुरदासपुर इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है जिसके 324 गांव चपेट में हैं। उसके बाद अमृतसर (135 गांव) और होशियारपुर (119 गांव) का स्थान है। केंद्र सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए दो आकलन दल तैनात किए हैं।

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