असम-नागालैंड में सहमति: दोनों राज्य सीमावर्ती क्षेत्रों से अपने सुरक्षा बल हटाने को राजी
असम व नागालैंड के बीच तनाव घटाने में शनिवार को बड़ी कामयाबी मिल गई। दोनों राज्य सीमावर्ती क्षेत्रों से सुरक्षा बलों को तत्काल हटाने पर सहमत हो गए हैं।
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असम व मिजोरम के बीच जहां सीमा विवाद को लेकर गतिरोध कायम है, वहीं असम व नागालैंड के बीच तनाव घटाने पर सहमति हो गई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। सरमा ने बताया कि असम व नागालैंड के मुख्य सचिवों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों से अपने-अपने सुरक्षा बल हटाने पर रजामंदी हो गई। ये सुरक्षा बल तत्काल हटा दिए जाएंगे। सुरक्षा बल सीमावर्ती क्षेत्रों से अपने आधार शिविरों में लौट जाएंगे। मुख्यमंत्री सरमा ने इसे बड़ी कामयाबी बताया है।
Assam CM HB Sarma tweets: "In a major breakthrough towards de-escalating tensions at Assam-Nagaland border, the 2 Chief Secretaries (of Assam & Nagaland) have arrived at an understanding to immediately withdraw states' forces from border locations to their respective base camps." pic.twitter.com/7ADPbLbWnHविज्ञापन— ANI (@ANI) July 31, 2021
एनआईए को सौंपा जाना चाहिए केस : सरमा
असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने मिजोरम में उनके खिलाफ केस दर्ज करने को लेकर कहा कि संघर्ष असम के इलाके में हुआ, इसलिए न्याय क्षेत्र राज्य का बनता है, लेकिन यदि वहां केस दर्ज हुआ है तो अच्छा है। इस केस को एनआईए को सौंपा जाना चाहिए, ताकि वह जांच कर सके।
Assam | The clash took place in the territory of Assam. So the jurisdiction lies within the state. But if a case is registered then it is good. The case should be given to NIA so that it can investigate it: Himanta Biswa Sarma, Assam CM pic.twitter.com/WhmDjm0mIA
— ANI (@ANI) July 31, 2021
सरमा ने कहा कि उन्हें जांच में शामिल होकर खुशी होगी। यह केस तटस्थ एजेंसी को क्यों नहीं सौंपा जा रहा है, खासकर तब जब यह घटना असम के सीमा क्षेत्र में हुई है। सरमा ने ट्वीट कर कहा कि वह मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा को पहले ही यह बात कह चुके हैं।