{"_id":"5706dbe14f1c1b5c28c814ed","slug":"agra-and-bareilly-highway-will-become-green-corridor","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली से आगरा और बरेली जाने वाले राजमार्ग बनेंगे ग्रीन कॉरिडोर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
दिल्ली से आगरा और बरेली जाने वाले राजमार्ग बनेंगे ग्रीन कॉरिडोर
शिशिर चौरसिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 08 Apr 2016 03:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली से बरेली और दिल्ली से आगरा जाने वाले राजमार्ग को ग्रीन कॉरिडोर में बदलने की योजना बनाई है। इस बारे में मंत्रालय स्तर पर प्रारंभिक कार्य शुरू हो गया है। शीघ्र ही इस बारे में औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद इन राजमार्गों पर जगह जगह सीएनजी स्टेशन खोले जाएंगे ताकि स्वच्छ ईंधन से मोटर वाहन चले और प्रदूषण घटे।
विज्ञापन
यहां बृहस्पतिवार को एक सीएनजी स्टेशन के उद्घाटन अवसर पर प्रधान ने बताया कि देश के प्रमुख मार्गों को ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना है ताकि इन पर स्वच्छ ईंधन से मोटर वाहन चले। जब सीएनजी जैसे स्वर्च्छ इंधन से मोटर वाहन चलेंगे तो पैसे भी कम खर्च होंगे और प्रदूषण भी घटेगा।
विज्ञापन
मोटर वाहन चलाने के लिहाज से सीएनजी पेट्रोल के मुकाबले 55 फीसदी जबकि डीजल के मुकाबले 25 फीसदी सस्ता पड़ता है। जहां तक प्रदूषण की बात है तो वह तो इससे होता ही नहीं है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शुरूआत में दिल्ली से आगरा और दिल्ली से बरेली जाने वाले मार्ग को ग्रीन कॉरिडोर में बदला जाएगा। इसके बाद दिल्ली से लखनऊ, दिल्ली से चंडीगढ़, दिल्ली से जयपुर और दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले राजमार्गों को भी ग्रीन कॉरिडोर में बदला जाएगा। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इसी तरह कुछ अन्य राज्यों के प्रमुख सड़कों को भी ग्रीन कॉरिडोर में बदला जाएगा।
गैस कारोबार में अग्रणी कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बीसी त्रिपाठी से जब अमर उजाला ने पूछा कि दिल्ली-आगरा और दिल्ली-बरेली राजमार्ग कब ग्रीन कोरिडोर में बदलेगा, तो उन्होंने क्लियरेंस मिलने पर एक महीने में ऐसा करने की बात कही।
त्रिपाठी ने बताया कि दोनो राजमार्गों के आसपास से उसकी पाइपलाइन गुजरती है। जहां सीएनजी स्टेशन बनाना हो, वहां तक पाइपलाइन पहुंचाने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। उनका कहना है कि पाइपलाइन की जरूरत तो मदर सीएनजी स्टेशन के लिए पड़ती है, डॉटर सीएनजी स्टेशन तो अभी भी बनाए जा सकते हैं। इसके लिए पर्याप्त संसाधन है।
पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण की सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अध्यक्ष बी अशोक ने बताया कि एक बार इस बारे में विस्तृत कार्ययोजना तैयार हो जाए, फिर वे काम शुरू कर देंगे।
उनके मुताबिक उनकेवर्तमान पेट्रोल पंप पर ही सीएनजी स्टेशन बनाने की शुरूआत हो गई है। इन कॉरिडोरों पर भी इसी तरह से सीएनजी पंप लगा दिए जाएंगे। इससे कार और टैक्सी जैसे छोटे वाहनों को आसानी से सीएनजी मिल जाएगी।