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Hindi News ›   India News ›   Agni-5 MIRV Technology: What is the Mission Divyastra and importance of missile

Agni-5: चीन के उत्तरी हिस्से तक मारक शक्ति, सड़क के जरिए हथियार ले जाने की क्षमता; जानें MIRV तकनीक की खासियत

Mon, 11 Mar 2024 08:23 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 11 Mar 2024 08:23 PM IST
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सार
Agni-5: डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने स्वदेशी अग्नि-5 मिसाइल के पहले फ्लाइट टेस्ट किया है। यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हिकल (MIRV) तकनीक से लैस है। नए टेस्ट के साथ भारत एमआईआरवी क्षमता वाले खास देशों की सूची में आ गया है।
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Agni-5 MIRV Technology: What is the Mission Divyastra and importance of missile
अग्नि-5 मिसाइल - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

देश के वैज्ञानिकों ने एक और उपलब्धि देश के नाम की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अग्नि-5 मिसाइल के टेस्ट परीक्षण किया है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। यह परीक्षण मिशन दिव्यास्त्र के तहत किया गया है। 



आइये जानते हैं कि डीआरडीओ ने क्या उपलब्धि हासिल की है? मिशन दिव्यास्त्र के परीक्षण से क्या होगा? अग्नि-5 क्या है? मिसाइल की अहमियत क्या है? एमआईआरवी तकनीक क्या है?

अग्नि-5 (प्रतीकात्मक)
अग्नि-5 (प्रतीकात्मक) - फोटो : Twitter

डीआरडीओ ने क्या उपलब्धि हासिल की है?
डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने स्वदेशी अग्नि-5 मिसाइल के पहले फ्लाइट टेस्ट किया है। यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हिकल (MIRV) तकनीक से लैस है। इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट और कहा, 'मिशन दिव्यास्त्र के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों पर हमें गर्व है, जिन्होंने स्वदेशी अग्नि-5 मिसाइल के पहले फ्लाइट टेस्ट किया।'

मिशन दिव्यास्त्र के परीक्षण से क्या होगा? 
स्वदेशी अग्नि-5 मिसाइल के पहला फ्लाइट टेस्ट कई मायनों में अहम है। इससे एक ही मिसाइल कई स्थानों पर कई हथियार को तैनात कर सकती है। सरकार के सूत्र ने बताया कि परियोजना निदेशक एक महिला है और इसमें महिलाओं का अहम योगदान है। 

एमआईआरवी तकनीक क्या है?
एमआईआरवी तकनीक के तहत किसी मिसाइल में एक ही बार में कई परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता होती है और इन हथियारों से अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बनाया जा सकता है। इसकी एक खासियत यह भी है कि इसे सड़क मार्ग से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इससे पहले की अग्नि मिसाइलों में यह सुविधा नहीं थी। वैज्ञानिक कई वर्षों से एमआईआरवी तकनीक पर काम कर रहे हैं। 

नए टेस्ट के साथ भारत मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) क्षमता वाले देशों की खास सूची में आ गया है। इस अत्याधुनिक प्रणाली में स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता को भी दर्शाती है।

अग्नि-5 क्या है?
अग्नि-5 एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। इस मिसाइल की खासियत है कि यह वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने से पहले अंतरिक्ष में जाती है। 

यह मिसाइल जो तीन चरणों वाले ठोस ईंधन वाले इंजन का उपयोग करती है। अग्नि-5 मिसाइल बहुत उच्च स्तर की सटीकता के साथ 5,000 किलोमीटर तक लक्ष्य पर प्रहार करने में सक्षम है। इस तरह से अग्नि-5 की मारक क्षमता चीन के सबसे उत्तरी हिस्से के साथ-साथ यूरोप के कुछ क्षेत्रों सहित लगभग पूरे एशिया तक हो सकती है। यह भारत के हथियार कार्यक्रम के इतिहास में सबसे दूर तक मार करने वाली मिसाइल है।

अग्नि 1 से 4 मिसाइलों की मारक क्षमता 700 किमी से 3,500 किमी तक है। इन मिसाइलों को पहले ही तैनात किया जा चुका है।

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