Agneepath Scheme: प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करेंगे किसान संगठन, 24 जून को सरकार के खिलाफ करेंगे हल्ला बोल
किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां और युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार की इस योजना के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने अग्निवीर भर्ती की शुरुआत के दिन यानी शुक्रवार 24 जून को ही इस योजना के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाने का फैसला किया है...
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भारतीय सेना में नई भर्ती योजना अग्निपथ को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। केंद्र सरकार की इस योजना को लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा विरोध देखा गया। इसी बीच अब प्रदर्शनकारी छात्रों को संयुक्त किसान मोर्चा का भी साथ मिल गया है। मोर्चा 24 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाएगा। सभी किसान संगठन इस दिन जिला और तहसील मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस योजना का विरोध कर रहे सभी युवाओं से अपील की है कि वे इस शांतिपूर्ण विरोध दिवस की मर्यादा का सम्मान करते हुए इस विरोध दिवस से जुड़ें।
वरिष्ठ किसान नेता शिवकुमार शर्मा (कक्का जी) और योगेंद्र यादव के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा ने सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं के राष्ट्रव्यापी विरोध को अपना समर्थन घोषित किया है। विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने इस योजना को जवान-विरोधी, किसान-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी बताया है। मोर्चा का कहना है कि जब केंद्र सरकार जय जवान-जय किसान के नारे की भावना को तहस-नहस करने पर तुली है, ऐसे में किसान संगठनों का कर्तव्य है कि वह जवानों के साथ इस संघर्ष में कंधे से कंधा जोड़कर खड़ा हो। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा इस शुक्रवार, 24 जून को देशभर में विरोध दिवस मनाएगा। यह फैसला संयुक्त किसान मोर्चा की सात सदस्य कोऑर्डिनेशन कमेटी ने मंगलवार को करनाल (हरियाणा) हुई अपनी बैठक में लिया।
अमर उजाला से चर्चा में किसान नेता हन्नान मोल्ला कहते हैं कि यह योजना देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और बेरोजगार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है, बल्कि देश के किसान परिवारों के साथ भी धोखा है। इस देश का जवान वर्दीधारी किसान है। अधिकांश सैनिक किसान परिवार से हैं। सेना की नौकरी लाखों किसान परिवारों के मान और आर्थिक संबल से जुड़ी है। यह देश के लिए शर्म का विषय है कि वन रैंक-वन पेंशन के वादे के साथ पूर्व सैनिकों की रैली से अपना विजय अभियान शुरू करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अब 'नो रैंक-नो पेंशन' की इस योजना को लाद दिया है।
किसान नेता डॉ. दर्शन पाल और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सेना में नियमित भर्ती में भारी कटौती उन किसान पुत्रों के साथ धोखा है, जिन्होंने वर्षों से फौज में सेवा करने का सपना संजोया था। यह संयोग नहीं है कि इस योजना में ऑल इंडिया ऑल क्लास के नियम से भर्ती करने पर उन सभी इलाकों से भर्ती में सबसे ज्यादा कटौती होगी, जहां किसान आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया था। किसान आंदोलन के हाथों अपनी पराजय से तिलमिलाई हुई इस सरकार का किसानों से बदला उतारने का एक और हथकंडा है।
किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां और युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार की इस योजना के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने अग्निवीर भर्ती की शुरुआत के दिन यानी शुक्रवार 24 जून को ही इस योजना के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाने का फैसला किया है। उस दिन सभी किसान और छात्र जय जवान-जय किसान के नारे के साथ सभी जिला, तहसील या ब्लॉक मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित कर सेना के सर्वोच्च कमांडर भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया जाएगा।
व्यापक किसान आंदोलन चलाने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत अब केंद्र की योजना अग्निपथ का भी विरोध करने जा रहे हैं। 24 जून को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया जाएगा। खुद राकेश टिकैत भी सड़क पर उतर इस योजना का विरोध करेंगे।