मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हुए मध्य प्रदेश के किसान, भाजपा के सीनियर नेता करेंगे किसानों की अगुआई
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भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बागी नेता यशवंत सिन्हा और आरएसएस के पूर्व नेता गोविंदाचार्य किसानों/भूमिहीनों के मुद्दे पर मोदी सरकार को परेशानी में डाल सकते हैं। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भूमि अधिकार की मांग को लेकर करीब 25 हजार भूमिहीन सत्याग्रही गुरुवार को दिल्ली की ओर कूच कर गए।
भूमिहीनों के मार्च में बीजेपी के पूर्व नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, चिंतक और विचारक गोविंदाचार्य के अलावा एकता परिषद के संस्थापक पी.वी. राजगोपाल, गांधीवादी सुब्बा राव सहित अनेक प्रमुख लोग शामिल हुए। वहीं, सत्याग्रह का समर्थन करने 6 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मुरैना पहुंचने वाले हैं।
मध्य प्रदेश में अगले कुछ महीनों में चुनाव की संभावना है। ऐसे में किसानों/भूमिहीनों का आंदोलन बीजेपी के मुश्किलें खड़ी कर सकता है। बीजेपी शासित मध्य प्रदेश मंदसौर किसान आंदोलन का गवाह रहा है, जहां पुलिस की गोली से कई किसानों की मौत हो गई थी।
आगरा-मुंबई मार्ग पर बढ़ते सत्याग्रही के हाथ में झंडा और कंधे पर थैला टंगा हुआ है, उनमें अपना हक पाने का जज्बा साफ पढ़ा सकता है। पहले दिन सत्याग्रही 19 किलोमीटर चले और मुरैना जिले की सीमा में पहुंच गए। देशभर के भूमिहीन गांधी जयंती पर मेला मैदान में जमा हुए थे और दो दिन तक वहीं डेरा डाले रहे और उसके बाद गुरुवार को उन्होंने दिल्ली की ओर रुख किया।