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यू-ट्यूब देखकर बन गए चरमपंथी, पाकिस्तान जाकर लेने वाले थे आतंकी ट्रेनिंग

Sun, 30 Aug 2020 09:16 PM IST
मुकेश कुमार झा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: मुकेश कुमार झा Updated Sun, 30 Aug 2020 09:16 PM IST
सार

मोगा जिला कार्यालय पर खालिस्तान का झंडा फहराने के दोनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की पूछताछ में हुआ संवेदनशील खुलासा, कनाडा-पाकिस्तान तक जुड़े हैं तार

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after watching youtube became terrorists, to take terrorist training in Pakistan 
आतंकी (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब के मोगा जिले के इंदरजीत सिंह (31 वर्ष) और जसपाल सिंह (27 वर्ष) साधारण भारतीय युवाओं की तरह बड़े होकर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने लगे थे। इंदरजीत सिंह दसवीं क्लास में फेल होने के बाद ड्राइवर बन गया और अपनी जिम्मेदारी पूरी करने लगा तो जसपाल सिंह ने अपने गांव में ही एक इंटरनेट कैफे खोल लिया और अपने परिवार का सहारा बन गया। लेकिन कुछ ही दिन पहले इन्दरजीत सिंह के ममेरे भाई ने उसे यू-ट्यूब पर एक चैनल देखने के लिए कहा। इसे देखने के बाद कमाने-खाने वाला साधारण इंदरजीत सिंह चरमपंथी विचारों से प्रभावित हो गया और अपने दोस्त जसपाल सिंह के साथ मोगा जिला मुख्यालय पर खालिस्तान का झंडा फहराकर ईनामी बदमाशों में शामिल हो गया। अब दोनों पर पचास हजार रूपये के ईनाम हैं।

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यह एक छोटी सी कहानी है जो यह बताने के लिए काफी है कि किस प्रकार सोशल मीडिया भोले-भाले युवाओं को बहकाकर आतंकी गतिविधियों की तरफ मोड़ने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। खालिस्तान ग्रुप के इन दो सदस्यों को गिरफ्तार करने वाली दिल्ली पुलिस की टीम के एक सदस्य ने भी माना सोशल मीडिया अब युवाओं को बहकाने के लिए खूब इस्तेमाल किया जा रहा है और अगर इस पर सही समय पर लगाम न लगाई गई तो यह बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसके पहले एक अन्य धार्मिक आतंकी गतिविधि से जुड़े एक आतंकी के मामले में भी यही कहानी सामने आई थी।
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डीसीपी (स्पेशल सेल) संजीव कुमार यादव के मुताबिक दोनों सदस्यों ने खुलासा किया है कि वे दिल्ली आकर नेपाल भागने की फिराक में थे। वहां से वे पाकिस्तान जाने वाले थे जहां उन्हें आगे की ट्रेनिंग दी जाने वाली थी। दोनों ही युवा यू-ट्यूब पर खालिस्तान के एक चरमपंथी राणा के यू-ट्यूब विडियो देखकर भ्रमित हुए थे। दोनों को पाकिस्तान तक पहुंचने के लिए आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई गई थी। जब इन दोनों ने मोगा जिला मुख्यालय पर खालिस्तान का झंडा फहराया था, उन्होंने इसका विडियो भी बनाया था और इस विडियो को व्हाट्सएप के जरिये राणा तक पहुंचाया गया था जिसे बाद में खूब वायरल भी किया गया था।   
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चरमपंथियों की प्रोफाइल
खालिस्तान जिंदाबाद फ़ोर्स के गिरफ्तार किए गए दो सदस्यों में से एक इन्दरजीत सिंह गिल पुत्र जगराज सिंह (31 वर्ष) मोगा जिले का रहने वाला है। वह दशवीं कक्षा में फेल हो गया था। इसके बाद से वह स्थानीय इलाके में ही ड्राइवर के तौर पर काम करने लगा था। वर्ष 2012 में एह जालन्धर स्थिति एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में भी काम करने लग गया था।


गिरफ्तार दूसरा सदस्य जसपाल सिंह पुत्र चन्कौर सिंह (27 वर्ष) भी मोगा जिले का ही रहने वाला है। वह अपने गांव में ही एक इंटरनेट कैफे चलाता है। दोनों ने स्वतंत्रतादिवस की पूर्व संध्या पर जिला कार्यालय पर खालिस्तान का झंडा फहराया था। आरोप है कि इन दोनों सदस्यों ने तिरंगे का अपमान भी किया था। इसके बाद से ही पंजाब पुलिस इन्हें खोज रही थी। पंजाब पुलिस ने इन पर 50 हजार रूपये का इनाम भी घोषित किया था। पंजाब में इन पर राष्ट्रद्रोह की धाराओं में केस दर्ज हैं।

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