India-US: ट्रंप की जीत के बाद भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर पूर्व राजदूत का दावा, कहा- मजबूत होंगे रिश्ते
पूर्व राजदूत पंकज सरन ने कहा कि यह ऐतिहासिक परिणाम है। यह इतिहास के सबसे अहम नतीजों में से एक है। क्योंकि इस चुनाव में काफी कुछ दांव पर लगा हुआ था। मगर नतीजे सामने आने के बाद सारे अनुमान गलत साबित हुए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद पूर्व राजदूत और उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज सरन ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से भारत और अमेरिका के रिश्ते और भी मजबूत होंगे।
पंकज सरन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध नजर आते हैं। प्रधानमंत्री ने कुछ समय पहले ही ट्वीट किया है, इससे साफ है कि पीएम मोदी को भरोसा है कि ट्रंप संयुक्त राज्य अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बन चुके हैं। ट्रंप की जीत भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बहुत अच्छा संकेत है। पंकज सरन ने कहा कि जो बाइडन के कार्यकाल की तुलना में हमारे रिश्ते बेहद बेहतर हैं। कुछ समस्याएं हैं, जिन पर बात की जाएगी। मुझे लगता है कि ट्रंप प्रशासन के साथ भारत-अमेरिका संबंध और भी बेहतर होंगे।
गलत साबित हुए सारे अनुमान
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम को लेकर पूर्व राजदूत पंकज सरन ने कहा कि यह ऐतिहासिक परिणाम है। यह इतिहास के सबसे अहम नतीजों में से एक है। क्योंकि इस चुनाव में काफी कुछ दांव पर लगा हुआ था। मगर नतीजे सामने आने के बाद सारे अनुमान गलत साबित हुए। क्योंकि सभी ने कड़ी टक्कर की भविष्यवाणी की थी। अब इलेक्टोरल कॉलेज और लोकप्रिय वोट में लगभग पूरी तरह से रिपब्लिकन का सफाया हो गया है। पंकज सरन ने कहा कि पेंसिल्वेनिया और जॉर्जिया जैसे बड़े राज्य रिपब्लिकन के पास जा रहे हैं। डेमोक्रेट किसी भी विशेष राज्य को रिपब्लिकन से अलग नहीं कर पाए। मुझे लगता है ट्रंप के पक्ष में एक बड़ा वोट है। यह काफी अनूठा है।
रूस-यूक्रेन युद्ध का हो सकता है हल
पूर्व डिप्टी एनएसए पंकज सरन ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह इस मसले को 24 घंटे में हल कर देंगे। वह युद्ध को रोक देंगे। मुझे लगता है कि यूक्रेन मुद्दे पर हम बड़े बदलाव महसूस कर सकते हैं। हालांकि गाजा-इस्राइल संघर्ष को लेकर ट्रंप ने काफी कुछ नहीं कहा है, मगर उन्होंने इस्राइल का समर्थन किया है। इससे लगता है कि इस्राइल ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से काफी सुरक्षित महसूस करेगा। जबकि ईरान की चिंता बढ़ सकती है।
लोगों में बाइडन के खिलाफ दिखा गुस्सा
पूर्व राजदूत ने कहा कि मिशिगन जैसे राज्य जहां एक बड़ी आबादी अरब थी और जिसे डेमोक्रेट्स के पास जाना चाहिए था, उसे भी रिपब्लिकन ने जीत लिया है। मुझे लगता है कि लोगों में बाइडन के खिलाफ गुस्सा था। वहीं इस नतीजे को लेकर अगर कोई सावधान है तो वह चीन है। क्योंकि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन को लेकर काफी कुछ कहा था। मुख्य तौर पर चीन टैरिफ को लेकर घबराया है।
भारत के संबंध और बढ़ेंगे: अशोक
पूर्व राजनयिक अशोक सज्जनहार ने कहा कि अमेरिका में चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में रही हो, भारत के संबंध निरंतर बढ़ते और विस्तारित होते रहे हैं। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण साझेदारी है और हमें इसे आगे ले जाने की जरूरत है। पीएम मोदी के डोनाल्ड ट्रंप के साथ अच्छे व्यक्तिगत संबंध हैं। भारत 2017 में जो था उससे अलग देश है। हम दुनिया की 8वीं या 9वीं अर्थव्यवस्था थे, आज हम 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। उन्हें भारतीय बाजार की भी जरूरत है। हम जल्द ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनने वाले हैं। मुझे यकीन है कि अगला अमेरिकी प्रशासन इसे एक लाभ के रूप में देखेगा।
बहुत करीबी मुकाबला था: कुरैशी
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि मुकाबला बहुत करीबी था। कमला हैरिस ने वास्तव में अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन पिछले 10-15 दिनों में उनके भाषणों में कोई दम नहीं था। बाइडन की सेहत खराब हो रही थी इसलिए कमला हैरिस को डेमोक्रेट उम्मीदवार के रूप में आगे रखा गया। अब सवाल यह है कि भारत के लिए कौन बेहतर होता। दोनों ही मामलों में भारत के पक्ष और विपक्ष थे। हम अनुमान लगाते थे कि चूंकि कमला हैरिस भारतीय मूल की हैं और इससे हमें फायदा होगा, लेकिन उन्होंने पिछले चार साल में भारत के पक्ष में कोई टिप्पणी नहीं की। जबकि डोनाल्ड ट्रंप की प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छी केमिस्ट्री है।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.