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लेटर बम के बाद अब CWC ने अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिए और अधिकार

Mon, 24 Aug 2020 09:59 PM IST
Rajeev Rai शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Mon, 24 Aug 2020 09:59 PM IST
सार

  • राहुल गांधी के प्रयासों की सराहना
  • नेताओं के लिए अपनी बात पार्टी के फोरम पर रखने का अनुशासन पाठ

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After the letter issue, the CWC now gave interim Congress president Sonia Gandhi more rights
सोनिया गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter @INCIndia

विस्तार

लेटर बम नहीं वह कांग्रेस का आंतरिक लोकतंत्र था। इसी संदेश के साथ कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का पटाक्षेप हो गया। कार्यसमिति ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठनात्मक बदलाव करने के लिए अधिकृत कर दिया। पार्टी का अधिवेशन बुलाए जाने तक वह कांग्रेस की बागडोर संभालती रहेंगी। बात यहीं खत्म नहीं हुई। पार्टी के कुछ नेताओं के निशाने पर जहां पार्टी के पूर्व अध्यक्ष बताए जा रहे थे, वहीं सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी के प्रयासों को खूब सराहना भी मिली।

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पार्टी के नेता अनुशासन का रखें ख्याल, फोरम पर रखें बात
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के नेताओं द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे पत्र पर भी चर्चा हुई। उनके द्वारा उठाए मुद्दे पर भी विमर्श हुआ। दिलचस्प है कि कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने नेताओं को इसके बाद अनुशासन का भी पाठ पढ़ाया। नेताओं के पत्र का मजमून लीक होने, सार्वजनिक बयानबाजी और पार्टी के फोरम से बाहर पार्टी के अंदरूनी मामलों पर बोलने को अच्छा नहीं माना। कांग्रेस अध्यक्ष को भी यह नागवार गुजरा। पार्टी ने अपने नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए उनसे अपील की है कि वे अंदरूनी मामले को पार्टी के फोरम पर ही उठाएं। उसे सार्वजनिक चर्चा का रूप देने से बचें।
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सोनिया और राहुल के हाथों को मजबूत करने का संकल्प
कांग्रेस कार्यसमिति ने बैठक में अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष तथा सांसद राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करने का संकल्प लिया। राहुल गांधी के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। कांग्रेस कार्यसमिति ने माना कि कोविड-19 संक्रमण की चुनौती, लद्दाख में चीन की घुसपैठ समेत हर मुद्दे पर राहुल गांधी ने भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की लड़ाई का दृढ़ता से नेतृत्व किया। सरकार की हर मुद्दे पर विफलता को उजागर करते रहे। भाजपा सरकार की विभाजनकारी राजनीति, भ्रामक प्रचार-प्रसार का पर्दाफाश करते रहे। पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ पार्टी के इस अभियान का श्रेय राहुल के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दिया। नेताओं ने सोनिया गांधी के नेतृत्व, मार्ग-दर्शन में पूर्ण आस्था व्यक्त की।
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चार चुनौतीपूर्ण मुद्दे
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के नेताओं ने चार प्रमुख मुद्दे को देश के सामने बड़ी चुनौती माना। समझा जा रहा है कि पार्टी आगे इन्हीं मुद्दों पर सरकार की नाक में पानी भरती रहेगी। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा हजारों लोगों की जान लेने वाली कोरोना महामारी है। कांग्रेस कार्यसमिति ने इस संक्रमण से निबटने में सरकार को विफल माना है। दूसरा मुद्दा तेजी से गिरती देश की अर्थव्यवस्था है। इसके चलते देश में बेरोजगारी, बेकारी, असमानता बढऩे का खतरा पैदा हो गया है। पार्टी का मानना है कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है। तीसरी बड़ी चुनौती बेरोजगारी के कारण बढ़ रही गरीबी की संभावना है। चौथी बड़ी चुनौती चीन के द्वारा लद्दाख क्षेत्र में की गई घुसपैठ है। समझा जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र में केन्द्र सरकार के लिए यह चार मुद्दे बड़ी चुनौती बनने वाले हैं।

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