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चुनाव के बाद राज्यसभा में भाजपा की 69, कांग्रेस की 50 सीटें, अटके बिल पारित होने की जगी उम्मीद
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sun, 25 Mar 2018 04:38 AM IST
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बीजेपी
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राज्यसभा की 58 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव के बाद भाजपा को 11 सीटों का फायदा हुआ है। वहीं, कांग्रेस को चार सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। इस चुनाव में सत्ताधारी पार्टी की स्थिति न सिर्फ मजबूत हुई है, बल्कि अपने मुख्य विपक्षी दल को इसने संख्याबल में काफी पीछे छोड़ दिया है।
शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के 28 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की जबकि उसके 17 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अगले सप्ताह कांग्रेस के 14 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है जबकि चुनाव में उसके 10 उम्मीदवार ही जीत पाए।
अगले सप्ताह जीते हुए सदस्यों के शपथ लेने के बाद 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या 58 से बढ़कर 69 हो जाएगी जबकि कांग्रेस सदस्यों की संख्या 54 से घटकर 50 रह जाएगी। हालांकि भाजपा-नीत राजग से घटक दलों का अलग होना जारी है। हाल ही में इसके चार साल पुराने घटक दल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने राजग छोड़ने का फैसला किया है। उच्च सदन में टीडीपी के छह सदस्य हैं।
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इस चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस की तरह अपने दूसरे विपक्षी दल सपा को भी भारी नुकसान पहुंचाया। सपा के छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है लेकिन उसके एक सदस्य ही सदन पहुंचने में सफल रहे। भाजपा सूत्रों ने बताया कि अन्नाद्रमुक, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस और बीजद जैसे दलों के के कारण भाजपा उच्च सदन में मजबूत स्थिति में आ गई है। ये सभी दल राजग का हिस्सा तो नहीं हैं लेकिन सरकार के विधायी एजेंडे का खुलकर समर्थन करते हैं।
मोदी सरकार के कई विधेयक बहुमत के अभाव और एकजुट विपक्ष के विरोध के कारण उच्च सदन में अटके हुए हैं। राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की लगातार जीत से उच्च सदन में पार्टी की संख्या बढ़ रही है। इससे उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही ये विधेयक अब राज्यसभा से भी पारित हो जाएंगे। वहीं कई राज्यों में सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस की स्थिति राज्यसभा में भी लगातार कमजोर होती जा रही है।
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शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के 28 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की जबकि उसके 17 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अगले सप्ताह कांग्रेस के 14 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है जबकि चुनाव में उसके 10 उम्मीदवार ही जीत पाए।
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अगले सप्ताह जीते हुए सदस्यों के शपथ लेने के बाद 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या 58 से बढ़कर 69 हो जाएगी जबकि कांग्रेस सदस्यों की संख्या 54 से घटकर 50 रह जाएगी। हालांकि भाजपा-नीत राजग से घटक दलों का अलग होना जारी है। हाल ही में इसके चार साल पुराने घटक दल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने राजग छोड़ने का फैसला किया है। उच्च सदन में टीडीपी के छह सदस्य हैं।
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इस चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस की तरह अपने दूसरे विपक्षी दल सपा को भी भारी नुकसान पहुंचाया। सपा के छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है लेकिन उसके एक सदस्य ही सदन पहुंचने में सफल रहे। भाजपा सूत्रों ने बताया कि अन्नाद्रमुक, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस और बीजद जैसे दलों के के कारण भाजपा उच्च सदन में मजबूत स्थिति में आ गई है। ये सभी दल राजग का हिस्सा तो नहीं हैं लेकिन सरकार के विधायी एजेंडे का खुलकर समर्थन करते हैं।
मोदी सरकार के कई विधेयक बहुमत के अभाव और एकजुट विपक्ष के विरोध के कारण उच्च सदन में अटके हुए हैं। राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की लगातार जीत से उच्च सदन में पार्टी की संख्या बढ़ रही है। इससे उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही ये विधेयक अब राज्यसभा से भी पारित हो जाएंगे। वहीं कई राज्यों में सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस की स्थिति राज्यसभा में भी लगातार कमजोर होती जा रही है।