फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   After the death of Jayalalitha, Money deposits in her account every month

जयललिता की मौत के बाद भी उनके बैंक खातों में हर महीने जमा हो रहे हैं पैसे

Sun, 27 Jan 2019 09:25 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: अजय सिंह Updated Sun, 27 Jan 2019 09:25 AM IST
विज्ञापन
After the death of Jayalalitha, Money deposits in her account every month
Jayalalitha

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत को दो साल हो चुके हैं लेकिन उनके बैंट अकाउंट अभी भी चल रहे हैं। 

विज्ञापन


अभी दो दिन पहले ही आयकर विभाग ने सभी को ये बताकर आश्चर्य चकित कर दिया कि अपनी मौत से दस साल पहले तक तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता जिस घर में रहती थीं उसे आयकर विभाग ने 16.74 करोड़ रुपये बकाया होने की वजह से अटैच किया हुआ था। 

यह तथ्य तब सामने आए जब मद्रास हाईकोर्ट के सामने आयकर विभाग ने कहा कि वेद निलायम, जयललिता का पॉश गार्डन रेसीडेंस साल 2007 से ही विभाग ने अटैच किया हुआ था।
विज्ञापन


आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमारे पास जानकारी है कि व्यवसायिक और आवासीय संपत्ति, जिसमें कोडानाड की संपत्ति भी शामिल है, से हर महीने किराए का पैसा आ रहा है।"
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बकाया राशि 5 दिसंबर, 2016 से उनकी मौत के बाद से लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि किसी ने भी अभी तक इसे चुकाने की जिम्मेदारी नहीं ली है। 

अधिकारी ने कहा, "आयकर विभाग एक्ट के अनुसार हमनें जयललिता की चार संपत्ति अटैच करने के बाद, सब-रजिस्ट्रार से कहा है कि इनमें से किसी में भी डील न करें। और जब तक उनका आयकर का बकाया पूरा न दिया जाए न तो संपत्ति को बेचा जाए और न दी पट्टे पर दिया जाए।"

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमनें सब-रडिस्ट्रार्स को सूचित करने के अलावा कई बार पूर्व मुख्यमंत्री को रिमाइंडर भेजे थे कि वह कर का बकाया दें। लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया न तो बकाया राशि दी और न ही अपनी संपत्ति को अटैच करने के लिए जारी किया। उनकी फाइल में कागजों के बंडल हैं, जिनमें समन, रिमाइंडर आदि की जानकारियां हैं। समन गए और आए पर कर की राशि का भुगतान करने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया गया।"


विभाग के स्थायी वरिष्ठ परामर्शदाता एपी श्रीनिवास ने बताया कि वेद नियालम के अलावा तीन और संपत्ति- दो चेन्नई में और एक हैदराबाद को भी विभाग ने अटैच किया हुआ था। यह प्रस्तुतियां जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की गईं। याचिका राज्य सरकार को वेद निलायम को स्मारक के तौर पर बदलने से रोकने के लिए दाखिल की गई है। जिसे सामाजिक कार्यकर्ता केआर रामास्वामी ने दाखिल किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed