फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   after Supreme Court verdict on triple talaq, petitioner Ishrat jahan faces social boycott

तीन तलाक के खिलाफ जंग छेड़ने वाली इशरत जहां का समाज ने किया बायकॉट

Fri, 25 Aug 2017 01:55 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Fri, 25 Aug 2017 01:55 PM IST
विज्ञापन
after Supreme Court verdict on triple talaq, petitioner Ishrat jahan faces social boycott
इशरत जहां

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया, लेकिन इसके खिलाफ आवाज उठाने वाली याचिकाकर्ता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बताया जा रहा है कि महिलाओं के हक के लिए आवाज उठाने वाली इशरत जहां को सामाजिक बहिष्कार  का सामना करना पड़ रहा है। 

विज्ञापन


इशरत ने सोचा था कि कोर्ट के फैसले के बाद उनकी मुश्किलें कम हो जाएंगी लेकिन वह ये नहीं जानती थीं कि इसके बाद उन्हें सामाजिक बहिष्कार को भी झेलना पड़ेगा। इशरत को रिश्तेदारों और पड़ोसियों की आलोचना झेलनी पड़ रही है। 
विज्ञापन


पढ़ें: ये हैं पांच महिलाएं जिन्होंने बदल दिया तीन तलाक का इतिहास
विज्ञापन
विज्ञापन


पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली इशरत को उसके पति ने दुबई से फोन पर तलाक दे दिया था। इतना ही नहीं उसके पति ने चारों बच्चों को उससे छीन लिया। इसके बाद पति ने दूसरी शादी कर ली और उसे यूं ही बेसहारा छोड़ दिया। इशरत ने याचिका दायर कर तीन तलाक को असंवैधानिक और मुस्लिम महिलाओं के गौरवपूर्ण जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन बताया था

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इशरत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मेरे ससुराल के लोग और पड़ोसी मेरे चरित्र को लेकर टिप्पणी करते हैं। लोग मुझे गंदी औरत कहने लगे हैं। यहां तक की कई पड़ोसियों ने तो मुझसे बात तक करना बंद कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed