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शशिकला जाएंगी जेल, इसके बाद क्या-क्या हो सकता है तमिलनाडु में
बीबीसी हिंदी
Updated Tue, 14 Feb 2017 01:49 PM IST
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SASIKALA
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शशिकला जेल जाएंगी। अब वहां की राजनीति में क्या-क्या हो सकता है?
*शशिकला अब मुख्यमंत्री नहीं बन सकती। वो अगले 10 सालों तक न कोई चुनाव लड़ सकती हैं, न किसी सरकारी पद पर रह सकती हैं लेकिन माना जा रह है कि जयललिता के भाई जे जयकुमार के बेटे दीपक को एआईएडीएमक विधानसभा दल का नेता चुना जा सकता है ताकि सत्ता पर शशिकला की पकड़ बनी रहे।
* ये भी कहा जा रहा है कि शशिकला जन संसाधन मंत्री ईके पल्लानिस्वामी या पार्टी के नेता सिंगोटियन को अपने गुट के विधायक दल का नेता बना सकती हैं।
* इस फ़ैसले के आने के बाद पनीरसेल्वम की स्थिति मज़बूत होगी और जो विधायक पहले शशिकला गुट में थे वो अब पनीरसेल्वम के साथ आ सकते हैं। पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बनने के लिए 234 सीटों वाली विधानसभा में 118 विधायकों का समर्थन ज़रूरी है।
* पिछले कुछ दिनों में तमिलनाडु के राज्यपाल विद्यासागर राव की आलोचना हुई है कि उन्होंने शशिकला को मुख्यमंत्री पद का शपथ दिलाने और उनसे विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रण भेजने में बहुत देरी की है। आलोचकों के अनुसार जिस किसी को विधायक दल का नेता चुना जाता है, परंपरा यही है कि राज्यपाल को उसे शपथ दिलाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।
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*लोगों की निगाह चेन्नई के गोल्डेन बे रेजॉर्ट पर भी होगी जहां पर बड़ी संख्या में शशिकला गुट के विधायक रह रहे हैं। देखना होगा कि वहां विधायकों का क्या रुख रहता है।
*एआएडीएमके के कई कार्यकर्ता शशिकला से नाराज़ थे क्योंकि उनका मानना था कि शशिकला ने उन्हें 'अम्मा' जयललिता से दूर रखा था। जबसे शशिकला को विधायक दल का नेता चुना गया था, पार्टी कार्यकर्ताओं में इसे लेकर असंतोष था और कई तो खुलकर पनीरसेल्वम के समर्थन में आ गए थे जिसके कारण शशिकला के नज़दीकी मंत्री भी पनीरसेल्वम के नज़दीक आ गए।
* कुछ ही देर में शशिकला पुलिस के सामने सरेंडर कर सकती हैं। पुलिस उस रिजॉर्ट में पहुंच चुकी है जहां शशिकला विधायकों के साथ बैठक कर रही हैं।
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*शशिकला अब मुख्यमंत्री नहीं बन सकती। वो अगले 10 सालों तक न कोई चुनाव लड़ सकती हैं, न किसी सरकारी पद पर रह सकती हैं लेकिन माना जा रह है कि जयललिता के भाई जे जयकुमार के बेटे दीपक को एआईएडीएमक विधानसभा दल का नेता चुना जा सकता है ताकि सत्ता पर शशिकला की पकड़ बनी रहे।
* ये भी कहा जा रहा है कि शशिकला जन संसाधन मंत्री ईके पल्लानिस्वामी या पार्टी के नेता सिंगोटियन को अपने गुट के विधायक दल का नेता बना सकती हैं।
* इस फ़ैसले के आने के बाद पनीरसेल्वम की स्थिति मज़बूत होगी और जो विधायक पहले शशिकला गुट में थे वो अब पनीरसेल्वम के साथ आ सकते हैं। पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बनने के लिए 234 सीटों वाली विधानसभा में 118 विधायकों का समर्थन ज़रूरी है।
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* पिछले कुछ दिनों में तमिलनाडु के राज्यपाल विद्यासागर राव की आलोचना हुई है कि उन्होंने शशिकला को मुख्यमंत्री पद का शपथ दिलाने और उनसे विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रण भेजने में बहुत देरी की है। आलोचकों के अनुसार जिस किसी को विधायक दल का नेता चुना जाता है, परंपरा यही है कि राज्यपाल को उसे शपथ दिलाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।
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*लोगों की निगाह चेन्नई के गोल्डेन बे रेजॉर्ट पर भी होगी जहां पर बड़ी संख्या में शशिकला गुट के विधायक रह रहे हैं। देखना होगा कि वहां विधायकों का क्या रुख रहता है।
*एआएडीएमके के कई कार्यकर्ता शशिकला से नाराज़ थे क्योंकि उनका मानना था कि शशिकला ने उन्हें 'अम्मा' जयललिता से दूर रखा था। जबसे शशिकला को विधायक दल का नेता चुना गया था, पार्टी कार्यकर्ताओं में इसे लेकर असंतोष था और कई तो खुलकर पनीरसेल्वम के समर्थन में आ गए थे जिसके कारण शशिकला के नज़दीकी मंत्री भी पनीरसेल्वम के नज़दीक आ गए।
* कुछ ही देर में शशिकला पुलिस के सामने सरेंडर कर सकती हैं। पुलिस उस रिजॉर्ट में पहुंच चुकी है जहां शशिकला विधायकों के साथ बैठक कर रही हैं।
क्या और कैसे हुआ ये फैसला
जयललिता
आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की दोस्त वीके शशिकला को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी करार दिया है। शशिकला पर आरोप था कि नब्बे के दशक में जब जयललिता मुख्यमंत्री थी, तब उन्होंने जयललिता को ग़ैरकानूनी धन इकट्ठा करने में मदद की।
बेंगलुरू की एक ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2014 में उन्हें आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दिया था और चार साल की जेल के साथ 100 करोड़ जुर्माने की सज़ा सुनाई थी जिसके कारण जयललिता को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था।
भाजपा नेता राम माधव ने ट्वीट किया, "गवर्नर ने फ़ैसले का इंतज़ार कर सही किया." इस मामले में विशेष पब्लिक प्रोसेक्यूटर रहे बीवी आचार्य ने कहा, "न्याय हुआ है।