Rahul Gandhi: लोकसभा सदस्यता बहाली के बाद क्या 'INDIA' के लिए 'अंगद का पैर' साबित होंगे राहुल!
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल हो गई है। कांग्रेस पार्टी सहित विपक्षी दलों के 'गठबंधन' में जश्न का माहौल है। संसद में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। पीएम मोदी इस पर जवाब दे सकते हैं। जहां पहले राहुल गांधी की अनुपस्थिति में सोनिया गांधी एवं मल्लिकार्जुन खरगे, अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की रणनीति बना रहे थे, अब सदन में 'राहुल गांधी' की आवाज मजबूती से गूंजेगी। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कहा है कि अब संसद में फिर से जनता की आवाज गूंजेगी। देश हित के सवाल पूछे जाएंगे। राजनीतिक जानकारों ने राहुल की लोकसभा सदस्यता बहाल होने की खबर को विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' के लिए 'अंगद का पैर', की तरह माना है। संसद में राहुल की मौजूदगी न केवल कांग्रेस, बल्कि 'इंडिया' के लिए भी बहुत मायने रखती है।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद 'इंडिया' के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे। हालांकि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे के माध्यम से 'इंडिया' में शामिल सभी दलों के साथ संपर्क में रहे। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद राहुल गांधी ने लालू प्रसाद के घर पर डिनर किया था। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, उस दौरान इंडिया गठबंधन को लेकर दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई थी। 'इंडिया' में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर बातचीत हुई। इसके अलावा संसद में अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की थी। कांग्रेस पार्टी के अलावा 'इंडिया' में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होना, इसका सीधा अर्थ 'अंगद का पैर', जैसा है। राहुल गांधी, न केवल सदन में, बल्कि लोगों के बीच जाकर 'इंडिया' की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने से लोगों का भारतीय लोकतंत्र और न्यायपालिका के प्रति विश्वास बढ़ा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है, न्याय की जीत हुई है। लोकतंत्र के गलियारे में फिर सुनाई देगी सत्य की दहाड़। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, बधाई हो 'इंडिया'। मतलब साफ था कि राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होने से विपक्षी दलों के गठबंधन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने लिखा, आज न्याय के चौखट पर सच्चाई की ताकत से, करोड़ों देशवासियों के हौसलों और उम्मीदों की जीत हुई है। संविधान के सच्चे रखवाले की जीत हुई है। जो लोग ये सोचते थे कि राहुल गांधी की सदस्यता छीनकर और खुद संसद से भागकर, देश की आवाज दबा देंगे, उनके लिए एक बड़ा सबक है। अंधेरा लाख घना हो, सूरज की रौशनी को रोक नहीं सकता। हर अंधेरे से लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' का दूसरा चरण जल्द शुरू हो सकता है। इसके लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा रूट और कार्यक्रम तय किया जा रहा है। पिछली बार भी कई विपक्षी दलों के नेता राहुल गांधी की यात्रा में शामिल हुए थे। अबकी बार इंडिया में शामिल सभी दलों को यात्रा का न्योता दिया जाएगा। राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होने के बाद सोमवार से ही संसद में विपक्षी दलों का हमला तेज हो सकता है। राहुल ने मणिपुर के हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया था। अब वे सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग ले सकते हैं। राहुल गांधी ने मणिपुर की यात्रा से पहले और उसके बाद, मोदी सरकार को घेरा था। यूरोपीय संसद में मणिपुर की स्थिति पर प्रस्ताव लाए जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था, ईयू संसद में भारत के आंतरिक मामले पर चर्चा होती है, लेकिन पीएम ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। अब सदन में मणिपुर और दूसरे मुद्दों पर राहुल की आक्रामता देखले को मिलेगी।