'सरकार' से बाहर होने के बाद अब यहां रहेंगे माणिक, बहन को दान कर चुके हैं अपना मकान
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माणिक सरकार की छवि देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री के तौर पर रही। अपनी सैलेरी का ज्यादातर हिस्सा वह पार्टी को समर्पित कर देते थे। सरकार से बाहर जाने के बाद अब उनके पास अपना खुद का आवास तक नहीं है। ऐसे में माणिक अपनी पत्नी के संग पार्टी के दफ्तर में रहेंगे। सीपीएम के दफ्तर के ऊपर दो कमरों का फ्लैट है जहां माणिक अपनी पत्नी संग रहेंगे।
माणिक की पत्नी केंद्रीय कर्मचारी हैं। माणिक ने अपना पैतृक आवास अपनी बहन को दान कर दिया था। त्रिपुरा सीपीएम के सेक्रेटरी ने बताया कि पार्टी के दफ्तर के ऊपर बनाए गए फ्लैट में न्यूनतम जरूरतों के सभी सामान मौजूद हैं। माणिक की तरह हमारे ज्यादातर नेता सादा जीवन जीते हैं। उन्होंने बताया कि माणिक पहले भी पार्टी दफ्तर में रह चुके हैं। त्रिपुरा के कुछ पूर्व मंत्री विधायक आवास में शिफ्ट हुए हैं। तो वहीं सीपीआईएम के तीन विधायक माणिक डे, नरेश जमातिया और मणेंद्र रिएंग अपने गांवों की तरफ लौट गए हैं।
माणिक सरकार के पार्टी दफ्तर में रहने पर त्रिपुरा की कमान संभालने जा रहे बिप्लब देब ने कहा है कि माणिक सरकार को सरकारी आवास और दूसरी सुविधाएं पाने का हक है। विपक्ष के नेता को कैबिनेट स्तर की सुविधाएं मिलती हैं। उनके लिए सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
आपको बता दें बतौर मुख्यमंत्री, माणिक सरकार की संपत्ति देश के अन्य मुख्यमंत्रियों के मुकाबले बेहद कम थी। वह न सिर्फ अपनी सैलेरी का ज्यादा हिस्सा पार्टी को दान कर देते थे बल्कि सरकार द्वारा मिलने वाली ज्यादातर सुविधाएं भी नहीं लेते थे।