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शाह के कार्यक्रम में बवाल से डरी बीजेपी ने रूपानी के कार्यक्रम में बंधवा दीं कुर्सियां

Mon, 12 Sep 2016 12:49 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 12 Sep 2016 12:49 PM IST
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After chaos at Surat meet, organisers of CM Vijay Rupani’s event tie chairs together
indian express - फोटो : Express Photo

गुजरात के सूरत में बीजेपी अध्यक्ष के कार्यक्रम में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के प्रदर्शनकारियों द्वारा कुर्सियां फेंके जाने के बाद बीजेपी अब सतर्क हो गई है। सूरत जैसी घटना दोबारा न हो इसलिए रविवार को जसदान में मल्टी-स्पेशिलिटी अस्पताल के शिलान्यास में पहुंचे मुख्यमंत्री विजय रूपानी के कार्यक्रम में कुर्सियों को बांधकर रखा गया। कड़ी सुरक्षा में हुए अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम में 25,000 लोग आए। कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन या कोई व्यवधान न आए इसलिए समारोह में जाने की कोशिश कर रहे 25 पाटीदारों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। कार्यक्रम में केवल गिनी-चुनी कुर्सियों को रखा गया था। बड़ी तादाद में लोगों को कालीन पर बैठाया गया। 

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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक व्यापारियों के संगठन पाटीदार अभिवादन समिति ने  8 सितंबर को अमित शाह और बीजेपी के पाटीदार नेताओं को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम रखा था। गुजरात में अगले साल चुनाव होने वाले हैं और कार्यक्रम भी चुनाव के मद्देनजर रखा गया था। शाह के इस कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियां फेंकी और तोड़फोड़ भी की 'हार्दिक' 'हार्दिक' सहित 'जय सरदार जय पाटीदार' के नारे भी लगाए। विरोध के चलते अमित शाह और रूपानी को अपना भाषण बीच में स्थगित करना पड़ा था।
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गुजरात हिटलर के शासन में है

After chaos at Surat meet, organisers of CM Vijay Rupani’s event tie chairs together
जसदान में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भाषण संक्षिप्‍त रखते हुए कहा,'नरेंद्र भाई की तरह मैं भी जसदान और विछिया के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए खास ध्यान रखूंगा।'

जसदान में कार्यक्रम के बाद, जसदान पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर आरएन करमतिया ने कहा अप्रिय घटना न हो इसलिए लगभग 25 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। कुर्सियां बांधकर रखने पर जब उनसे पूछा गया तो सब इंस्पेक्टर ने कहा उन्हें इस बारे में पता नहीं है। अगर कुर्सियों को बांधकर रखा गया है तो सूरत जैसे हालात न हो इसलिए रखा होगा।

25 पाटीदारों को हिरासत में लिए जाने पर सौराष्ट्र के पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के संयोजक नीलेश अरवदिया ने कहा,'गुजरात हिटलर के शासन में है। पुलिस ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के सदस्यों को हिरासत में लिया और उन्हें कार्यक्रम में जाने की अनुमति नहीं दी गई। वे कोई केस नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमें हमारे विचार भी नहीं रखने दिए जा रहे हैं।'
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